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Saharanpur: फर्जीवाड़ा कर ऋण पर ली कारों बेचेने वाले नौ गिरफ्तार, पीएनबी का मैनेजर भी हत्थे चढ़ा

Sat, 14 May 2022 05:49 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 14 May 2022 05:49 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने बैंक से लोन लेकर कार खरीदकर बेचने वाले गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

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Saharanpur: Gang used to sell cars after taking loan from bank, police arrested nine accused
बरामद कारें व गिरफ्तार आरोपी - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम को फर्जी तरीके से बैंक से लोन लेकर कार खरीदकर लोगों को बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

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नगर कोतवाली पुलिस और एसओजी ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो ऋण पर ली गई लग्जरी कारों को अवैध तरीके से बेच देते थे। इनमें एक पीएनबी का बैंक मैनेजर भी है। आरोपियों के पास 14 कारें भी बरामद हुई है। इनके कुछ साथी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी को पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। 

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पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति ने नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके साथ फर्जीवाड़ा हुआ है। उसे बैंक से ऋण पर ली गई कार धोखाधड़ी से बेची गई है। तब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। आरोपियों ने अंबाला रोड पर बालाजी मोटर कार सेल्स के नाम से कार्यालय भी बना रखा है।

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एसपी सिटी ने बताया कि शनिवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि नामजद आरोपी ढमोला नदी की तरफ से पहलवान पीर की तरफ कार से जा रहे हैं। इसके बाद नगर कोतवाली इंस्पेक्टर अशोक सोलंकी और एसओजी प्रभारी मुबारिक हसन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
 

उन्होंने घेराबंदी कर पांच आरोपियों को कार के साथ पकड़ लिया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनके चार अन्य साथी को नन्हेड़ा गुर्जर रेलवे लाइन के पास खड़े हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उनको भी दबोच लिया, जबकि दो आरोपी भागने में कामयाब हो गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से 14 कारें बरामद की हैं, जो बैंकों से ऋण लेकर खरीदी गई थी। 


एसपी सिटी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों से पता चला कि यह लोग अपने और अपने परिचितों के नाम पर गाड़ियों ऋण पर खरीदते थे, जबकि दिल्ली रोड स्थित पीएनबी की शाखा का मैनेजर राजीव माहेश्वरी निवासी माधवनगर से मिलकर डीडी किसी और के नाम बनवा लेते थे। डीडी या फिर बिल पर हाई परचेज नहीं लिखवाते हैं।

 

इसके बाद गाड़ी की आरसी और बिल पर ऋण होने की जानकारी हटवा देते थे। इसके बाद गाड़ी को बेच देते थे। आरोपी एक वर्ष तक गाड़ी की किश्त देते हैं, ताकि खरीददार को यह न लगे कि गाड़ी पर कोई ऋण चल रहा है। इसके बाद आरोपी गायब हो जाते जाते थे। जब खरीददार को गाड़ी की किश्त देनी पड़ती तो उसे पता चलता है कि गाड़ी पर ऋण पर ली गई थी।

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ये आरोपी दबोचे 
बादल पुत्र राजेश निवासी खलासी लाइन, दुर्गापुरी कोतवाली सदर बाजार, सहारनपुर
सिद्घार्थ सिरोही पुत्र अनिल कुमार निवासी प्रेमविहार दिल्ली रोड, कोतवाली सदर बाजार, सहारनपुर
बिन्नी पुत्र पुरूषोत्तम डंग निवासी न्यू पटेल नगर, कोतवाली थाना सदर बजार
 राजीव महेश्वरी पुत्र स्व. राधेश्याम महेश्वरी निवासी माधवनगर नगर, कोतवाली सहारनपुर 
मनीष पुत्र गुलशन निवासी वेस्ट सागरपुर, थाना सागरपुर साउथ वेस्ट, नई दिल्ली
 सोनू उर्फ सुनील पुत्र तिलकराज निवासी ज्वालानगर गली नंबर तीन ,थाना नगर कोतवाली, सहारनपुर
आशीष कुमार पुत्र सुरेंद्र कुमार निवासी गांव शेखपुरा, थाना खतौली, मुजफ्फरनगर
रोहित पुत्र अशोक कुमार निवासी कैलाश पुरी एक्सटेन्शन, पालम कालोनी, नई दिल्ली
पंकज गुजराल पुत्र अश्वनि कुमार गुजराल निवासी श्याम नगर कालोनी भूतेश्वर कोतवाली मंडी, सहारनपुर 

फरार आरोपी 
राजीव पाठक निवासी फरीदाबाद, हरियाणा
मयंक पुत्र राजेश निवासी मुक्ति वाड़ा रेवाड़ी, हरियाणा

कई बैंक और आरटीओ कर्मचारी भी रडार पर 
पुलिस ने  नौ आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस गैंग में कई अन्य लोगों के शामिल होने की भी आशंका है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में कई बैंक अधिकारियों, आरटीओ कर्मचारियों और कार कंपनियों के कर्मचारियों की भी गर्दन फंस सकती है। क्योंकि, आरसी पर ऋण के नंबर हटवाने में इन सभी मिलीभगत होती है। पुलिस इस लाइन पर भी जांच कर रही है। एसपी सिटी राजेश कुमार का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

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