UP: दोहरे हत्याकांड में 31 साल बाद आया फैसला, अदालत ने आठ को सुनाई आजीवन कारावास की सजा
Saharanpur News : दोहरे हत्याकांड में 31 साल बाद फैसला आया है। अदालत ने आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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सहारनपुर में छेड़छाड़ के शक में गांव महंगी में पांच अप्रैल 1992 को हुए दोहरे हत्याकांड में अदालत ने आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपियों पर 4.55 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस फैसले से पीड़ित परिवार को राहत मिली है।
बृहस्पतिवार को दोहरे हत्याकांड में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर एससी-एसटी एक्ट की विशेष न्यायधीश सरला दत्ता ने आरोपियों को सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार त्यागी ने बताया कि थाना तीतरो क्षेत्र के गांव महंगी निवासी ब्रजपाल पुत्र भागीरथ ने पांच अप्रैल 1992 को थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले में राकेश, ऋषिपाल, ओमपाल, योगेंद्र, मान सिंह, सुखबीर, नरेश, सतीश, प्रमोद, करण व विनोद कुमार को नामजद किया था। आरोप लगाया था कि योगेंद्र पक्ष ने अपनी पुत्रियों को छेड़ने के शक पर ब्रजपाल के परिजनों पर जानलेवा हमला कर दिया था, जिसमें ब्रजपाल के भाई बलजीत और उसके पुत्र विनोद की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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इनके अलावा परिवार के सदस्य देशराज, बरमी, कंवरपाल व इंदौर घायल हुए थे। 31 साल के दरमियान मामले में कई मोड़ आए और आरोपी जमानत पर रिहा भी हुए थे। पुलिस द्वारा समय रहते चार्जशीट कोर्ट में दाखिल नहीं की गई। तब, पीड़ित परिवार ने अदालत की मदद ली, जिसके बाद अदालत ने आरोपियों और पुलिस को भी तलब किया था। मुकदमें के ट्रायल के दौरान राकेश, ओमपाल, योगेंद्र का निधन हो गया।
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इसके बाद पुलिस ने बचे हुए आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। 31 साल चले इस मामले में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने अब आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपियों 4.55 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।