विज्ञापन
विज्ञापन

मिड डे मिल में बासी रोटी, पानी सी दाल

ब्यूरो, सहारनपुर Updated Sat, 01 Sep 2018 12:06 AM IST
सहारनपुर के एक प्राइमरी स्कूल में बासी रोटी दाल से खाते बच्चे।
सहारनपुर के एक प्राइमरी स्कूल में बासी रोटी दाल से खाते बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
सहारनपुर में मिड-डे मील में दो दिन की बासी रोटियां और बेहद पतली सब्जी परोसने का आरोप लगाते हुए अभिभावकों ने स्कूल में हंगामा किया। कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को रोटियां नहीं खाने दी, जिसकी वजह से भारी मात्रा में मिड-डे मील का भोजन बच गया। शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को फोन पर इसकी सूचना दे दी है।    
विज्ञापन
विज्ञापन
    
नगर निगम की टीम शौचालय की स्थिति देखने के लिए नगर क्षेत्र के गांव चकदेवली स्थित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंची थी। जैसे ही टीम की गाड़ी स्कूल के बाहर जाकर रुकी तो ग्रामीणों ने समझा कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी पहुंचे हैं। ऐसे में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा।

इत्तेफाक से तभी एनजीओ की गाड़ी मिड-डे मील का भोजन लेकर पहुंच गई। एनजीओ की तरफ से भेजे गए मिड-डे मील भोजन में सब्जी और रोटियां थीं। रोटियां सूखी और सब्जी बेहद पतली होने की वजह से ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने टीम के सामने ही शिक्षकों को भला बुरा कहना शुरू कर दिया।

साथ ही अपने बच्चों को रोटियां खाने से साफ मना कर दिया। शिक्षकों ने बताया कि रोटियां मशीन से बनकर आती हैं, जिसकी वजह से वह स्कूल तक पहुंचते पहुंचते सूख जाती हैं। इसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई है। प्रधानाचार्य शाहिद ने बताया कि वह कई बार खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर मिड-डे मील रोटियां सूखी आने की शिकायत कर चुके हैं।      
 
मामले की कराएंगे जांच       
मिड-डे मील समन्वयक अतुल कुमार ने बताया कि मिड-डे मील में लंबे समय से कोई शिकायत नहीं मिली है। रोटियों के बासी होने की बात कही जा रही है, जबकि वह रोटी कुछ घंटे पहले ही बनी हुई थी। उन्होंने बताया कि चूंकि एनजीओ 131 स्कूलों में मिड-डे मील पहुंचाता है। ऐसे में रोटियां मशीन से बनाई जाती हैं। मशीन की रोटी दो से तीन घंटे बाद थोड़ा टाइट हो जाती हैं। यही इस मामले में हुआ है।  
     
गुणवत्ता की कभी भी कर सकते हैं जांच       
एनजीओ के अधिकारी त्रिवेश ने स्कूल में बासी रोटी भेजने के आरोपों को नकारा है। उन्होंने बताया कि उनके एनजीओ की ओर से 131 स्कूलों में मिड-डे मील पहुंचाया जाता है। इतने स्कूलों के लिए हाथों से रोटियां बनाना संभव नहीं है। ऐसे में रोटियों के लिए मशीन लगाई गई है। मशीन से सुबह छह बजे रोटियां बनानी शुरू की जाती हैं। आठ से नौ बजे तक रोटियां स्कूलों में पहुंचती हैं। स्कूल पहुंचते तक तीन घंटे कम से कम लगते हैं। मशीन से बनने और वाहनों में रखकर रोटियां ले जाने से हवा में थोड़ा टाइट हो जाती हैं।

Recommended

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।
UP Board 2019

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।

अक्षय तृतीया पर अपार धन-संपदा की प्राप्ति हेतु सामूहिक श्री लक्ष्मी कुबेर यज्ञ - 07 मई 2019
ज्योतिष समाधान

अक्षय तृतीया पर अपार धन-संपदा की प्राप्ति हेतु सामूहिक श्री लक्ष्मी कुबेर यज्ञ - 07 मई 2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

लोकसभा चुनाव में किस सीट पर बदल रहे समीकरण, कहां है दल बदल की सुगबुगाहट, राहुल गाँधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक रैलियों का रेला, बयानों की बाढ़, मुद्दों की पड़ताल, लोकसभा चुनाव 2019 से जुड़े हर लाइव अपडेट के लिए पढ़ते रहे अमर उजाला चुनाव समाचार।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Meerut

यूपी पुलिस के एएसआई का गजब खेल, 76 लाख के रिकॉर्ड ने खोल दी पोल, जानें क्या है पूरा मामला

सहारनपुर में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में शामली में यातायात पुलिस में तैनात एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण मेरठ इकाई की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

22 अप्रैल 2019

विज्ञापन

अलीगढ़ के रोडवेज दफ्तर में छलके जाम, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अलीगढ़ डिपो में कर्मचारियों के शराब पीने का वीडियो हुआ वायरल। देखें वीडियो।

21 अप्रैल 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election