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बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में बताने से बचते रहे क्षेत्रवासी
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बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में बताने से बचते रहे क्षेत्रवासी
सहारनपुर। बांग्लादेशी नागरिकों का परिवार सिंभालकी जुनारदार से पहले लंबे समय तक कमेला कॉलोनी में रहा था। एटीएस की टीम ने इनको गिरफ्तार कर जो फर्जी प्रमाणपत्र बरामद किए हैं वह भी कमेला कॉलोनी के ही पते पर बनवाए गए। बावजूद क्षेत्रवासी इन नागरिकों के परिवार और मकान तक की जानकारी देने से बचते रहे।
एटीएस की ओर से दोनों नागरिकों का स्थानीय पता मकान नंबर 12/17, गली नंबर दो कमेला कॉलोनी निकट बिलाल मस्जिद बताया गया। इसी पते को तलाशने की कोशिश की गई तो कमेला कॉलोनी में गली नंबर दो भी मिली और बिलाल मस्जिद भी, लेकिन उक्त मकान नंबर की तस्दीक किसी ने नहीं की। मंडी कोतवाली से निर्यात निगम चौकी के प्रभारी सुनील कुमार से लेकर अन्य पुलिसकर्मियों की टीम भी इस मकान और बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में जानकारी खंगालने पहुंची।
ज्यादातर मकानों पर नंबर ही अंकित नहीं
- कमेला कॉलोनी नगर निगम के वार्ड 65 में आती है। कॉलोनी में राजकीय स्कूल के पास सड़क पर ही वार्ड के पार्षद शाहिद कुरैशी का बोर्ड लगा हुआ है। इसी बोर्ड के सामने गली नंबर दो बताई जाती है। गली में प्रवेश करते ही पार्षद का आवास है और गली के अंदर कुछ दूरी पर बिलाल मस्जिद है। वहां मकान संख्या 12/17 की सीरीज ही नहीं है। ज्यादातर मकान तो ऐसे हैं जिन पर वार्ड या गली का कोई नंबर तक नहीं है।
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रहते होंगे, हमें तो मालूम नहीं
- बिलाल मस्जिद के सामने ही नदीम की डेयरी है। वे इस मस्जिद के मुतवल्ली भी रहे हैं। उनसे पूछा गया तो कहा कि उनकी गली का नंबर तो 8/5 आता है। बांग्लादेशी नागरिकों के मकान इस मस्जिद के आसपास ही नहीं हैं। हो सकता है कि पूछताछ में गलत बताए गए हों। उन्होंने बताया कि डेयरी कई साल से है। यहां कितने ही लोग किराए पर आते और जाते रहते हैं। कॉलोनी के ही पासा और सलीम सहित अन्य लोग हैरानी जताते रहे, लेकिन बांग्लादेशी नागरिक इकबाल और फारुख से परिचय से इनकार किया। यह जरूर कहा कि पुलिस टीमें भी कई बार आकर पूछ चुकी हैं।
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अभी पता नहीं, सूची चेक करवाएंगे : पार्षद
- पार्षद शाहिद ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनके वार्ड की कमेला कॉलोनी में गली नंबर दो और बिलाल मस्जिद है। उनके बताए गए मकान और मालिक के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जाएगी।
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सहारनपुर। बांग्लादेशी नागरिकों का परिवार सिंभालकी जुनारदार से पहले लंबे समय तक कमेला कॉलोनी में रहा था। एटीएस की टीम ने इनको गिरफ्तार कर जो फर्जी प्रमाणपत्र बरामद किए हैं वह भी कमेला कॉलोनी के ही पते पर बनवाए गए। बावजूद क्षेत्रवासी इन नागरिकों के परिवार और मकान तक की जानकारी देने से बचते रहे।
एटीएस की ओर से दोनों नागरिकों का स्थानीय पता मकान नंबर 12/17, गली नंबर दो कमेला कॉलोनी निकट बिलाल मस्जिद बताया गया। इसी पते को तलाशने की कोशिश की गई तो कमेला कॉलोनी में गली नंबर दो भी मिली और बिलाल मस्जिद भी, लेकिन उक्त मकान नंबर की तस्दीक किसी ने नहीं की। मंडी कोतवाली से निर्यात निगम चौकी के प्रभारी सुनील कुमार से लेकर अन्य पुलिसकर्मियों की टीम भी इस मकान और बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में जानकारी खंगालने पहुंची।
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ज्यादातर मकानों पर नंबर ही अंकित नहीं
- कमेला कॉलोनी नगर निगम के वार्ड 65 में आती है। कॉलोनी में राजकीय स्कूल के पास सड़क पर ही वार्ड के पार्षद शाहिद कुरैशी का बोर्ड लगा हुआ है। इसी बोर्ड के सामने गली नंबर दो बताई जाती है। गली में प्रवेश करते ही पार्षद का आवास है और गली के अंदर कुछ दूरी पर बिलाल मस्जिद है। वहां मकान संख्या 12/17 की सीरीज ही नहीं है। ज्यादातर मकान तो ऐसे हैं जिन पर वार्ड या गली का कोई नंबर तक नहीं है।
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रहते होंगे, हमें तो मालूम नहीं
- बिलाल मस्जिद के सामने ही नदीम की डेयरी है। वे इस मस्जिद के मुतवल्ली भी रहे हैं। उनसे पूछा गया तो कहा कि उनकी गली का नंबर तो 8/5 आता है। बांग्लादेशी नागरिकों के मकान इस मस्जिद के आसपास ही नहीं हैं। हो सकता है कि पूछताछ में गलत बताए गए हों। उन्होंने बताया कि डेयरी कई साल से है। यहां कितने ही लोग किराए पर आते और जाते रहते हैं। कॉलोनी के ही पासा और सलीम सहित अन्य लोग हैरानी जताते रहे, लेकिन बांग्लादेशी नागरिक इकबाल और फारुख से परिचय से इनकार किया। यह जरूर कहा कि पुलिस टीमें भी कई बार आकर पूछ चुकी हैं।
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अभी पता नहीं, सूची चेक करवाएंगे : पार्षद
- पार्षद शाहिद ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनके वार्ड की कमेला कॉलोनी में गली नंबर दो और बिलाल मस्जिद है। उनके बताए गए मकान और मालिक के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जाएगी।