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Saharanpur News: लैब से ली रिपोर्ट, एआई से पूछ रहे बीमारी और दवा
Tue, 24 Feb 2026 12:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 24 Feb 2026 12:52 AM IST
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सहारनपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चैट बॉट को पैथोलॉजी रिपोर्ट, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन की रिपोर्ट भेजकर लोग बीमारी और दवा के बारे में पूछ रहे हैं। एआई रिपोर्ट के आधार पर सुझाव दे रहा है। चिकित्सक की तरह जांच की भी सलाह देता है। हालांकि, चिकित्सकों का कहना है कि एआई डॉक्टर नहीं बल्कि डाटा बैंक है। वह फीड आंकड़ों पर समरी बताता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल फोटो बनाने से लेकर अन्य कई मामलों में किया जा रहा है। चिकित्सक की सलाह लेने के बाद लोग पैथोलॉजी से आने वाली जांच रिपोर्ट में भी एआई का सहारा ले रहे हैं। काफी लोग ऐसे हैं, जो अपनी पैथोलॉजिकल रिपोर्ट एआई को सेंड कर रहे हैं, उन्हें रिपोर्ट के आधार पर एआई सुझाव दे रहा है। वह यह भी बताता है कि जो दवा चिकित्सक लिख रहे हैं, उसके क्या साइड इफेक्ट्स हैं। इसके अलावा अभी दवा की जरूरत है या परहेज से काम चल जाएगा। चिकित्सकों का कहना है कि एआई को रिपोर्ट भेजने का तरीका ठीक नहीं है। एआई फीड आंकड़ों के आधार पर ही आपको संदेश दे देता है, उससे नुकसान भी हो रहा है। एआई का इस्तेमाल वहीं करेंगे, जहां उसकी जरूरत हो।
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-- मेडिकल रिपोर्ट में एआई का प्रयोग करना गलत
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कलीम अहमद बताते हैं कि एआई को डॉक्टर की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। वह सिर्फ डाटा बैंक है। बहुत सी बीमारियों की डायग्नोसिस बातचीत के आधार पर बनती है। रोगी इलाज में प्रयोग न करें। यह नुकसान पहुंचा सकता है।
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-- रोगियों के लिए नहीं एआई
एसबीडी जिला अस्पताल के जनरल फिजीशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा का कहना है कि पैथोलॉजी लैब से आने वाली रिपोर्ट चिकित्सक को ही दिखाएं। उसके आधार पर ही इलाज शुरू होता है। एआई रोगियों के लिए नहीं है। एआई क्लीनिकल साइन नहीं समझ सकता है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल फोटो बनाने से लेकर अन्य कई मामलों में किया जा रहा है। चिकित्सक की सलाह लेने के बाद लोग पैथोलॉजी से आने वाली जांच रिपोर्ट में भी एआई का सहारा ले रहे हैं। काफी लोग ऐसे हैं, जो अपनी पैथोलॉजिकल रिपोर्ट एआई को सेंड कर रहे हैं, उन्हें रिपोर्ट के आधार पर एआई सुझाव दे रहा है। वह यह भी बताता है कि जो दवा चिकित्सक लिख रहे हैं, उसके क्या साइड इफेक्ट्स हैं। इसके अलावा अभी दवा की जरूरत है या परहेज से काम चल जाएगा। चिकित्सकों का कहना है कि एआई को रिपोर्ट भेजने का तरीका ठीक नहीं है। एआई फीड आंकड़ों के आधार पर ही आपको संदेश दे देता है, उससे नुकसान भी हो रहा है। एआई का इस्तेमाल वहीं करेंगे, जहां उसकी जरूरत हो।
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वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कलीम अहमद बताते हैं कि एआई को डॉक्टर की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। वह सिर्फ डाटा बैंक है। बहुत सी बीमारियों की डायग्नोसिस बातचीत के आधार पर बनती है। रोगी इलाज में प्रयोग न करें। यह नुकसान पहुंचा सकता है।
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एसबीडी जिला अस्पताल के जनरल फिजीशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा का कहना है कि पैथोलॉजी लैब से आने वाली रिपोर्ट चिकित्सक को ही दिखाएं। उसके आधार पर ही इलाज शुरू होता है। एआई रोगियों के लिए नहीं है। एआई क्लीनिकल साइन नहीं समझ सकता है।