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विदेश में रामकेला आम की मांग बरकरार
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सहारनपुर। जनपद के रामकेला आम ने यूनाइटेड किंगडम में धूम मचा रखी है। सीजन समाप्त होने वाला है, लेकिन रामकेला की मांग अभी आ रही है। विगत वर्ष जनपद से जहां मात्र 19 टन रामकेला आम का निर्यात हुआ था। इस बार अब तक यह मात्रा 32 टन तक पहुंच गई है। तीन टन की एक खेप के सोमवार तक जाने की संभावना है।
जनपद से प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में आम का निर्यात होता है। इनमें दशहरी, चौसा, लंगड़ा, गुलाब जामुन आदि आम की प्रजातियों को विदेशों में खासा पसंद किया जाता है। इस बार यूके से अचार और चटनी के लिए प्रयोग होने वाले रामकेला आम की मांग काफी अधिक रही है। अभी तक 32 टन रामकेला आम का निर्यात हो चुका है, जबकि इस बार मैंगो पैक हाउस से आम का कुल निर्यात 41.84 टन हुआ है। इसमें दशहरी, चौसा, देशी और लंगड़ा आम शामिल हैं। मैंगो पैक हाउस से इस बार यूनाइटेड किंगडम, इटली और नेपाल आदि देशों में आम का निर्यात किया गया।
रामकेला की मांग अधिक
इस बार यूके में रामकेला आम की मांग विगत वर्षों से अधिक है। अचार और चटनी के प्रयोग में आने वाला अफ्रीकी आम इस बार यूके में कम आया है। इसके चलते भारतीय रामकेला आम की मांग अधिक है, क्योंकि यह स्वाद में उससे बेहतर है। सोमवार को भी तीन टन रामकेला यूके भेजा जाएगा। - हरजीत सिंह ढिल्लन, निर्यातक।
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रामकेला का हो चुका 32 टन निर्यात
मैंगो पैक हाउस से अब तक 41.84 टन आम का निर्यात हो चुका है। इसमें से 32 टन रामकेला का निर्यात हुआ है। इसके अलावा दशहरी, लंगड़ा, चौसा, देशी और गुलाब जामुन आदि प्रजातियों के आम भी विदेश भेजे गए। - डीसी गुप्ता, प्रबंधक, मैंगो पैक हाउस।
आम का निर्यात
वर्ष ------------- निर्यात
2018 --------- 36.1595 टन
2019 --------- 72.7859 टन
2020 --------- 26.8001 टन
2021 (अब तक) - 41.8400 टन
नोट: मंडी समिति के आंकड़ों के अनुसार।
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जनपद से प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में आम का निर्यात होता है। इनमें दशहरी, चौसा, लंगड़ा, गुलाब जामुन आदि आम की प्रजातियों को विदेशों में खासा पसंद किया जाता है। इस बार यूके से अचार और चटनी के लिए प्रयोग होने वाले रामकेला आम की मांग काफी अधिक रही है। अभी तक 32 टन रामकेला आम का निर्यात हो चुका है, जबकि इस बार मैंगो पैक हाउस से आम का कुल निर्यात 41.84 टन हुआ है। इसमें दशहरी, चौसा, देशी और लंगड़ा आम शामिल हैं। मैंगो पैक हाउस से इस बार यूनाइटेड किंगडम, इटली और नेपाल आदि देशों में आम का निर्यात किया गया।
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रामकेला की मांग अधिक
इस बार यूके में रामकेला आम की मांग विगत वर्षों से अधिक है। अचार और चटनी के प्रयोग में आने वाला अफ्रीकी आम इस बार यूके में कम आया है। इसके चलते भारतीय रामकेला आम की मांग अधिक है, क्योंकि यह स्वाद में उससे बेहतर है। सोमवार को भी तीन टन रामकेला यूके भेजा जाएगा। - हरजीत सिंह ढिल्लन, निर्यातक।
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रामकेला का हो चुका 32 टन निर्यात
मैंगो पैक हाउस से अब तक 41.84 टन आम का निर्यात हो चुका है। इसमें से 32 टन रामकेला का निर्यात हुआ है। इसके अलावा दशहरी, लंगड़ा, चौसा, देशी और गुलाब जामुन आदि प्रजातियों के आम भी विदेश भेजे गए। - डीसी गुप्ता, प्रबंधक, मैंगो पैक हाउस।
आम का निर्यात
वर्ष ------------- निर्यात
2018 --------- 36.1595 टन
2019 --------- 72.7859 टन
2020 --------- 26.8001 टन
2021 (अब तक) - 41.8400 टन
नोट: मंडी समिति के आंकड़ों के अनुसार।