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ग्राम पंचायतों में नर्सरी विकसित किए जाने की तैयारी
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सहारनपुर में की जा रही नर्सरी।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जनपद की 884 ग्राम पंचायतों में नर्सरी विकसित किए जाने की तैैयारी कर ली गई है। इसके पहले चरण में हुए सर्वे में 321 ग्राम पंचायतों में जगह चिह्नित की गई। इन जगहों पर मनरेगा के तहत कार्य होगा। पौध तैयार करने की जिम्मेदारी 800 स्वयं सहायता समूहों को दी गई है। ताकि स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को रोजगार मिले।
जनवरी तक सभी ग्राम पंचायतों में नर्सरी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी ग्राम समाज और सिंचाई विभाग की भूमि चिह्नित की गई है। अब नर्सरियां विकसित कराने में जिला विकास व जिला पंचायत राज विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेगा। नर्सरी विकसित करने में मनरेगा के श्रमिक काम करेंगे। इसके साथ ही जनपद में कार्य कर रहे करीब 800 स्वयं सहायता समूह नर्सरियों की देखरेख करेंगे। इनको सरकार की ओर से विभिन्न पौधे तैयार करने के लिए बीज उपलब्ध कराया जाएगा। पौधा बिकने पर जो पैसा आएगा, वह स्वयं सहायता समूहों को ही मिलेगा। नर्सरी बनाए जाने के कार्य को अंतिम रूप दिया गया है।
यह पौध होंगी तैयार
नर्सरी में स्वयं सहायता समूहों द्वारा आम, अमरूद, नींबू, लीची, आडू, शहतूत, चीकू, बरगद, गेंदा, गुलाब, सदाबहार, सूरजमुखी, चमेली का फूल सहित अनेक तरह की पौध तैयार की जाएंगी।
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- नर्सरी बनाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। सर्वे के तहत जगह भी चिह्नित की गई है। मनरेगा के श्रमिकों के जरिए काम कराया जाएगा। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह नर्सरी विकसित कराएंगे। इसको लेकर स्वयं सहायता समूहों को जिम्मेदारी दे दी गई है। विभाग का लक्ष्य है कि जनवरी तक सभी ग्राम पंचायतों में नर्सरी विकसित कर ली जाए। -विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
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जनवरी तक सभी ग्राम पंचायतों में नर्सरी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी ग्राम समाज और सिंचाई विभाग की भूमि चिह्नित की गई है। अब नर्सरियां विकसित कराने में जिला विकास व जिला पंचायत राज विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेगा। नर्सरी विकसित करने में मनरेगा के श्रमिक काम करेंगे। इसके साथ ही जनपद में कार्य कर रहे करीब 800 स्वयं सहायता समूह नर्सरियों की देखरेख करेंगे। इनको सरकार की ओर से विभिन्न पौधे तैयार करने के लिए बीज उपलब्ध कराया जाएगा। पौधा बिकने पर जो पैसा आएगा, वह स्वयं सहायता समूहों को ही मिलेगा। नर्सरी बनाए जाने के कार्य को अंतिम रूप दिया गया है।
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यह पौध होंगी तैयार
नर्सरी में स्वयं सहायता समूहों द्वारा आम, अमरूद, नींबू, लीची, आडू, शहतूत, चीकू, बरगद, गेंदा, गुलाब, सदाबहार, सूरजमुखी, चमेली का फूल सहित अनेक तरह की पौध तैयार की जाएंगी।
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- नर्सरी बनाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। सर्वे के तहत जगह भी चिह्नित की गई है। मनरेगा के श्रमिकों के जरिए काम कराया जाएगा। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह नर्सरी विकसित कराएंगे। इसको लेकर स्वयं सहायता समूहों को जिम्मेदारी दे दी गई है। विभाग का लक्ष्य है कि जनवरी तक सभी ग्राम पंचायतों में नर्सरी विकसित कर ली जाए। -विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी