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मेडिकल कालेज में प्रतिदिन तीन हजार आरटीपीसीआर टेस्ट करने की तैयारी
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सरसावा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर टेस्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए वृहद स्तर पर तैयारी की जा रही है। इसके लिए जहां टेस्टिंग मशीनों की संख्या बढ़ाई गई है, वहीं एडवांस में ही प्रशिक्षित स्टाफ तैनात किया गया है, जिससे तत्काल ही आरटीपीसीआर टेस्ट की क्षमता बढ़ाई जा सके।
शनिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि अभी तक राजकीय मेडिकल कॉलेज की बायोसेफ्टी लैब में आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए जो मशीनें कार्य कर रही थी, उनकी क्षमता 12 सौ से 15 सौ टेस्ट प्रतिदिन करने की थी, लेकिन अब मशीनों की संख्या बढ़ा दी गई है तथा दो-तीन दिन में ही मुख्य टेस्टिंग मशीन तथा उनसे संबंधित सहायक मशीनें स्थापित कर दी जाएंगी। इसके बाद आरटीपीसीआर टेस्ट करने की क्षमता प्रतिदिन 3000 से अधिक हो जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि मरीज की जितनी जल्दी रिपोर्ट आएगी उतनी जल्दी इलाज मिलेगा। प्राचार्य ने उम्मीद जताई कि समस्त प्रक्रिया मंगलवार तक संपन्न हो जाएगी जिसके बाद बायोसेफ्टी लैब में लगी मशीनें सुचारु रूप से कार्य करना शुरू कर देंगी। संवाद
जरूरत वाले रोगियों की हो रही डायलिसिस
सरसावा। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि कोविड वार्ड में भर्ती ऐसे गंभीर मरीज जिन्हें डायलिसिस की आवश्यकता है, उनकी डायलिसिस भी लगातार की जा रही है। ऐसे कई मरीजों को डायलिसिस करने के उपरांत कोविड वार्ड से छुट्टी दे दी गई और वे सकुशल स्वस्थ होकर अपने घर पहुंच चुके हैं। प्राचार्य ने बताया कि सहारनपुर स्थित आईटीसी कंपनी ने भी एक ऑक्सीजन प्लांट देने की बात कही है।
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शनिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि अभी तक राजकीय मेडिकल कॉलेज की बायोसेफ्टी लैब में आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए जो मशीनें कार्य कर रही थी, उनकी क्षमता 12 सौ से 15 सौ टेस्ट प्रतिदिन करने की थी, लेकिन अब मशीनों की संख्या बढ़ा दी गई है तथा दो-तीन दिन में ही मुख्य टेस्टिंग मशीन तथा उनसे संबंधित सहायक मशीनें स्थापित कर दी जाएंगी। इसके बाद आरटीपीसीआर टेस्ट करने की क्षमता प्रतिदिन 3000 से अधिक हो जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि मरीज की जितनी जल्दी रिपोर्ट आएगी उतनी जल्दी इलाज मिलेगा। प्राचार्य ने उम्मीद जताई कि समस्त प्रक्रिया मंगलवार तक संपन्न हो जाएगी जिसके बाद बायोसेफ्टी लैब में लगी मशीनें सुचारु रूप से कार्य करना शुरू कर देंगी। संवाद
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जरूरत वाले रोगियों की हो रही डायलिसिस
सरसावा। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि कोविड वार्ड में भर्ती ऐसे गंभीर मरीज जिन्हें डायलिसिस की आवश्यकता है, उनकी डायलिसिस भी लगातार की जा रही है। ऐसे कई मरीजों को डायलिसिस करने के उपरांत कोविड वार्ड से छुट्टी दे दी गई और वे सकुशल स्वस्थ होकर अपने घर पहुंच चुके हैं। प्राचार्य ने बताया कि सहारनपुर स्थित आईटीसी कंपनी ने भी एक ऑक्सीजन प्लांट देने की बात कही है।
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