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ठीक होने के बाद नई परेशानियों से जूझ रहे पोस्ट कोविड मरीज

Wed, 16 Feb 2022 11:34 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Feb 2022 11:34 PM IST
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Post Kovid patients struggling with new problems after recovery
ठीक होने के बाद नई परेशानियों से जूझ रहे पोस्ट कोविड मरीज
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सहारनपुर। कोरोना की तीसरी लहर समाप्ति की ओर है। कोरोना संक्रमण से गुजर चुके कई मरीजों को ठीक होने के कई माह बाद अब तरह-तरह की शारीरिक समस्याएं आ रही हैं। इस तरह की शिकायत करने वालों में केवल आम आदमी ही नहीं, बल्कि कई चिकित्सक और चिकित्सा विभाग के कर्मचारी भी शामिल हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी इस तरह की समस्याएं लेकर लोग पहुंच रहे हैं। एक ओर जहां किसी को मूछ और दाढ़ी आना बंद हो गई हैं तो वहीं कइयों को याददाश्त कम होने की शिकायत है। इसके अलावा पेट खराब रहने का मामला भी सामने आया है। पेश है रिपोर्ट... संवाद
केस नंबर 01
मूछ और दाढ़ी आना बंद हुई
एसीएमओ पद से सेवानिवृत्त हुए डॉ. वीके दत्त वर्तमान में एसबीडी जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वीके दत्त को दूसरी लहर में कोरोना हुआ था। कोरोना ठीक होने के बाद वह स्वस्थ है, लेकिन अब अन्य समस्याएं आ रही हैं। डॉ. दत्त ने बताया कि उनको मूछ और दाढ़ी आना बंद हो गई हैं। कोरोना की वजह से उनके हार्मोन गड़बड़ा गए हैं। वह चिकित्सक से सलाह ले रहे हैं।
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केस नंबर 02
पेट की खराबी से जूझ रहे
एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ फार्मासिस्ट जसबीर सिंह कोरोना संक्रमित हुए थे। कोरोना से तो ठीक हो गए, लेकिन पेट की खराबी शुरू हो गई। जसबीर ने बताया कि कोरोना होने के बाद से उनका पेट गड़बड़ रहने लगा है। भोजन करने के बाद तीन घंटे के भीतर उनको लघुशंका के लिए जाना पड़ता है। दवा लेने के बाद भी आराम नहीं है।
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केस नंबर 03
याददाश्त हो रही कमजोर
देव कुमार एसबीडी जिला अस्पताल में वरिष्ठ सहायक हैं। कोरोना होने के बाद से उनको कई तरह की समस्याएं आ रही हैं। सबसे बड़ी समस्या याददाश्त कमजोर होने की है। देव कुमार ने बताया कि दिन भर के कार्य पहले उनके दिमाग में रहते थे, लेकिन अब वह भूल जाते हैं। ऐसे में घर से कार्यों की पर्ची बनाकर चलते हैं। इसके अलावा सिर के बाल झड़ने की शिकायत भी उनको है।
यह बोले चिकित्सक
- एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल कुमार वोहरा का कहना है कि कोरोना नई बीमारी होने के साथ ही बार-बार वैरिएंट बदल रहा है। ऐसे में पोस्ट कोविड मरीजों को हो रही परेशानियां रिसर्च का विषय है। लेकिन यह बात सही है कि कोरोना अलग-अलग मरीजों में अलग-अलग प्रभाव डाल रहा है। किसी के दिल, किसी के फेफड़ों और किसी के गुर्दों को प्रभावित कर रहा है। पोस्ट कोविड मरीज ओपीडी में आते हैं, जिनमें से ज्यादातर सांस की समस्या लेकर आते हैं।
- फिजीशियन डॉ. प्रवीण शर्मा ने बताया कि कई मरीज ऐसे हैं, जो दूसरी लहर में संक्रमित हुए थे। उनको फेफड़ों पर असर किया था, जो अभी तक नहीं गया है। ऐसे मरीजों में निमोनिया की शिकायत अभी तक बनी हुई है। कुछ मरीजों को अब भी ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। शरीर में नियमित रूप से पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं जाने की वजह से याददाश्त और आंखों पर असर पड़ा है। बाल झड़ने या दाढ़ी मूछ नहीं आने की वजह हार्मोन गड़बड़ाना है। हार्मोन स्ट्रॉयड खाने की वजह से प्रभावित हुए हैं।

- शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने बताया कि पोस्ट कोविड मरीजों में समस्याएं आने की चर्चाएं सुनते हैं। चूंकि कोरोना ने हर मरीज पर अलग असर किया है। ऐसे में हो सकता कि कुछ मरीजों को बाद में समस्याएं आ रही हों, लेकिन अभी तक ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है।
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