फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Pneumonia is the most fatal disease for children.

Saharanpur News: मासूमों के लिए सबसे घातक होता है निमोनिया

Wed, 12 Nov 2025 01:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Wed, 12 Nov 2025 01:22 AM IST
विज्ञापन
Pneumonia is the most fatal disease for children.
सहारनपुर। सर्दी बढ़ते ही निमोनिया के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा है। एसबीडी जिला अस्पताल में रोजाना आठ से 10 बच्चे और बड़े निमोनिया से पीड़ित पहुंच रहे। पांच साल से कम उम्र के बच्चों में यह खतरनाक साबित होता है।
विज्ञापन

बुधवार को विश्व निमोनिया दिवस है। इसका उद्देश्य इस बीमारी के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ाना है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बिरेंद्र भट्ट ने बताया कि निमोनिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें फेफड़ों का संक्रमण हो जाता है। फेफड़ों के अंदर मौजूद हवा से भरी थैलियां सूज जाती हैं। इनमें तरल या मवाद भरने से सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। यह संक्रमण वायरस, बैक्टीरिया या फंगस के कारण हो सकता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है। उन्होंने बताया कि रोजाना ओपीडी में 100 से 125 बच्चे आ रहे हैं। 20 से 25 बच्चों को भर्ती किया रहा है। निमोनिया से पीड़ित भी बच्चे पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

-----
-- बच्चों को पीसीवी जरूर लगवाएं
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बिरेंद्र भट्ट का कहना है कि पीसीवी (प्न्यूमोकोकल वैक्सीन) से संक्रमण की संभावना कम हो जाती है। शुरुआती लक्षणों में खांसी, तेज बुखार, सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी होती है। इससे संक्रमण बढ़कर फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है। जन्म के बाद बच्चों को दी जाने टीके भी निमोनिया से सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
-- यह हैं लक्षण

बच्चों को पहले खांसी-जुकाम व बुखार आता है। इसके बाद बुखार तेज होना शुरू हो जाता है। बच्चों में तेज सांस चलना, सांस फूलना, दूध न पी पाना, नीला पड़ना, सुस्त हो जाना आदि लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

-----
-- यह हैं बचाव
निमोनिया से बचने के लिए गर्म कपड़े पहने, सफाई का खास ख्याल रखें। अगर किसी निमोनिया ग्रसित के संपर्क में आएं तो हाथों को धोएं। इसमें जितनी जल्दी बच्चे का इलाज शुरू होगा, उतना कारगर साबित होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed