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पीएम मोदी को देवबंद का न्यौता... क्या बदलेगी सोच?
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 13 May 2017 12:47 AM IST
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नरेंद्र मोदी
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सहारनपुर में वर्ष 2010, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने पर दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम को अपना पद गंवाना पड़ा था, वर्ष 2017 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जमीयत उलमा ए हिंद के एक प्रतिनिधि मंडल ने देवबंद आने का न्योता दिया है।
इस न्यौते ने जहां सबको चौकाया है, वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या देवबंदी उलमा की सोच में भी नरेंद्र मोदी को लेकर कोई बदलाव आया है। हालांकि जमीयत उलमा ए हिंद के ही मौलाना अरशद मदनी गुट के उलमा इस पर चुप्पी साधे हैं, लेकिन महासचिव महमूद मदनी गुट की इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया हैं।
हाल ही में तीन तलाक सहित विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान जमीयत उलमा-ए हिंद के एक प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें देवबंद आने का न्यौता दिया है।
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पीएम मोदी ने हल्की मुस्कान के साथ इसपर खुशी का इजहार कर स्वीकृति का संदेश भी दिया। गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान परोक्ष रूप से कई बार दारुल उलूम और जमीयत उलेमा-ए- हिंद पीएम मोदी पर निशाना साध चुके हैं।
दिसंबर 2010 में दारुल उलूम के मोहतमिम गुलाम मोहम्मद ने उस वक्त गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी। इसके बाद मंजलिस ए शूरा की बैठक के बाद उन्हें अपना पद तक गंवाना पड़ा था।
पूर्व सांसद और जमीयत के महासचिव मौलाना महमूद मदनी को गुजरात दौरे पर सरकारी मेहमाननवाजी लेने पर विरोध झेलना पड़ा था। केन्द्र में भाजपा सरकार बनने के बाद केन्द्र सरकार की कई योजनाओं और घोषणाओं का दारुल उलूम और उलमाओं ने मजबूती के साथ विरोध भी किया।
मदरसों के आधुनिकीकरण, योग, सूर्य नमस्कार सहित कई मुद्दों पर यहां से तीखी प्रतिक्रियाएं भी आई। ऐसे में जमीयत का पीएम को दिया गया न्यौता सबको चौंका रहा है।
जमीयत उलेमा ए हिंद महमूद मदनी गुट के कोषाध्यक्ष हसीब सिद्दीकी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दावत देने के पीछे कोई खास मकसद नहीं है। हमारे बुलाने पर वह आते हैं तो देवबंद के डेवलपमेंट की बात उनसे की जाएगी।
उधर, जमीयत उलेमा-ए हिंद अरशद मदनी गुट के प्रेस सचिव फजलुर्रहमान का कहना है कि ना तो हमने पीएम को बुलाया है और नहीं कुछ बता सकते हैं। प्रधानमंत्री के देवबंद आने पर इस्तकबाल कौन करेगा यह वहीं बता सकता है जिन्होंने उनको बुलाया होगा।
बता दें कि बीते बुधवार को जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष कारी उस्मान मंसूरपुरी और महासचिव मौलाना महमूद मदनी के नेतृत्व में 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पीएम मोदी से मिलने पहुंचा था।
करीब दो घंटे की मुलाकात में तीन तलाक, गोरक्षा के नाम पर मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार सहित अन्य मुद्दों पर पीएम से चर्चा की गई थी। इस दौरान ही उन्हें देवबंद आने का न्यौता भी दिया गया था।
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इस न्यौते ने जहां सबको चौकाया है, वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या देवबंदी उलमा की सोच में भी नरेंद्र मोदी को लेकर कोई बदलाव आया है। हालांकि जमीयत उलमा ए हिंद के ही मौलाना अरशद मदनी गुट के उलमा इस पर चुप्पी साधे हैं, लेकिन महासचिव महमूद मदनी गुट की इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया हैं।
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हाल ही में तीन तलाक सहित विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान जमीयत उलमा-ए हिंद के एक प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें देवबंद आने का न्यौता दिया है।
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पीएम मोदी ने हल्की मुस्कान के साथ इसपर खुशी का इजहार कर स्वीकृति का संदेश भी दिया। गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान परोक्ष रूप से कई बार दारुल उलूम और जमीयत उलेमा-ए- हिंद पीएम मोदी पर निशाना साध चुके हैं।
दिसंबर 2010 में दारुल उलूम के मोहतमिम गुलाम मोहम्मद ने उस वक्त गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी। इसके बाद मंजलिस ए शूरा की बैठक के बाद उन्हें अपना पद तक गंवाना पड़ा था।
पूर्व सांसद और जमीयत के महासचिव मौलाना महमूद मदनी को गुजरात दौरे पर सरकारी मेहमाननवाजी लेने पर विरोध झेलना पड़ा था। केन्द्र में भाजपा सरकार बनने के बाद केन्द्र सरकार की कई योजनाओं और घोषणाओं का दारुल उलूम और उलमाओं ने मजबूती के साथ विरोध भी किया।
मदरसों के आधुनिकीकरण, योग, सूर्य नमस्कार सहित कई मुद्दों पर यहां से तीखी प्रतिक्रियाएं भी आई। ऐसे में जमीयत का पीएम को दिया गया न्यौता सबको चौंका रहा है।
जमीयत उलेमा ए हिंद महमूद मदनी गुट के कोषाध्यक्ष हसीब सिद्दीकी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दावत देने के पीछे कोई खास मकसद नहीं है। हमारे बुलाने पर वह आते हैं तो देवबंद के डेवलपमेंट की बात उनसे की जाएगी।
उधर, जमीयत उलेमा-ए हिंद अरशद मदनी गुट के प्रेस सचिव फजलुर्रहमान का कहना है कि ना तो हमने पीएम को बुलाया है और नहीं कुछ बता सकते हैं। प्रधानमंत्री के देवबंद आने पर इस्तकबाल कौन करेगा यह वहीं बता सकता है जिन्होंने उनको बुलाया होगा।
बता दें कि बीते बुधवार को जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष कारी उस्मान मंसूरपुरी और महासचिव मौलाना महमूद मदनी के नेतृत्व में 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पीएम मोदी से मिलने पहुंचा था।
करीब दो घंटे की मुलाकात में तीन तलाक, गोरक्षा के नाम पर मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार सहित अन्य मुद्दों पर पीएम से चर्चा की गई थी। इस दौरान ही उन्हें देवबंद आने का न्यौता भी दिया गया था।