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वार्ड नौ में कोठियों की भरमार, समस्याओं से लोग परेशान

Sat, 05 Dec 2020 09:56 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Dec 2020 09:56 PM IST
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Plenty of cells in ward nine, people upset with problems
वार्ड नौ में कोठियों की भरमार, समस्याओं से लोग परेशान
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सहारनपुर। नगर निगम सहारनपुर के वार्ड नंबर नौ की जनता बदहाली में जिंदगी जीने को मजबूर है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बदहाली की मुख्य वजह नगर निगम द्वारा क्षेत्र की कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं नहीं देना है। वार्ड में 18 कॉलोनियां और नौ गांव शामिल हैं। अमर उजाला की टीम ने शनिवार को वार्ड में शामिल कॉलोनियों का दौरा किया। कॉलोनियों में आलीशान मकान नजर आए लेकिन निगम की सुविधाएं नदारद दिखीं। खास बात यह है कि टैक्स चुकाने के बाद भी सुविधा नहीं मिल रही हैं। पेश है क्षेत्र की समस्याओं को बयां करती रिपोर्ट।
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पॉश क्षेत्रों तक में सड़क नहीं
वार्ड नौ की न्यू लक्ष्मीपुरम कॉलोनी और नंदवाटिका में लोगों ने बड़े और आलीशान मकान बनवा रखे हैं लेकिन सड़कें नहीं हैं। ग्वालीरा में एक है सड़क तालाब बनी हुई है। कई जगह लोगों को कीचड़ के बीच में ईंटें रखकर निकलना पड़ता है।
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निकासी की व्यवस्था नहीं
क्षेत्र की कॉलोनियों में निकासी की व्यवस्था नहीं है। बड़े नाले से लेकर गलियों की नालियां भी नहीं हैं। इसकी वजह से कॉलोनियों की सड़कें और प्लॉट तालाब का रूप ले चुके हैं। जलभराव कितना पुराना है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनमें जल मुर्गी तक पल रही हैं।
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श्मशान की हालत खराब
फतेहपुर जट्ट में श्मशान घाट को जाने वाला मार्ग कच्चा है। शव जलाने के लिए छतरी तक नहीं है। इसी प्रकार ग्वालिरा स्थित श्मशान घाट को जाने वाले मार्ग पर जलभराव है। श्मशान घाट में गंदगी और झाड़ियां उग चुकी हैं।
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जनता की बात
- न्यू लक्ष्मीपुरम निवासी कैलाश सिंह ने बताया कि उनकी कॉलोनी करीब दस वर्ष पुरानी है। 2015 से वह टैक्स जमा कराते आ रहे हैं। इसके बावजूद उनको सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
- रोहित कुमार ने बताया कि सड़क और नालियां कॉलोनी की सबसे बड़ी जरूरत हैं। ऐसी कॉलोनियों से बेहतर तो गांव हैं।
-- सांवलपुर नवादा निवासी राहुल यादव का कहना है कि जब तक उनका गांव ग्राम पंचायत में था तब तक विकास हुआ लेकिन नगर निगम में आने के बाद विकास का पहिया रुका है।
- राजपाल सिंह की मांग है कि नगर निगम को शहर की बाहरी कॉलोनियों खासकर उन 32 गांवों पर ध्यान देने की जरूरत है, जिनको जोड़कर शहर को नगर निगम बनाया है।
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बोर्ड बैठकों के साथ ही व्यक्तिगत तौर पर उच्चाधिकारियों से मिलकर क्षेत्र में विकास कार्यों की मांग की जाती रही है। बजट नहीं होने की बात कहकर कार्यों से मना कर दिया जाता है। मगर जब तक बोर्ड के सदस्य हैं क्षेत्र की जनता की समस्याओं को रखते रहेंगे।

मोहर सिंह, पार्षद, वार्ड 09।
------ वर्जन
शहर का विकास निगम की पहली प्राथमिकता है। मुझे लगता है कि ऐसा कोई भी वार्ड नहीं है, जहां कार्य ना हो रहे हों। रही बात वार्ड नौ की तो अधिकारियों को भेजकर सर्वे कराया जाएगा। खामियों को चिन्हित कराकर दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
-- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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