{"_id":"62d305d9c7e1e96dbe7d3314","slug":"plan-of-two-stadiums-and-11-sports-grounds-confined-to-paper-saharanpur-news-mrt5972916145","type":"story","status":"publish","title_hn":"कागजों में ही सिमटी, दो स्टेडियम और 11 खेल मैदान बनाने की योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कागजों में ही सिमटी, दो स्टेडियम और 11 खेल मैदान बनाने की योजना
विज्ञापन
शौरव राठी
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जिले में दो स्टेडियम और 11 खेल मैदान बनाए जाने की योजना कागजों में सिमटकर रह गई है। प्रस्ताव पास होने के बावजूद तीन साल बाद भी बजट जारी नहीं हो सका है। केंद्र सरकार की खेलो इंडिया योजना के तहत नकुड़ ब्लॉक के गांव अध्याना में सात एकड़ भूमि पर और देवबंद क्षेत्र के गांव भायला में स्टेडियम बनाया जाना है। इसके अलावा जनपद में विकासखंड स्तर पर खेल मैदान बनाए जाने हैं, लेकिन बजट नहीं जारी होने की वजह से यह योजनाएं कागजों तक ही सीमित रह गई है।
खेेल प्रतिभाओं के लिए महानगर में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम है, लेकिन देहात क्षेत्र में कहीं पर भी स्टेडियम नहीं है। इसके लिए तीन साल पूर्व जिला युवा एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग ने विकासखंड नकुड़ के गांव अध्याना में सात एकड़ भूमि चिह्नित कर स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार के जरिए केंद्र सरकार को भेजा। प्रस्ताव में खेलो इंडिया के तहत बनने वाले स्टेडियम के सभी मानकों को पूरा किया गया, जिसका बजट दस करोड़ रुपये रखा गया, लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी आज तक स्टेडियम के लिए बजट जारी नहीं हुआ है। यही स्थिति देवबंद क्षेत्र के गांव भायला में बनने वाले स्टेडियम की है। इस स्टेडियम के लिए आज तक भूमि ही नहीं मिल पाई है।
एक भी छोटा खेल का मैदान नहीं बना
जनपद के विकासखंड सरसावा, नकुड़, गंगोह, रामपुर मनिहारान, नागल, साढ़ौली कदीम, मुजफ्फराबाद, पुवांरका, बलियाखेड़ी, नानौता, देवबंद क्षेत्र में भी खेल मैदान बनाए जाने हैं, इनके लिए विभाग जमीन की तलाश कर रहा है, लेकिन भूमि नहीं मिल पाई है। इसलिए विकासखंड स्तर पर छोटे खेल मैदान भी नहीं बन पाए हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण खिलाड़ियों को उठानी पड़ती है दिक्कत
देहात क्षेत्रों में स्टेडियम तो दूर ब्लॉक स्तर पर खेल मैदान भी नहीं है। इस वजह से देेहात क्षेत्रों के खिलाड़ियों को शहर का रुख करना पड़ता है। गांव साल्हपुर निवासी एथलीट सौरभ राठी और अध्याना निवासी गौरी त्यागी का कहना है कि देहात क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए कोई सुविधाएं नहीं है। खेल मैदान न होने की वजह से खेल का अभ्यास करने के लिए परेशान होना पड़ता है। शासन और प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। एथलीट अमित कुमार और राहुल का कहना है कि लंबे समय स्टेडियम और खेल मैदान बनाए जाने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन खिलाड़ियों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। सिर्फ खोखले दावे किए जाते हैं।
बजट जारी करने को लिखा पत्र
स्टेडियम और खेल मैदान बनाए जाने के प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं। शासन से बजट मिलते ही काम शुरू होगा। अध्याना में स्टेडियम के लिए भूमि चिह्नित है। भायला में भी भूमि की तलाश जल्द पूरी हो जाएगी। इसके अलावा विकासखंड स्तर पर भी खेल मैदान बनेंगे। बजट जारी करने के लिए शासन को पत्र भी लिखा गया है।----विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
विज्ञापन
खेेल प्रतिभाओं के लिए महानगर में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम है, लेकिन देहात क्षेत्र में कहीं पर भी स्टेडियम नहीं है। इसके लिए तीन साल पूर्व जिला युवा एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग ने विकासखंड नकुड़ के गांव अध्याना में सात एकड़ भूमि चिह्नित कर स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव राज्य सरकार के जरिए केंद्र सरकार को भेजा। प्रस्ताव में खेलो इंडिया के तहत बनने वाले स्टेडियम के सभी मानकों को पूरा किया गया, जिसका बजट दस करोड़ रुपये रखा गया, लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी आज तक स्टेडियम के लिए बजट जारी नहीं हुआ है। यही स्थिति देवबंद क्षेत्र के गांव भायला में बनने वाले स्टेडियम की है। इस स्टेडियम के लिए आज तक भूमि ही नहीं मिल पाई है।
विज्ञापन
एक भी छोटा खेल का मैदान नहीं बना
जनपद के विकासखंड सरसावा, नकुड़, गंगोह, रामपुर मनिहारान, नागल, साढ़ौली कदीम, मुजफ्फराबाद, पुवांरका, बलियाखेड़ी, नानौता, देवबंद क्षेत्र में भी खेल मैदान बनाए जाने हैं, इनके लिए विभाग जमीन की तलाश कर रहा है, लेकिन भूमि नहीं मिल पाई है। इसलिए विकासखंड स्तर पर छोटे खेल मैदान भी नहीं बन पाए हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण खिलाड़ियों को उठानी पड़ती है दिक्कत
देहात क्षेत्रों में स्टेडियम तो दूर ब्लॉक स्तर पर खेल मैदान भी नहीं है। इस वजह से देेहात क्षेत्रों के खिलाड़ियों को शहर का रुख करना पड़ता है। गांव साल्हपुर निवासी एथलीट सौरभ राठी और अध्याना निवासी गौरी त्यागी का कहना है कि देहात क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए कोई सुविधाएं नहीं है। खेल मैदान न होने की वजह से खेल का अभ्यास करने के लिए परेशान होना पड़ता है। शासन और प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। एथलीट अमित कुमार और राहुल का कहना है कि लंबे समय स्टेडियम और खेल मैदान बनाए जाने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन खिलाड़ियों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। सिर्फ खोखले दावे किए जाते हैं।
बजट जारी करने को लिखा पत्र
स्टेडियम और खेल मैदान बनाए जाने के प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं। शासन से बजट मिलते ही काम शुरू होगा। अध्याना में स्टेडियम के लिए भूमि चिह्नित है। भायला में भी भूमि की तलाश जल्द पूरी हो जाएगी। इसके अलावा विकासखंड स्तर पर भी खेल मैदान बनेंगे। बजट जारी करने के लिए शासन को पत्र भी लिखा गया है।----विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी

अमित कुमार- फोटो : SAHARANPUR

ग्राम अघ्याना में स्टेडियम के लिये लगा पत्थर दिखाता व्यक्ति- फोटो : SAHARANPUR

गौरी त्यागी- फोटो : SAHARANPUR