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पहली पसंद बनी पीट्ठू और बदूंक वाली पिचकारी
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हकीकत नगर में होली के चलते आने जाने वाले लोगो के गुब्बारे बच्चे
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। होली पर्व को लेकर बाजारों में रौनक है। बच्चों की पहली पसंद पिट्ठू और बंदूक वाली पिचकारी बनी है, जिनकी बिक्री ज्यादा हो रही है। इनके अलावा मछली वाली और पाइप वाली पिचकारी बाजार में आई है।
होली पर्व को लेकर युवाओं और बच्चों में काफी उत्साह है। बाजार में 100 से 300 रुपये कीमत वाली पिट्ठू पिचकारी आई है, जिसमें एक पानी का टैंक बना होता है, जिसको बच्चे अपनी कमर बांध लेते हैं। इसके अलावा बंदूक व पिस्टल के खिलौने वाली पिचकारी भी खूब पंसद की जा रही है। आकार के हिसाब से इन पिचकारियों की कीमत 50 से 150 रुपये तक है। इसके अलावा मछली, डमरू वाली और सामान्य प्लास्टिक वाली पिचकारी बिक रही है, जिनकी कीमत आकार के हिसाब से अलग-अलग है। मोरगंज बाजार के पिचकारी कारोबारी सन्नी आहुजा और दीपक सचदेवा ने बताया कि बच्चे पिट्ठू और बंदूक वाली पिचकारी ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
स्टील की पिचकारी नहीं की मांग नहीं
बाजार में स्टील की पिचकारी भी आई है, लेकिन कीमत 500 से 800 रुपये तक होने की वजह से इसकी मांग नहीं है। वहीं, इस पिचकारी के खराब होने पर ठीक कराने में भी दिक्कत आती है, लेकिन पांच साल पूर्व तक स्टील की पिचकारी की मांग ज्यादा होती थी, लेकिन अब मांग न के बराबर है। इसलिए कारोबारियों ने कम संख्या में ही स्टील की पिचकारी मंगाई है।
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कैप्सूल वाले रंग की भी खरीदारी
गुब्बारे में पानी के साथ भरने वाले कैप्सूल रंगों की मांग बढ़ गई है। कैप्सूल व गुब्बारों के पैकेट बिक रहे हैं। कैप्सूल के पैकेट की कीमत 70 से 100 रुपये तक है और गुब्बारे के पैकेट 50 रुपये तक बिक रहे हैं।
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होली पर्व को लेकर युवाओं और बच्चों में काफी उत्साह है। बाजार में 100 से 300 रुपये कीमत वाली पिट्ठू पिचकारी आई है, जिसमें एक पानी का टैंक बना होता है, जिसको बच्चे अपनी कमर बांध लेते हैं। इसके अलावा बंदूक व पिस्टल के खिलौने वाली पिचकारी भी खूब पंसद की जा रही है। आकार के हिसाब से इन पिचकारियों की कीमत 50 से 150 रुपये तक है। इसके अलावा मछली, डमरू वाली और सामान्य प्लास्टिक वाली पिचकारी बिक रही है, जिनकी कीमत आकार के हिसाब से अलग-अलग है। मोरगंज बाजार के पिचकारी कारोबारी सन्नी आहुजा और दीपक सचदेवा ने बताया कि बच्चे पिट्ठू और बंदूक वाली पिचकारी ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
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स्टील की पिचकारी नहीं की मांग नहीं
बाजार में स्टील की पिचकारी भी आई है, लेकिन कीमत 500 से 800 रुपये तक होने की वजह से इसकी मांग नहीं है। वहीं, इस पिचकारी के खराब होने पर ठीक कराने में भी दिक्कत आती है, लेकिन पांच साल पूर्व तक स्टील की पिचकारी की मांग ज्यादा होती थी, लेकिन अब मांग न के बराबर है। इसलिए कारोबारियों ने कम संख्या में ही स्टील की पिचकारी मंगाई है।
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कैप्सूल वाले रंग की भी खरीदारी
गुब्बारे में पानी के साथ भरने वाले कैप्सूल रंगों की मांग बढ़ गई है। कैप्सूल व गुब्बारों के पैकेट बिक रहे हैं। कैप्सूल के पैकेट की कीमत 70 से 100 रुपये तक है और गुब्बारे के पैकेट 50 रुपये तक बिक रहे हैं।

देहरादून रोड़ पर होली के लिये पिचकारी खरीदते लोग- फोटो : SAHARANPUR

बाजारो में होली के रंग के बिकते केप्सूल- फोटो : SAHARANPUR