{"_id":"63879afdaef216380506ba9a","slug":"pavdhoi-river-could-not-become-garbage-free-saharanpur-news-mrt615865779","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: कचरा मुक्त नहीं हो सकी पांवधोई नदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: कचरा मुक्त नहीं हो सकी पांवधोई नदी
विज्ञापन
पांवधोई नदी के दालमंडी पुल पर नदी में पड़ा कूड़ा
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। पांवधोई नदी की सफाई के लिए नगर निगम बीते 22 दिन से अभियान चला रहा है। नगर निगम ने मशीन और कर्मचारी नदी में उतारकर सफाई कराने का प्रयास किया है। अभियान से नदी कितनी साफ हुई यह जानने के लिए बाबा लालदास का बाड़ा से पांवधोई के ढमोला नदी में मिलने तक की पड़ताल की। कहीं नदी के भीतर कचरा जमा मिला तो कहीं 20 दिन से अभी तक सिल्ट किनारों पर फैली नजर आई।
बाबा लालदास का बाड़ा पर जहां तीन साल पहले लोग स्नान करते थे अब वहां पानी में भारी मात्रा में सिल्ट और जलीय पौधे उगे हैं। गत नौ नवंबर को जब अभियान की शुरुआत की गई थी तो यहां केवल एक साइड से सिल्ट निकाली गई, जिसे किनारों पर डाला गया। वह अभी तक नहीं हटी है। यहीं से नदी शहर में प्रवेश करती है। अच्छी बात है कि यहां तक पानी साफ है। धोबीघाट पर भारी मात्रा में सिल्ट हटाई गई है, जो कई दिन से किनारों पर जमा थी। बुधवार को निगम के कर्मचारी उक्त सिल्ट को हटाते नजर आए। पुल खुमरान ने सब्जीमंडी पुल तक नदी में जगह-जगह थोड़ा कचरा नजर आया, लेकिन नव निर्मित सब्जी मंडी पुल के नीचे भारी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य प्रकार का कचरा जमा है। सब्जी मंडी पुल से चतरा पुल के बीच कुछ जगहों पर कचरा पड़ा नजर आया, जो दुकानदारों द्वारा डाला गया है। चतरा पुल से पुल जोगियान तक नदी की सफाई नहीं हुई है। इसका सुबूत नदी में फैला कचरा और पेड़ का बड़ा हिस्सा है। पुल जोगियान से नदी के ढमोला में गिरने तक भी नदी की सफाई नहीं हुई है। जगह-जगह कचरा जमा है।
पानी को दूषित होने से बचाने की जरूरत
नगर निगम के सफाई अभियान में केवल कचरा और सिल्ट को निकालने का प्रयास किया गया है, जबकि नदी के पानी को साफ करने की अधिक जरूरत है, लेकिन उसके लिए नदी में डल रहे नाले और नालियों को नदी में गिरने से रोकने की जरूरत है, जिसके लिए फिलहाल निगम के पास कोई योजना नहीं है। बाबा लालदास का बाड़ा से धोबीघाट तक नदी की लंबाई करीब 700 मीटर है, लेकिन इतनी दूरी में पानी पूरी तरह काला हो जाता है। इसके बाद ढमोला तक आते आते पानी पूरी तरह दूषित हो जाता है।
विज्ञापन
कूड़ाघर नहीं हटा
नदी में कचरा डालने वालों पर नजर रखने के लिए नगर निगम ने प्रवर्तन दल को सक्रिय किया हुआ है। भविष्य में सीसीटीवी लगाने की योजना है, लेकिन नगर निगम का बड़ा डलावघर जो पुल खुमरान के पास है अभी तक खत्म नहीं किया गया है। डलावघर और नदी के बीच में कोई दीवार नहीं है। ऐसे में अधिक कचरा होने के बाद कचरा नदी में गिरता है।
पांवधोई नदी की सफाई का अभियान अभी जारी है। इस बार के अभियान में भारी मात्रा में कचरा और सिल्ट नदी से निकाली गई है। सब्जी मंडी पुल का निर्माण कार्य चलने की वजह से वहां कुछ कचरा जमा है, जिसे हटवाया जाएगा। इसके अलावा निकाली गई सिल्ट को भी हटवाया जा रहा है।
- अशोक प्रिय गौतम, प्रभारी, नगर स्वास्थ्य विभाग/सहायक नगरायुक्त।
विज्ञापन
बाबा लालदास का बाड़ा पर जहां तीन साल पहले लोग स्नान करते थे अब वहां पानी में भारी मात्रा में सिल्ट और जलीय पौधे उगे हैं। गत नौ नवंबर को जब अभियान की शुरुआत की गई थी तो यहां केवल एक साइड से सिल्ट निकाली गई, जिसे किनारों पर डाला गया। वह अभी तक नहीं हटी है। यहीं से नदी शहर में प्रवेश करती है। अच्छी बात है कि यहां तक पानी साफ है। धोबीघाट पर भारी मात्रा में सिल्ट हटाई गई है, जो कई दिन से किनारों पर जमा थी। बुधवार को निगम के कर्मचारी उक्त सिल्ट को हटाते नजर आए। पुल खुमरान ने सब्जीमंडी पुल तक नदी में जगह-जगह थोड़ा कचरा नजर आया, लेकिन नव निर्मित सब्जी मंडी पुल के नीचे भारी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य प्रकार का कचरा जमा है। सब्जी मंडी पुल से चतरा पुल के बीच कुछ जगहों पर कचरा पड़ा नजर आया, जो दुकानदारों द्वारा डाला गया है। चतरा पुल से पुल जोगियान तक नदी की सफाई नहीं हुई है। इसका सुबूत नदी में फैला कचरा और पेड़ का बड़ा हिस्सा है। पुल जोगियान से नदी के ढमोला में गिरने तक भी नदी की सफाई नहीं हुई है। जगह-जगह कचरा जमा है।
विज्ञापन
पानी को दूषित होने से बचाने की जरूरत
नगर निगम के सफाई अभियान में केवल कचरा और सिल्ट को निकालने का प्रयास किया गया है, जबकि नदी के पानी को साफ करने की अधिक जरूरत है, लेकिन उसके लिए नदी में डल रहे नाले और नालियों को नदी में गिरने से रोकने की जरूरत है, जिसके लिए फिलहाल निगम के पास कोई योजना नहीं है। बाबा लालदास का बाड़ा से धोबीघाट तक नदी की लंबाई करीब 700 मीटर है, लेकिन इतनी दूरी में पानी पूरी तरह काला हो जाता है। इसके बाद ढमोला तक आते आते पानी पूरी तरह दूषित हो जाता है।
विज्ञापन
कूड़ाघर नहीं हटा
नदी में कचरा डालने वालों पर नजर रखने के लिए नगर निगम ने प्रवर्तन दल को सक्रिय किया हुआ है। भविष्य में सीसीटीवी लगाने की योजना है, लेकिन नगर निगम का बड़ा डलावघर जो पुल खुमरान के पास है अभी तक खत्म नहीं किया गया है। डलावघर और नदी के बीच में कोई दीवार नहीं है। ऐसे में अधिक कचरा होने के बाद कचरा नदी में गिरता है।
पांवधोई नदी की सफाई का अभियान अभी जारी है। इस बार के अभियान में भारी मात्रा में कचरा और सिल्ट नदी से निकाली गई है। सब्जी मंडी पुल का निर्माण कार्य चलने की वजह से वहां कुछ कचरा जमा है, जिसे हटवाया जाएगा। इसके अलावा निकाली गई सिल्ट को भी हटवाया जा रहा है।
- अशोक प्रिय गौतम, प्रभारी, नगर स्वास्थ्य विभाग/सहायक नगरायुक्त।