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मरीजों को नाश्ते में दूध और अंडे के साथ अब फल भी
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जिला अस्पताल मरीज की थाली
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल में भर्ती महिला मरीजों को नाश्ते में दूध और अंडे के साथ अब फल भी मिलने लगा है। दोपहर और शाम का भोजन पहले की ही तरह मिल रहा है।
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों और उसके साथ एक तीमारदार को विभाग की ओर से भोजन मुहैया कराया जाता है। मरीज को नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का भोजन मिलता है। अभी तक जिला महिला अस्पताल में मरीजों को नाश्ते में दूध, अंडा और बिस्कुट मिल रहे थे, लेकिन बीते कईं दिन से एक फल भी जोड़ा गया है। कैंटीन संचालक शमीम ने बताया कि जिला महिला अस्पताल के सीएमएस ने मरीजों को फल भी देने को कहा है, जिसके बाद वह मौसमी दे रहे हैं। समय-समय पर फल बदला जाएगा। दोपहर और रात के भोजन में दाल, सब्जी, चावल और रोटी दी जाती हैं।
660 बेड का है पूरा अस्पताल
अस्पताल परिसर में एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड, जिला महिला अस्पताल 220 बेड और टीबी अस्पताल 90 बेड का है। इस प्रकार पूरे अस्पताल में 630 मरीजों को एक साथ भर्ती किया जा सकता है। बीमारियों के मौसम में एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को भी लेटे देखा जा सकता है। सभी मरीजों को नाश्ता और भोजन मुफ्त मिलता है।
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मरीजों को नाश्ते के अलावा दोपहर और रात का भोजन पहले से मिल रहा है, लेकिन हमने कैंटीन संचालक से कहकर नाश्ते में एक फल भी जुड़वाया है। प्रयास यही है कि मरीज को बेहतर से बेहतर सुविधा मिले और वह पूरी तरह ठीक होकर ही घर लौटे।
डॉ. रतनपाल सुमन, प्रमुख अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल।
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जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों और उसके साथ एक तीमारदार को विभाग की ओर से भोजन मुहैया कराया जाता है। मरीज को नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का भोजन मिलता है। अभी तक जिला महिला अस्पताल में मरीजों को नाश्ते में दूध, अंडा और बिस्कुट मिल रहे थे, लेकिन बीते कईं दिन से एक फल भी जोड़ा गया है। कैंटीन संचालक शमीम ने बताया कि जिला महिला अस्पताल के सीएमएस ने मरीजों को फल भी देने को कहा है, जिसके बाद वह मौसमी दे रहे हैं। समय-समय पर फल बदला जाएगा। दोपहर और रात के भोजन में दाल, सब्जी, चावल और रोटी दी जाती हैं।
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660 बेड का है पूरा अस्पताल
अस्पताल परिसर में एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड, जिला महिला अस्पताल 220 बेड और टीबी अस्पताल 90 बेड का है। इस प्रकार पूरे अस्पताल में 630 मरीजों को एक साथ भर्ती किया जा सकता है। बीमारियों के मौसम में एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को भी लेटे देखा जा सकता है। सभी मरीजों को नाश्ता और भोजन मुफ्त मिलता है।
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मरीजों को नाश्ते के अलावा दोपहर और रात का भोजन पहले से मिल रहा है, लेकिन हमने कैंटीन संचालक से कहकर नाश्ते में एक फल भी जुड़वाया है। प्रयास यही है कि मरीज को बेहतर से बेहतर सुविधा मिले और वह पूरी तरह ठीक होकर ही घर लौटे।
डॉ. रतनपाल सुमन, प्रमुख अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल।