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अधिकारी हीटर ताप रहे, बच्चे टाट पर कांप रहे
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बीएसए कार्यालय में लगा हिटर
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में एक ओर जहां शिक्षा विभाग के अधिकारी और बाबू दफ्तरों में हीटर ताप रहे हैं, वहीं तीन से आठ साल की आयु के मासूम स्कूलों में टाट पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने सोमवार को परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों और विभागीय कार्यालय की पड़ताल की, जिसमें यह हकीकत सामने आई।
जनपद में बीते एक माह से न्यूनतम तापमान काफी नीचे चल रहा है। अधिकतम तापमान भी बीते 15 साल के रिकार्ड पर 09.02 डिग्री सेल्सियस तक रहा है। ऐसी हालत में प्राथमिक विद्यालयों के हजारों बच्चे टाट पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। शहर के नुमाइश कैंप स्थित प्राथमिक विद्यालय, पेपर मिल परिसर स्थित प्राथमिक विद्यालय, शारदानगर स्थित प्राथमिक विद्यालय, कोरी माजरा स्थित प्राथमिक विद्यालय, हबीबगढ़ स्थित प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय बुड्ढाखेड़ा आदि में बच्चे टाट पर बैठकर पढ़ाई करते नजर आए। कई विद्यालयों में बच्चों पर जर्सी और जूते तक नजर नहीं आए। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा बुनियादी जरूरत होने के बावजूद हालत बदतर है। सरकार को बच्चों के बैठने के लिए टाट की जगह बेंच की व्यवस्था करनी चाहिए। उधर, अमर उजाला टीम बीएसए कार्यालय पहुंची तो यहां ज्यादातर कमरों में हीटर लगे नजर आए। कई पर कर्मचारी ताप रहे थे।
प्राथमिक स्तर के 1355 विद्यालय
जिले में परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1931 है, जिनमें से 576 उच्च प्राथमिक और शेष 1355 विद्यालय प्राथमिक स्तर के हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था है, मगर ज्यादातर प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे आज भी टाट पर बैठकर पढ़ाई करते हैं।
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सुबह दस बजे से खुले स्कूल
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजकुमार चौधरी और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पंवार ने विद्यालयों के खुलने के समय पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि भारी कोहरे और ठंड की वजह से ज्यादातर बच्चे 11 बजे तक स्कूल पहुंचते हैं, मगर विभाग ने स्कूलों के खुलने का समय सुबह नौ बजे किया हुआ है। विभाग को स्कूलों का समय सुबह दस से दोपहर दो बजे तक किया जाए।
प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था की जा रही है। हमारे कई शिक्षक अपने स्तर से भी फर्नीचर डलवा रहे हैं। शेष विद्यालयों में फर्नीचर डलवाने की कवायद चल रही है। कोशिश यही है कि बच्चों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं दी जा सके।
रामेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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जनपद में बीते एक माह से न्यूनतम तापमान काफी नीचे चल रहा है। अधिकतम तापमान भी बीते 15 साल के रिकार्ड पर 09.02 डिग्री सेल्सियस तक रहा है। ऐसी हालत में प्राथमिक विद्यालयों के हजारों बच्चे टाट पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। शहर के नुमाइश कैंप स्थित प्राथमिक विद्यालय, पेपर मिल परिसर स्थित प्राथमिक विद्यालय, शारदानगर स्थित प्राथमिक विद्यालय, कोरी माजरा स्थित प्राथमिक विद्यालय, हबीबगढ़ स्थित प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय बुड्ढाखेड़ा आदि में बच्चे टाट पर बैठकर पढ़ाई करते नजर आए। कई विद्यालयों में बच्चों पर जर्सी और जूते तक नजर नहीं आए। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा बुनियादी जरूरत होने के बावजूद हालत बदतर है। सरकार को बच्चों के बैठने के लिए टाट की जगह बेंच की व्यवस्था करनी चाहिए। उधर, अमर उजाला टीम बीएसए कार्यालय पहुंची तो यहां ज्यादातर कमरों में हीटर लगे नजर आए। कई पर कर्मचारी ताप रहे थे।
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प्राथमिक स्तर के 1355 विद्यालय
जिले में परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1931 है, जिनमें से 576 उच्च प्राथमिक और शेष 1355 विद्यालय प्राथमिक स्तर के हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था है, मगर ज्यादातर प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे आज भी टाट पर बैठकर पढ़ाई करते हैं।
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सुबह दस बजे से खुले स्कूल
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजकुमार चौधरी और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संदीप सिंह पंवार ने विद्यालयों के खुलने के समय पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि भारी कोहरे और ठंड की वजह से ज्यादातर बच्चे 11 बजे तक स्कूल पहुंचते हैं, मगर विभाग ने स्कूलों के खुलने का समय सुबह नौ बजे किया हुआ है। विभाग को स्कूलों का समय सुबह दस से दोपहर दो बजे तक किया जाए।
प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था की जा रही है। हमारे कई शिक्षक अपने स्तर से भी फर्नीचर डलवा रहे हैं। शेष विद्यालयों में फर्नीचर डलवाने की कवायद चल रही है। कोशिश यही है कि बच्चों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं दी जा सके।
रामेंद्र कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।

बीएसए कार्यालय में लगा हिटर- फोटो : SAHARANPUR

जनपद के एक प्राथमिक विद्यालय में ठिठुरती ठंड में जमीन पर बैठ पढते बच्चे- फोटो : SAHARANPUR

जनपद के एक प्राथमिक विद्यालय में ठिठुरती ठंड में जमीन पर बैठ पढते बच्चे- फोटो : SAHARANPUR

जनपद के एक प्राथमिक विद्यालय में ठिठुरती ठंड में जमीन पर बैठ पढते बच्चे- फोटो : SAHARANPUR

जनपद के एक प्राथमिक विद्यालय में ठिठुरती ठंड में जमीन पर बैठ पढते बच्चे- फोटो : SAHARANPUR