{"_id":"593edd981126f49c418b4a64","slug":"occasionally-the-creature-of-terror-caught-the-birdcat","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतंक का प्राय बने गुलदार को पकड़ा, जानिए कैसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आतंक का प्राय बने गुलदार को पकड़ा, जानिए कैसे
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 13 Jun 2017 12:10 AM IST
विज्ञापन
पिंजरे में कैद गुलदार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में बेहट क्षेत्र के गांव खुर्रमपुर में रविवार की रात घुसे गुलदार को देर रात तक वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगाकर पकड़ लिया। गुलदार को सोमवार सुबह मोहंड के जंगल में छोड़ दिया गया।
गांव खुर्रमपुर शिवालिक वन क्षेत्र से मुश्किल से आठ से दस किलोमीटर दूर है। रविवार की देर शाम गांव में गुलदार लोगों ने देखा तो वहां दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि गुलदार परिवार यहां कई दिनों से पालतू पशु और आवारा कुत्तों को शिकार बना रहा था।
सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणाें और वन विभाग की टीम की घेराबंदी के चलते गुलदार एक सीमेंट के पाइप में घुसकर कर बैठ गया। सूचना मेरठ वन विभाग को दी गई।
विज्ञापन
देर रात मेरठ से वन विभाग की टीम पिंजरा लेकर पहुंची। पिंजरे को लगाकर गुलदार को पकड़ लिया गया। सोमवार को गुलदार को मोहंड के जंगल में छोड़ दिया गया। मुख्य वन संरक्षक रमेश पांडेय, डीएफओ विजय कुमार, बड़तला के रेंजर शरद गुप्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
गांव खुर्रमपुर शिवालिक वन क्षेत्र से मुश्किल से आठ से दस किलोमीटर दूर है। रविवार की देर शाम गांव में गुलदार लोगों ने देखा तो वहां दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि गुलदार परिवार यहां कई दिनों से पालतू पशु और आवारा कुत्तों को शिकार बना रहा था।
विज्ञापन
सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणाें और वन विभाग की टीम की घेराबंदी के चलते गुलदार एक सीमेंट के पाइप में घुसकर कर बैठ गया। सूचना मेरठ वन विभाग को दी गई।
विज्ञापन
देर रात मेरठ से वन विभाग की टीम पिंजरा लेकर पहुंची। पिंजरे को लगाकर गुलदार को पकड़ लिया गया। सोमवार को गुलदार को मोहंड के जंगल में छोड़ दिया गया। मुख्य वन संरक्षक रमेश पांडेय, डीएफओ विजय कुमार, बड़तला के रेंजर शरद गुप्ता मौजूद रहे।