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थाना सदर में एनअारआई अजय पर दर्ज हुआ था धोखाधड़ी का मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर
Updated Sat, 17 Feb 2018 11:41 PM IST
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पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला के साथ अजय गुप्ता। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में दक्षिण अफ्रीका में भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे गुप्ता बंधुओं में सबसे बड़े अजय गुप्ता के खिलाफ छह महीने पहले सहारनपुर में जमीन की खरीद फरोख्त में लाखों की हेराफेरी और धोखाधड़ी से संबंधित मुकदमा थाना सदर में दर्ज कराया गया था। हालांकि बाद में पुलिस ने आरोप सही न होने का दावा करते हुए मुकदमा समाप्त कर दिया था।
दरअसल, सहारनपुर के वकील राव किल्लन के प्रार्थना पत्र पर एनआरआई अजय गुप्ता और उनके बहनोई अनिल कुमार गुप्ता तथा उनकी कंपनी ग्लोबल इन्फ्रा सोल्यूशन सहित छह लोगों के खिलाफ न्यायालय ने करीब साढ़े बारह बीघा जमीन की खरीद-फरोख्त के दौरान चेक के माध्यम से किए गए भुगतान में हेराफेरी और धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे।
न्यायालय के आदेश जारी होने के कई दिन बाद यह मामला दर्ज हुआ था। सूत्रों की माने तो दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने एनआरआई अजय गुप्ता से पूछताछ तक नहीं की थी। यह उनके रसूख का असर था।
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यहां बता दें कि एनआरआई गुप्ता बंधुओं के कार्यक्रम में वीआईपी के जमावड़े के दौरान स्थानीय पुलिस पूरी व्यवस्था में लगती रही है। गुप्ता परिवार से जुड़े शादी समारोहों से लेकर अन्य आयोजनों में न केवल रूट डायवर्ट कराए गए थे, बल्कि तत्कालीन डीएम और एसएसपी खुद व्यवस्था की निगरानी में जुटे रहे थे। इससे गुप्ता बंधुओं के रसूख का अंदाजा लगाया जा सकता है।
धोखाधड़ी संबंधी प्रकरण पर इंस्पेक्टर सदर बाजार यज्ञ दत्त शर्मा का कहना है कि न्यायालय के आदेश पर एनआरआई अजय गुप्ता, उनके बहनोई अनिल गुप्ता सहित अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मगर, जांच में कुछ सामने न आने पर वह मुकदमा समाप्त कर दिया गया था।
सहारनपुर में बना रखा है निजी हेलीपैड
गुप्ता बंधु ज्यादातर हवाई सफर करते रहे हैं। यही कारण है कि देहरादून रोड पर राकेश केमिकल से आगे रिमाउंट डिपो के सामने ही एक बड़े परिसर में निजी हेलीपैड बनाया गया है। यहां कितनी बार हेलीकाप्टर उतरा है, उसका रिकार्ड नहीं है।
वर्षों से बंद पड़ा है पुराना मकान
करीब 25 साल पहले साउथ अफ्रीका पहुंचे गुप्ता बंधुओं का पुश्तैनी मकान रानी बाजार की संकरी गलियों में स्थित है। बाहर से जर्जर दिख रहे मकान के कई हिस्से हैं और बाकी हिस्सों में कुछ परिवार रहते हैं। गुप्ता बंधुओं के मकान का जीर्णोद्धार तो हुआ है। लेकिन कई वर्ष से बंद पड़ा है। पड़ोसियों ने बताया कि कई साल से इस मकान में कोई आया ही नहीं।
सहारनपुर के कई लोगों के संपर्क में हैं गुप्ता बंधु
एनआरआई होने के बाद गुप्ता बंधुओं में सबसे बड़े अजय गुप्ता का सहारनपुर से जुड़ाव बना रहा। हर मौके पर अजय गुप्ता और उनके परिवार का सहारनपुर आना-जाना लगा रहा। सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को अजय गुप्ता और उनके परिवार के कुछ सदस्य विदेश के लिए रवाना हो गए। हालांकि वे किस देश में गए। उसकी सही जानकारी किसी को नहीं है। बावजूद इसके सहारनपुर के कई लोगों से उनका लगातार संपर्क बना हुआ है।
क्रिकेट जगत में गुप्ता बंधुओं का रहा खासा रसूख
दक्षिण अफ्रीका में विवादों में घिरे गुप्ता बंधुओं का क्रिकेट जगत में खासा दखल रहा है। यही कारण है कि उन्होंने एक दो खिलाड़ी नहीं, साउथ अफ्रीका की पूरी टीम का ही दौरा भारत और भारतीय टीम का दौरा दक्षिण अफ्रीका में करवाया। दक्षिण अफ्रीका में 30 मार्च 2012 को मैत्री दिवस के उपलक्ष्य में अजय गुप्ता ने दक्षिण अफ्रीका की राजधानी जोहांसबर्ग में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के 20-20 क्रिकेट मैच का आयोजन कराया। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए इस मैच में अफ्रीका की टीम विजयी रही थी। विजेता टीम को अफ्रीका के तत्कालीन राष्ट्रपति जैकब जुमा ने ट्राफी प्रदान की। अजय गुप्ता के भाई अतुल गुप्ता ने विजेता टीम को गोल्ड मेडल और उप विजेता को सिल्वर मैडल प्रदान किया था। गुप्ता बंधुओं की माता अंगूरी देवी ने भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के युवराज फाउंडेशन तथा अफ्रीका के जैक कालिस फाउंडेशन के लिए साढ़े तीन-तीन लाख रुपये के चेक प्रदान किये थे। युवराज फाउंडेशन का चेक भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को दिया गया था। यहां बता दें कि अजय गुप्ता 2005 में नेशनल स्पोर्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के बुलावे पर दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम को सहारनपुर भी लाए थे।
प्रशासन ने नहीं दी हेलीकाप्टर लैंडिंग की अनुमति
एनआरआई गुप्ता बंधुओं ने सहारनपुर प्रशासन से एक जनवरी से 30 अप्रैल 2018 तक हेलीकाप्टर लैंडिंग की अनुमति मांग रखी है। लेकिन इस प्रार्थना पत्र में तिथि नहीं होने के चलते अब तक अनुमति पर कोई फैसला नहीं किया है। एसडीएम सदर संगीता ने बताया कि चार महीने की अनुमति में तिथि का जिक्र नहीं है। ऐसे में अनुमति नहीं दी गई है।
देहरादून में गुप्ता बंधुओं की कोठी से हटी पुलिस गारद
भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा के इस्तीफे के बाद अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आए सहारनपुर के गुप्ता बंधुओं को उत्तराखंड में मिली जेड श्रेणी की सुरक्षा पर गहमागहमी है। मीडिया में मामला उछलने के बाद शनिवार को देहरादून के कर्जन रोड स्थित गुप्ता बंधुओं की कोठी से एक प्लस चार की गारद को तत्काल हटा दिया गया। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने प्रकरण को लेकर गृह विभाग को गोपनीय रिपोर्ट भेजी है। इसी आधार पर जेड सुरक्षा वापस लेने की तैयारी है।
सहारनपुर के गुप्ता बंधुओं को उत्तराखंड में राजकीय अतिथि की तरह सुविधा मुहैया होती है। वीवीआईपी की तरह काले रंग के शीशों वाली कारों से उनका काफिला निकलता रहा है। उनके संबंधों के चलते बीते बृहस्पतिवार को दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुमा के इस्तीफे के बाद हर किसी की नजर गुप्ता बंधुओं पर टिक गई। इनमें से एक उद्योगपति अजय गुप्ता कई दिन से दून स्थित अपनी कोठी में ठहरे थे। शुक्रवार को ही अजय गुप्ता दून से रवाना हुए। उनके जाने के बाद खुलासा हुआ कि अजय गुप्ता, उनके भाई अतुल गुप्ता को सरकार की तरफ से उनके खर्च पर उत्तराखंड आगमन पर जेड श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई जाती है।
कोठी पर भी एक प्लस चार की गारद तैनात थी। शनिवार को सुरक्षा का मुद्दा उछला तो सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो र्गइं। गुप्ता बंधुओं की कोठी पर लगी पुलिस गारद हटा दी गई, जबकि जेड श्रेणी की सुरक्षा संबंधी आदेश को लेकर गृह विभाग को गोपनीय रिपोर्ट भेजी गई है। संभावना जताई जा रही है कि एक-दो दिन में जेड श्रेणी सुरक्षा संबंधी आदेश को भी निरस्त कर दिया जाएगा। उधर, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार का कहना है कि यह सुरक्षा गुप्ता बंधुओं को उत्तराखंड आने पर ही मिलती थी। फिलहाल गुप्ता बंधुआें के उत्तराखंड में नहीं होने के कारण उनकी सुरक्षा को हटा लिया गया है।
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दरअसल, सहारनपुर के वकील राव किल्लन के प्रार्थना पत्र पर एनआरआई अजय गुप्ता और उनके बहनोई अनिल कुमार गुप्ता तथा उनकी कंपनी ग्लोबल इन्फ्रा सोल्यूशन सहित छह लोगों के खिलाफ न्यायालय ने करीब साढ़े बारह बीघा जमीन की खरीद-फरोख्त के दौरान चेक के माध्यम से किए गए भुगतान में हेराफेरी और धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे।
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न्यायालय के आदेश जारी होने के कई दिन बाद यह मामला दर्ज हुआ था। सूत्रों की माने तो दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने एनआरआई अजय गुप्ता से पूछताछ तक नहीं की थी। यह उनके रसूख का असर था।
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यहां बता दें कि एनआरआई गुप्ता बंधुओं के कार्यक्रम में वीआईपी के जमावड़े के दौरान स्थानीय पुलिस पूरी व्यवस्था में लगती रही है। गुप्ता परिवार से जुड़े शादी समारोहों से लेकर अन्य आयोजनों में न केवल रूट डायवर्ट कराए गए थे, बल्कि तत्कालीन डीएम और एसएसपी खुद व्यवस्था की निगरानी में जुटे रहे थे। इससे गुप्ता बंधुओं के रसूख का अंदाजा लगाया जा सकता है।
धोखाधड़ी संबंधी प्रकरण पर इंस्पेक्टर सदर बाजार यज्ञ दत्त शर्मा का कहना है कि न्यायालय के आदेश पर एनआरआई अजय गुप्ता, उनके बहनोई अनिल गुप्ता सहित अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मगर, जांच में कुछ सामने न आने पर वह मुकदमा समाप्त कर दिया गया था।
सहारनपुर में बना रखा है निजी हेलीपैड
गुप्ता बंधु ज्यादातर हवाई सफर करते रहे हैं। यही कारण है कि देहरादून रोड पर राकेश केमिकल से आगे रिमाउंट डिपो के सामने ही एक बड़े परिसर में निजी हेलीपैड बनाया गया है। यहां कितनी बार हेलीकाप्टर उतरा है, उसका रिकार्ड नहीं है।
वर्षों से बंद पड़ा है पुराना मकान
करीब 25 साल पहले साउथ अफ्रीका पहुंचे गुप्ता बंधुओं का पुश्तैनी मकान रानी बाजार की संकरी गलियों में स्थित है। बाहर से जर्जर दिख रहे मकान के कई हिस्से हैं और बाकी हिस्सों में कुछ परिवार रहते हैं। गुप्ता बंधुओं के मकान का जीर्णोद्धार तो हुआ है। लेकिन कई वर्ष से बंद पड़ा है। पड़ोसियों ने बताया कि कई साल से इस मकान में कोई आया ही नहीं।
सहारनपुर के कई लोगों के संपर्क में हैं गुप्ता बंधु
एनआरआई होने के बाद गुप्ता बंधुओं में सबसे बड़े अजय गुप्ता का सहारनपुर से जुड़ाव बना रहा। हर मौके पर अजय गुप्ता और उनके परिवार का सहारनपुर आना-जाना लगा रहा। सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को अजय गुप्ता और उनके परिवार के कुछ सदस्य विदेश के लिए रवाना हो गए। हालांकि वे किस देश में गए। उसकी सही जानकारी किसी को नहीं है। बावजूद इसके सहारनपुर के कई लोगों से उनका लगातार संपर्क बना हुआ है।
क्रिकेट जगत में गुप्ता बंधुओं का रहा खासा रसूख
दक्षिण अफ्रीका में विवादों में घिरे गुप्ता बंधुओं का क्रिकेट जगत में खासा दखल रहा है। यही कारण है कि उन्होंने एक दो खिलाड़ी नहीं, साउथ अफ्रीका की पूरी टीम का ही दौरा भारत और भारतीय टीम का दौरा दक्षिण अफ्रीका में करवाया। दक्षिण अफ्रीका में 30 मार्च 2012 को मैत्री दिवस के उपलक्ष्य में अजय गुप्ता ने दक्षिण अफ्रीका की राजधानी जोहांसबर्ग में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के 20-20 क्रिकेट मैच का आयोजन कराया। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए इस मैच में अफ्रीका की टीम विजयी रही थी। विजेता टीम को अफ्रीका के तत्कालीन राष्ट्रपति जैकब जुमा ने ट्राफी प्रदान की। अजय गुप्ता के भाई अतुल गुप्ता ने विजेता टीम को गोल्ड मेडल और उप विजेता को सिल्वर मैडल प्रदान किया था। गुप्ता बंधुओं की माता अंगूरी देवी ने भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के युवराज फाउंडेशन तथा अफ्रीका के जैक कालिस फाउंडेशन के लिए साढ़े तीन-तीन लाख रुपये के चेक प्रदान किये थे। युवराज फाउंडेशन का चेक भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को दिया गया था। यहां बता दें कि अजय गुप्ता 2005 में नेशनल स्पोर्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के बुलावे पर दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम को सहारनपुर भी लाए थे।
प्रशासन ने नहीं दी हेलीकाप्टर लैंडिंग की अनुमति
एनआरआई गुप्ता बंधुओं ने सहारनपुर प्रशासन से एक जनवरी से 30 अप्रैल 2018 तक हेलीकाप्टर लैंडिंग की अनुमति मांग रखी है। लेकिन इस प्रार्थना पत्र में तिथि नहीं होने के चलते अब तक अनुमति पर कोई फैसला नहीं किया है। एसडीएम सदर संगीता ने बताया कि चार महीने की अनुमति में तिथि का जिक्र नहीं है। ऐसे में अनुमति नहीं दी गई है।
देहरादून में गुप्ता बंधुओं की कोठी से हटी पुलिस गारद
भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा के इस्तीफे के बाद अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आए सहारनपुर के गुप्ता बंधुओं को उत्तराखंड में मिली जेड श्रेणी की सुरक्षा पर गहमागहमी है। मीडिया में मामला उछलने के बाद शनिवार को देहरादून के कर्जन रोड स्थित गुप्ता बंधुओं की कोठी से एक प्लस चार की गारद को तत्काल हटा दिया गया। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने प्रकरण को लेकर गृह विभाग को गोपनीय रिपोर्ट भेजी है। इसी आधार पर जेड सुरक्षा वापस लेने की तैयारी है।
सहारनपुर के गुप्ता बंधुओं को उत्तराखंड में राजकीय अतिथि की तरह सुविधा मुहैया होती है। वीवीआईपी की तरह काले रंग के शीशों वाली कारों से उनका काफिला निकलता रहा है। उनके संबंधों के चलते बीते बृहस्पतिवार को दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुमा के इस्तीफे के बाद हर किसी की नजर गुप्ता बंधुओं पर टिक गई। इनमें से एक उद्योगपति अजय गुप्ता कई दिन से दून स्थित अपनी कोठी में ठहरे थे। शुक्रवार को ही अजय गुप्ता दून से रवाना हुए। उनके जाने के बाद खुलासा हुआ कि अजय गुप्ता, उनके भाई अतुल गुप्ता को सरकार की तरफ से उनके खर्च पर उत्तराखंड आगमन पर जेड श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई जाती है।
कोठी पर भी एक प्लस चार की गारद तैनात थी। शनिवार को सुरक्षा का मुद्दा उछला तो सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो र्गइं। गुप्ता बंधुओं की कोठी पर लगी पुलिस गारद हटा दी गई, जबकि जेड श्रेणी की सुरक्षा संबंधी आदेश को लेकर गृह विभाग को गोपनीय रिपोर्ट भेजी गई है। संभावना जताई जा रही है कि एक-दो दिन में जेड श्रेणी सुरक्षा संबंधी आदेश को भी निरस्त कर दिया जाएगा। उधर, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार का कहना है कि यह सुरक्षा गुप्ता बंधुओं को उत्तराखंड आने पर ही मिलती थी। फिलहाल गुप्ता बंधुआें के उत्तराखंड में नहीं होने के कारण उनकी सुरक्षा को हटा लिया गया है।