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एनआरसी : जन्म प्रमाणपत्र बनवाने को निगम में मारामारी
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निगम में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के लिये लगी लम्बी कतार
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) को लेकर जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की होड़ मची है। नगर निगम में जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सोमवार को मारामारी मच गई। व्यवस्था बनाने के लिए होमगार्ड तैनात करने पड़े। लोग 50 साल पुराने तक प्रमाणपत्र बनवा रहे हैं।
सोमवार की सुबह नगर निगम में स्टांप विक्रेता तथा जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग के बाहर जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। मारामारी की वजह से विभाग में पूरी तरह अव्यवस्था फैल गई। कई लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम को विभाग के गेट पर होमगार्ड तैनात करने पड़े, जिन्होंने महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग कतार लगवाकर उनके आवेदन कराए। खास बात यह है कि लोग 1970 तक के जन्म प्रमाणपत्र बनवा रहे हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि सामान्य दिनों में 20 से 25 लोग जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचते थे। जन्म प्रमाणपत्र हालिया यानी नवजात शिशुओं के होते थे। मगर एनसीआर को देखते हुए लोग 50 साल पुराने तक जन्म प्रमाणपत्र बनवा रहे हैं। इतना ही नहीं, प्रतिदिन 50 से 100 तक आवेदन जन्म प्रमाणपत्रों के लिए किए जा रहे हैं।
प्रमाण पत्र के लिए शर्त
जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए नगर निगम आवेदकों से शपथ पत्र ले रहा है। 15 साल से अधिक आवेदकों से यदि कोई शैक्षिक प्रमाणपत्र है तो वह मांगा जा रहा है। यदि शैक्षिक नहीं है तो कोई भी ऐसा सुबूत लिया जा रहा है, जो यह तस्दीक कर सके कि आवेदक भारत का नागरिक है और यहीं पर जन्म हुआ है। इसके बाद नगर निगम आवेदकों की सत्यता जानने के लिए नियमानुसार अपने स्तर से जांच करा रहा है।
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बीते कई दिन से जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। सोमवार को अधिक संख्या की वजह से कुछ देर के लिए अव्यवस्था बन गई थी, मगर होमगार्ड तैनात कर व्यवस्था बनवाई गई, जिसके बाद सुचारु रूप से आवेदन हुए।
डॉक्टर गीताराम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
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सोमवार की सुबह नगर निगम में स्टांप विक्रेता तथा जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग के बाहर जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। मारामारी की वजह से विभाग में पूरी तरह अव्यवस्था फैल गई। कई लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम को विभाग के गेट पर होमगार्ड तैनात करने पड़े, जिन्होंने महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग कतार लगवाकर उनके आवेदन कराए। खास बात यह है कि लोग 1970 तक के जन्म प्रमाणपत्र बनवा रहे हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि सामान्य दिनों में 20 से 25 लोग जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंचते थे। जन्म प्रमाणपत्र हालिया यानी नवजात शिशुओं के होते थे। मगर एनसीआर को देखते हुए लोग 50 साल पुराने तक जन्म प्रमाणपत्र बनवा रहे हैं। इतना ही नहीं, प्रतिदिन 50 से 100 तक आवेदन जन्म प्रमाणपत्रों के लिए किए जा रहे हैं।
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प्रमाण पत्र के लिए शर्त
जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए नगर निगम आवेदकों से शपथ पत्र ले रहा है। 15 साल से अधिक आवेदकों से यदि कोई शैक्षिक प्रमाणपत्र है तो वह मांगा जा रहा है। यदि शैक्षिक नहीं है तो कोई भी ऐसा सुबूत लिया जा रहा है, जो यह तस्दीक कर सके कि आवेदक भारत का नागरिक है और यहीं पर जन्म हुआ है। इसके बाद नगर निगम आवेदकों की सत्यता जानने के लिए नियमानुसार अपने स्तर से जांच करा रहा है।
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बीते कई दिन से जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। सोमवार को अधिक संख्या की वजह से कुछ देर के लिए अव्यवस्था बन गई थी, मगर होमगार्ड तैनात कर व्यवस्था बनवाई गई, जिसके बाद सुचारु रूप से आवेदन हुए।
डॉक्टर गीताराम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।