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अब आसानी से मिलेगा दिव्यांगजनों को योजना का लाभ
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सहारनपुर। कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं में पंजीकरण कराने की प्रक्रिया आसान कर दी गई है। इसके तहत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के साथ ही केंद्र सरकार की एजेंसी सर्वे कर दिव्यांगजनों को लाभ दिलाएगी। इसके तहत प्रथम चरण में कृत्रिम अंग दिए जाएंगे।
जिले में 16678 दिव्यांगजन पंजीकृत है, जो पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से 30 प्रतिशत दिव्यांगजन ऐसे हैं, जिन्हें कृत्रिम अंग की आवश्यकता है। बीते तीन वर्षों में कितने दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग मिले हैं, इसको लेकर केंद्र सरकार की एजेंसी सर्वे करेगी। इसके साथ ही पंजीकरण कराकर दिव्यांगजनों को कृत्रिम निशुल्क उपकरण दिए जाएंगे।
ऐसे मिलेगा लाभ
दिव्यांगजन सशक्तिरण विभाग के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा एलिंको व मैसर्स कॉमन सर्विस सेंटर ई-गर्वनेंस सर्विस इंडिया लिमिटेड (सीएससी) के मध्य किए गए अनुबंध के अनुसार दिव्यांगजनों का पंजीकरण गांव और विकासखंड स्तर पर किया जा सकेगा। इस व्यवस्था के अंतर्गत पात्र दिव्यांग सीएससी केंद्र पर भी जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद विभाग और केंद्र सरकार की एजेंसी के माध्यम से जांच कर कृत्रिम अंग लाभार्थियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही विकासखंड स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे।
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80 प्रतिशत के बने यूडीआईडी कार्ड
जिले में 16678 दिव्यांगजन पंजीकृत हैं। इनमें से 80 प्रतिशत दिव्यांगजनों के यूनिक दिव्यांगता पहचान कार्ड (यूडीआईडी) बन चुके हैं। कोरोना काल के बीच शिविर लगाकर सर्वाधिक संख्या में कार्ड बनाए जाने पर जिले को प्रदेेश में प्रथम स्थान भी मिल चुका है। इसी तरह अब कृत्रिम अंग दिलाने को शिविर लगाए जाएंगे।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग सहित अनेक योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया आसान कर दी गई है। सर्वे और जांच के बाद पात्रों को योजना लाभ आसानी से मिल सकेगा। - अभय श्रीवास्तव, उपनिदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग
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जिले में 16678 दिव्यांगजन पंजीकृत है, जो पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से 30 प्रतिशत दिव्यांगजन ऐसे हैं, जिन्हें कृत्रिम अंग की आवश्यकता है। बीते तीन वर्षों में कितने दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग मिले हैं, इसको लेकर केंद्र सरकार की एजेंसी सर्वे करेगी। इसके साथ ही पंजीकरण कराकर दिव्यांगजनों को कृत्रिम निशुल्क उपकरण दिए जाएंगे।
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ऐसे मिलेगा लाभ
दिव्यांगजन सशक्तिरण विभाग के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा एलिंको व मैसर्स कॉमन सर्विस सेंटर ई-गर्वनेंस सर्विस इंडिया लिमिटेड (सीएससी) के मध्य किए गए अनुबंध के अनुसार दिव्यांगजनों का पंजीकरण गांव और विकासखंड स्तर पर किया जा सकेगा। इस व्यवस्था के अंतर्गत पात्र दिव्यांग सीएससी केंद्र पर भी जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद विभाग और केंद्र सरकार की एजेंसी के माध्यम से जांच कर कृत्रिम अंग लाभार्थियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही विकासखंड स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे।
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80 प्रतिशत के बने यूडीआईडी कार्ड
जिले में 16678 दिव्यांगजन पंजीकृत हैं। इनमें से 80 प्रतिशत दिव्यांगजनों के यूनिक दिव्यांगता पहचान कार्ड (यूडीआईडी) बन चुके हैं। कोरोना काल के बीच शिविर लगाकर सर्वाधिक संख्या में कार्ड बनाए जाने पर जिले को प्रदेेश में प्रथम स्थान भी मिल चुका है। इसी तरह अब कृत्रिम अंग दिलाने को शिविर लगाए जाएंगे।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग सहित अनेक योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया आसान कर दी गई है। सर्वे और जांच के बाद पात्रों को योजना लाभ आसानी से मिल सकेगा। - अभय श्रीवास्तव, उपनिदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग