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दारुल उलूम में पहुंचा नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 10 Jan 2018 12:28 AM IST
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मौलाना अब्दुल कासमी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद में हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद हरकत में आई पुलिस ने सभी धर्मस्थलों के प्रबंधकों को लाउडस्पीकर बजाने के लिए अनुमति लिए जाने से संबंधित नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है।
मंगलवार को दारुल उलूम को भी तीन नोटिस जारी किए गए हैं। इस पर मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी का कहना है कि अदालत के आदेश का वह सम्मान करते हैं और उसका पालन भी किया जाएगा।
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में स्थानीय पुलिस ने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा समेत दूसरे धर्मस्थलों के प्रबंधकों को लाउडस्पीकर बजाने के लिए प्रशासन से अनुमति लिए जाने से संबंधित नोटिस भेजने आरंभ कर दिए हैं।
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इसी सिलसिले में मंगलवार को दारुल उलूम को भी तीन नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया, छत्ता मस्जिद और दारुल उलूम की पुरानी मस्जिद के नाम शामिल हैं।
इस मामले में संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने बताया कि तीनों नोटिस संस्था को प्राप्त हो चुके हैं। अनुमति लेने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह आदेश किसी सरकार ने नहीं बल्कि अदालत ने दिए हैं।
जिसका वह सम्मान करते हैं और उसके मुताबिक ही लाउडस्पीकर को लेकर जो कायदे कानून बनाए गए हैं उसका पालन किया जाएगा। बता दें कि उच्च न्यायालय का आदेश आने के बाद कुछ देवबंदी उलमा ने इसका विरोध करते हुए सरकार पर मस्जिदों और मदरसों को साजिश के तहत निशाना बनाने का आरोप लगाया था।
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मंगलवार को दारुल उलूम को भी तीन नोटिस जारी किए गए हैं। इस पर मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी का कहना है कि अदालत के आदेश का वह सम्मान करते हैं और उसका पालन भी किया जाएगा।
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उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में स्थानीय पुलिस ने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा समेत दूसरे धर्मस्थलों के प्रबंधकों को लाउडस्पीकर बजाने के लिए प्रशासन से अनुमति लिए जाने से संबंधित नोटिस भेजने आरंभ कर दिए हैं।
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इसी सिलसिले में मंगलवार को दारुल उलूम को भी तीन नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया, छत्ता मस्जिद और दारुल उलूम की पुरानी मस्जिद के नाम शामिल हैं।
इस मामले में संस्था के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने बताया कि तीनों नोटिस संस्था को प्राप्त हो चुके हैं। अनुमति लेने के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह आदेश किसी सरकार ने नहीं बल्कि अदालत ने दिए हैं।
जिसका वह सम्मान करते हैं और उसके मुताबिक ही लाउडस्पीकर को लेकर जो कायदे कानून बनाए गए हैं उसका पालन किया जाएगा। बता दें कि उच्च न्यायालय का आदेश आने के बाद कुछ देवबंदी उलमा ने इसका विरोध करते हुए सरकार पर मस्जिदों और मदरसों को साजिश के तहत निशाना बनाने का आरोप लगाया था।