फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   No Tampering Allowed in Driving Training: Biometric Machines Installed at ADTC

Saharanpur News: ड्राइविंग ट्रेनिंग में नहीं चलेगी हेराफेरी, एडीटीसी में लगी बायोमेट्रिक मशीन

Thu, 28 May 2026 12:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Thu, 28 May 2026 12:44 AM IST
विज्ञापन
No Tampering Allowed in Driving Training: Biometric Machines Installed at ADTC
सहारनपुर। एडीटीसी की लगातार मिल रही शिकायतों को संभागीय परिवहन विभाग ने गंभीरता से लिया है। अब ड्राइविंग ट्रेनिंग में हेराफेरी नहीं होगी। इसके लिए सेंटर पर बायोमेट्रिक मशीन लगा दी है। अब ट्रेनिंग के लिए आने वाले आवेदक की बायोमेट्रिक होगी। इसके बाद ही लाइसेंस जारी होगा।
विज्ञापन

एक अप्रैल 2025 को बेहट रोड पर प्राइवेट ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर शुरू हुआ। यहां टेस्ट से लेकर ट्रेनिंग की फीस निर्धारित है। 21 घंटे की ट्रेनिंग का नियम है। उसमें आवेदक ट्रेनिंग चाहे तीन दिन पूरी कर सकता है या फिर चार दिन में। यानी आवेदक को तीन से चार घंटे प्रतिदिन वाहन ट्रैक पर चलाना होगा। इसके बाद ही निर्धारित फीस जमा कर ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाता है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में सेंटर की शिकायतें विभाग में लगातार पहुंच रही है।
विज्ञापन

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पिछले दिनों छह हजार रुपये लेकर ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया गया, जबकि नियमित ट्रेनिंग दी गई। प्रशासन के पास भी शिकायत आई। शिकायतों पर जांच बैठी। कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन अब संभागीय परिवहन विभाग ने हेराफेरी पर अंकुश लगाने के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगवा दी है। अब हर आवेदक की आने-जाने की बायोमेट्रिक होगी। मशीन लगने से ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


-------

-- ड्राइविंग लाइसेंस बनने का ग्राफ भी गिरा

जब से संभागीय परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस बनने की मैनुअल प्रक्रिया बंद हुई है, तब से ड्राइविंग लाइसेंस बनने का ग्राफ गिरा है। पहले एक दिन में 180 तक डीएल बनते थे, जो अब 50 से 60 ही बन पा रहे हैं। इससे भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


------

ट्रेनिंग की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए एडीटीसी में बायोमेट्रिक मशीन लगाई गई है। सेंटर पर जो भी आवेदक ट्रेनिंग लेगा, उसकी बायोमेट्रिक होगी। 21 घंटे की ट्रेनिंग के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी हो सकेगा।

रोहित कुमार सिंह, संभागीय निरीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed