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धर्मांतरण के मामले में सरकारी गवाह बना नितिन पंत
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सहारनपुर। धर्मांतरण के मामले में एटीएस ने नितिन पंत को सरकारी गवाह बनाया है। मजिस्ट्रेट के सामने भी उसके बयान कराए गए हैं। 24 सितंबर को नितिन को बालाजी घाट से एटीएस लखनऊ ले गई थी। रविवार को एटीएस उसको सहारनपुर छोड़ गई। दो सप्ताह तक एटीएस लखनऊ की टीम ने नितिन से पूछताछ की।
उत्तराखंड के नैनीताल के तल्लीताल निवासी नितिन पंत ने आरोप लगाया था कि 2010 में उसका जबरन धर्मांतरण कराया गया था। दो माह पहले नितिन ने सहारनपुर आकर हिंदू धर्म में वापसी की और तभी से वह विश्व अखाड़ा परिषद राष्ट्रीय सचिव निपुण भारद्वाज के संरक्षण में बालाजी घाट पर रहा है। धर्मांतरण के मामले में मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी होने पर नितिन ने एसपी सिटी को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी। आरोप लगाया था कि फुलत गांव के मदरसे में मौलाना कलीम ने भी उससे कई बार मुलाकात की थी। उस पर हिंदू समाज की लड़कियों को फंसाने और युवाओं का धर्मांतरण कराने का दबाव बनाया था।
इसका पता लगने पर 24 सितंबर को एटीएस नितिन पंत को बालाजी घाट से लखनऊ ले गई थी। नितिन पंत ने बताया कि एटीएस ने उसे सरकारी गवाह बनाया है। मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान कराए गए हैं। उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर फुलत गांव के मदरसे से अकरम को एटीएस ने पकड़ा। अकरम के लैपटॉप से मिले सुबूत के आधार पर दिल्ली के रोहिणी से सरफराज नाम के व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई।
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बनाए गए हैं 12 गवाह
विश्व अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय सचिव निपुण भारद्वाज ने बताया कि रविवार को एटीएस नितिन पंत को सहारनपुर छोड़ गई। नितिन से उन्हें जानकारी मिली कि एटीएस ने मौलाना कलीम के खिलाफ 12 गवाह बनाए हैं, जिनमें नितिन पंत को भी शामिल किया गया है। क्योंकि, नितिन पंत को भी फुलत के मदरसे में रखा गया था। नितिन ने मजिस्ट्रेट के सामने भी मौलाना कलीम पर संगीन आरोप लगाए हैं। साथ ही आरोप लगाया कि मौलाना कलीम के संबंध पाकिस्तान और अफगानिस्तान तक हैं।
इस मामले की जांच एटीएस अपने स्तर से कर रही है। उन्हें जानकारी मिली है कि पूछताछ और सरकारी गवाह बनाने के बाद एटीएस नितिन को सहारनपुर छोड़ गई। -- राजेश कुमार, एसपी सिटी
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उत्तराखंड के नैनीताल के तल्लीताल निवासी नितिन पंत ने आरोप लगाया था कि 2010 में उसका जबरन धर्मांतरण कराया गया था। दो माह पहले नितिन ने सहारनपुर आकर हिंदू धर्म में वापसी की और तभी से वह विश्व अखाड़ा परिषद राष्ट्रीय सचिव निपुण भारद्वाज के संरक्षण में बालाजी घाट पर रहा है। धर्मांतरण के मामले में मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी होने पर नितिन ने एसपी सिटी को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी। आरोप लगाया था कि फुलत गांव के मदरसे में मौलाना कलीम ने भी उससे कई बार मुलाकात की थी। उस पर हिंदू समाज की लड़कियों को फंसाने और युवाओं का धर्मांतरण कराने का दबाव बनाया था।
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इसका पता लगने पर 24 सितंबर को एटीएस नितिन पंत को बालाजी घाट से लखनऊ ले गई थी। नितिन पंत ने बताया कि एटीएस ने उसे सरकारी गवाह बनाया है। मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान कराए गए हैं। उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर फुलत गांव के मदरसे से अकरम को एटीएस ने पकड़ा। अकरम के लैपटॉप से मिले सुबूत के आधार पर दिल्ली के रोहिणी से सरफराज नाम के व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई।
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बनाए गए हैं 12 गवाह
विश्व अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय सचिव निपुण भारद्वाज ने बताया कि रविवार को एटीएस नितिन पंत को सहारनपुर छोड़ गई। नितिन से उन्हें जानकारी मिली कि एटीएस ने मौलाना कलीम के खिलाफ 12 गवाह बनाए हैं, जिनमें नितिन पंत को भी शामिल किया गया है। क्योंकि, नितिन पंत को भी फुलत के मदरसे में रखा गया था। नितिन ने मजिस्ट्रेट के सामने भी मौलाना कलीम पर संगीन आरोप लगाए हैं। साथ ही आरोप लगाया कि मौलाना कलीम के संबंध पाकिस्तान और अफगानिस्तान तक हैं।
इस मामले की जांच एटीएस अपने स्तर से कर रही है। उन्हें जानकारी मिली है कि पूछताछ और सरकारी गवाह बनाने के बाद एटीएस नितिन को सहारनपुर छोड़ गई। -- राजेश कुमार, एसपी सिटी