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Nikay Chunav: बागी बिगाड़ रहे पार्टी प्रत्याशियों के समीकरण, मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में बनी ऐसी स्थिति

Sat, 29 Apr 2023 10:52 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Sat, 29 Apr 2023 10:52 PM IST
सार

Nikay Chunav 2023 : यहां बागी नेता पार्टी प्रत्याशियों के समीकरण बिगाड़ रहे हैं। इनमें कई कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने पार्टी प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा रखी हैं।

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Nikay Chunav: Rebel leaders are spoiling the equation of party candidates in Saharanpur
यूपी नगर निकाय चुनाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सहारनपुर में बागी हुए कार्यकर्ता अपनी ही पार्टी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। इनमें कई कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने पार्टी प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा रखी हैं। यह प्रमुख प्रत्याशियों के समीकरण बिगाड़ रहे हैं। भाजपा में ऐसे कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा है, जबकि सपा, कांग्रेस और बसपा में भी बागी कार्यकर्ता चुनाव मैदान में डटे हैं।

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दरअसल, नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा में ऐसे कई कार्यकर्ता थे, जो लंबे समय से टिकट पाने की जुगत में थे। इनमें नगर निगम के 70 वार्डों में पार्षद पद के लिए 400 कार्यकर्ताओं ने दावेदारी की थी। पार्टी ने कई निवर्तमान पार्षदों के भी टिकट काट दिए थे। इसके साथ पांच साल से तैयारी में जुटे कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं मिले। कुछ तो संतुष्ट होकर पार्टी के साथ ही चुनाव में जुट गए, लेकिन कुछ वार्डों में कार्यकर्ता बागी हो गए, जो पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय के रूप में चुनावी मैदान में उतरे हैं। इन्होंने पार्टी के प्रत्याशियों को समीकरण बिगाड़ रखे हैं। इससे भाजपा को नुकसान हो सकता है। इसी तरह जिले की चार नगर पालिका क्षेत्रों में कुछ सेक्टरों में सभासदों और नगर पंचायतों में सदस्यों पद पर भी निर्दलीय प्रत्याशी अपनी पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
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वहीं, ऐसी स्थिति सपा में भी है। कई जगहों पर बागी हुए कार्यकर्ता चुनावी मैदान में है। खासकर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ऐसी स्थिति बनी है। इसके अलावा कांग्रेस में कई जगहों पर कार्यकर्ता पार्टी के सिंबल के बजाए निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि इनको पार्टी टिकट भी दे रही थी। बसपा में भी वार्डों व सेक्टरों कुछ जगहों पर रार देखने मिल रही है। हालांकि, पार्टी पदाधिकारी इस पर बोलने को तैयार नहीं है।
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मनाने में जुटे पदाधिकारी
भाजपा के शीर्ष पदाधिकारी और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि बागियों को मनाने में जुट हैं। मतदान होने में कुछ ही दिन बचे हैं। इनकी पूरी कोशिश है कि बागी हुए कार्यकर्ताओं को पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में बैठा दिया जाए।

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निष्कासन भी होगा
बागियों को लेकर राजनीतिक दलों के पदाधिकारी अभी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, लेकिन सूत्र बताते हैं कि चुनाव के तुरंत बाद ऐसे कार्यकर्ताओं का पार्टी से निष्कासन करेगी। खासकर भाजपा अनुशासन हीनता को लेकर ज्यादा गंभीर है।

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