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घरों पर नहीं लगी बेटियों के नाम पर बांटी गई नेम प्लेट
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चकवाली की प्रधान सविता
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। पिछले वर्ष जिले के कई गांवों में बेटियों की नेम प्लेट लगवाने के दावे महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा किए जा रहे हैं। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और बेटियों के नाम को सम्मान देने के लिए सरकार ने यह अभियान शुरू किया था, लेकिन जिले में जब इसकी हकीकत परखी गई तो पता चला कि ग्रामीणों की बात तो छोड़ें ज्यादातर ग्राम प्रधानों तक को इस अभियान की जानकारी नहीं है और न ही इस दौरान गांवों में बेटियों के नाम की नेम प्लेट उनके घरों पर लगी कहीं दिखाई दी।
नेम प्लेट लगने के अभियान की जानकारी तक नहीं
गांव जन्धेड़ा समसपुर की ग्राम प्रधान सविता का कहना है कि गांव में पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। इन सेंटरों पर बच्चों की संख्या भी अच्छी खासी है, लेकिन उनके गांव में किसी भी बच्ची के नाम की नेम प्लेट उसके घर पर नहीं लगाई गई है। प्रधान होने के नाते भी उन्हें ऐसी किसी योजना की जानकारी संबंधित विभाग द्वारा नहीं दी गई है।
बैठक में चर्चा तो हुई, लेकिन नेम प्लेट लगी कहीं नहीं
विकास खंड साढ़ौली कदीम के गांव बहरामपुर के पूर्व प्रधान राजेश पंवार ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान लगभग दो वर्ष पूर्व ब्लॉक मुख्यालय पर एक बैठक में बेटियों के नाम से घरों पर नेम प्लेट लगाए जाने की चर्चा की गई थी, लेकिन वह कागजों तक ही सीमित रह गई है। धरातल पर ऐसा कुछ नहीं हो पाया है। न तो उनके कार्यकाल और न अब उनके गांव में किसी भी बेटी के घर पर उसके नाम की प्लेट लगाई गई है।
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अभियान को दिया जाए मूर्त रूप
गांव चकवाली की प्रधान सविता देवी का कहना है कि उनके गांव में भी किसी भी बेटी के घर पर उसके नाम की प्लेट नहीं लगाई गई है। यदि इस अभियान को मूर्त रूप दिया जाए तो निश्चित रूप से बालिकाओं का समाज में सम्मान मिलेगा और अभिभावकों में भी उनकी शिक्षा को लेकर जागरूकता पैदा होगी।
दो बेटियां हैं, नहीं लगी नेम प्लेट
देवबंद क्षेत्र के गांव चंदेना कोली निवासी कमल कुमार शर्मा ने बताया कि उनके दो बेटियां वंशिका और कनिका हैं। उनके घर पर कोई भी बेटियों के नाम की नेम प्लेट लगाने नहीं आया है। ना ही उन्हें इस तरह के किसी अभियान की जानकारी है। उनका कहना है कि सरकार के इस तरह के अभियान केवल कागजों तक ही सिमट जाते हैं।
नागल सहित कई जगहों पर कार्यक्रमों का आयोजन कर बेटियों के अभिभावकों को नेम प्लेट और प्रशस्ति पत्र दिए गए थे। ऐसा हो सकता है कि अभिभावकों ने इन्हें अपने घरों पर नहीं लगाया हो। वे इसे दिखवाने का काम करेंगे। भविष्य में अभिभावकों को इन नेम प्लेट को लगाने के लिए जागरूक भी किया जाएगा।
पुष्पेंद्र कुमार
उपनिदेशक महिला एवं बाल कल्याण
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नेम प्लेट लगने के अभियान की जानकारी तक नहीं
गांव जन्धेड़ा समसपुर की ग्राम प्रधान सविता का कहना है कि गांव में पांच आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। इन सेंटरों पर बच्चों की संख्या भी अच्छी खासी है, लेकिन उनके गांव में किसी भी बच्ची के नाम की नेम प्लेट उसके घर पर नहीं लगाई गई है। प्रधान होने के नाते भी उन्हें ऐसी किसी योजना की जानकारी संबंधित विभाग द्वारा नहीं दी गई है।
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बैठक में चर्चा तो हुई, लेकिन नेम प्लेट लगी कहीं नहीं
विकास खंड साढ़ौली कदीम के गांव बहरामपुर के पूर्व प्रधान राजेश पंवार ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान लगभग दो वर्ष पूर्व ब्लॉक मुख्यालय पर एक बैठक में बेटियों के नाम से घरों पर नेम प्लेट लगाए जाने की चर्चा की गई थी, लेकिन वह कागजों तक ही सीमित रह गई है। धरातल पर ऐसा कुछ नहीं हो पाया है। न तो उनके कार्यकाल और न अब उनके गांव में किसी भी बेटी के घर पर उसके नाम की प्लेट लगाई गई है।
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अभियान को दिया जाए मूर्त रूप
गांव चकवाली की प्रधान सविता देवी का कहना है कि उनके गांव में भी किसी भी बेटी के घर पर उसके नाम की प्लेट नहीं लगाई गई है। यदि इस अभियान को मूर्त रूप दिया जाए तो निश्चित रूप से बालिकाओं का समाज में सम्मान मिलेगा और अभिभावकों में भी उनकी शिक्षा को लेकर जागरूकता पैदा होगी।
दो बेटियां हैं, नहीं लगी नेम प्लेट
देवबंद क्षेत्र के गांव चंदेना कोली निवासी कमल कुमार शर्मा ने बताया कि उनके दो बेटियां वंशिका और कनिका हैं। उनके घर पर कोई भी बेटियों के नाम की नेम प्लेट लगाने नहीं आया है। ना ही उन्हें इस तरह के किसी अभियान की जानकारी है। उनका कहना है कि सरकार के इस तरह के अभियान केवल कागजों तक ही सिमट जाते हैं।
नागल सहित कई जगहों पर कार्यक्रमों का आयोजन कर बेटियों के अभिभावकों को नेम प्लेट और प्रशस्ति पत्र दिए गए थे। ऐसा हो सकता है कि अभिभावकों ने इन्हें अपने घरों पर नहीं लगाया हो। वे इसे दिखवाने का काम करेंगे। भविष्य में अभिभावकों को इन नेम प्लेट को लगाने के लिए जागरूक भी किया जाएगा।
पुष्पेंद्र कुमार
उपनिदेशक महिला एवं बाल कल्याण

राजेश पंवार- फोटो : SAHARANPUR

सविता देवी- फोटो : SAHARANPUR

अपनी बेटियों के साथ कमल शर्मा- फोटो : SAHARANPUR