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मुसलमानों और दलितों को रिझाने की कोशिश में राहुल
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 05 Oct 2016 12:41 AM IST
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तैयारियों में सजा पंडाल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में सियासी जमीन को मजबूत करने निकले राहुल गांधी वेस्ट यूपी की धरती पर मुसलमानों के साथ दलितों को रिझाने की पुरजोर कोशिश में हैं।
यही कारण है कि सहारनपुर दौरे में अंबेडकरपुरम स्थित विपाश्ना केंद्र का उद्घाटन कर दलितों को अपनत्व का संदेश देना चाहेंगे तो दारुल उलूम पहुंचकर मुस्लिम मतदाताओं को साधने की कवायद होगी।
हालांकि तय समय से पहले सहारनपुर पहुंचे राहुल गांधी ने वुडकार्विंग कारखाने का दौरा कर पश्चिम के लाखों कामगारों के दर्द को छूने की कोशिश की। केंद्र की सरकार को शूट-बूट की साबित करने में जुटे राहुल ने आनन-फानन में नदीम कालोनी स्थित वुड कार्विंग कारखाने पर पहुंचकर कांग्रेस को गरीबों और मजदूरों से जोड़ने की कोशिश की है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का देर शाम सहारनपुर आना प्रस्तावित था। मगर, तय समय से पहले शाम करीब छह बजे राहुल गांधी यहां पहुंच गए। ऐसे में उनके सियासी सलाहकारों ने आनन-फानन में विख्यात वुड कार्विंग उद्योग के जरिये लाखों कामगारों को साधने का ताना-बाना बुन दिया।
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इस पूरे दौरे के जरिये कांग्रेस और राहुल की निगाह उनके बेस वोट रहे दलित-मुस्लिम पर टिकी है। आपको बता दें कि पिछले पांच महीनों में सहारनपुर का सियासी पारा चढ़ा हुआ है।
पहले यहां केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने पर पीएम नरेंद्र मोदी ने रैली की। इसके बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने यहां हुंकार भरी। अब राहुल गांधी कांग्रेस की जमीन मजबूत करने यहां पहुंचे हैं।
कांग्रेस के लिए सहारनपुर की जमीन से उम्मीद भी है। कारण, वर्ष 2012 में कांग्रेस भले ही यहां एक सीट जीत पाई थी, मगर छह सीटों पर कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा था।
इसके बाद लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद ने चार लाख मत हासिल कर लिए थे। कुछ महीने पहले हुए उप चुनाव में कांग्रेस ने बसपा की गैर मौजूदगी में देवबंद सीट पर फतह भी कर ली। ऐसे में कांग्रेस चाहती है कि अगर दलित-मुस्लिम गठजोड़ की उसकी रणनीति पर सही तरह से काम हुआ तो मत परिणाम उसके पक्ष में आ सकते हैं।
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यही कारण है कि सहारनपुर दौरे में अंबेडकरपुरम स्थित विपाश्ना केंद्र का उद्घाटन कर दलितों को अपनत्व का संदेश देना चाहेंगे तो दारुल उलूम पहुंचकर मुस्लिम मतदाताओं को साधने की कवायद होगी।
हालांकि तय समय से पहले सहारनपुर पहुंचे राहुल गांधी ने वुडकार्विंग कारखाने का दौरा कर पश्चिम के लाखों कामगारों के दर्द को छूने की कोशिश की। केंद्र की सरकार को शूट-बूट की साबित करने में जुटे राहुल ने आनन-फानन में नदीम कालोनी स्थित वुड कार्विंग कारखाने पर पहुंचकर कांग्रेस को गरीबों और मजदूरों से जोड़ने की कोशिश की है।
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का देर शाम सहारनपुर आना प्रस्तावित था। मगर, तय समय से पहले शाम करीब छह बजे राहुल गांधी यहां पहुंच गए। ऐसे में उनके सियासी सलाहकारों ने आनन-फानन में विख्यात वुड कार्विंग उद्योग के जरिये लाखों कामगारों को साधने का ताना-बाना बुन दिया।
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इस पूरे दौरे के जरिये कांग्रेस और राहुल की निगाह उनके बेस वोट रहे दलित-मुस्लिम पर टिकी है। आपको बता दें कि पिछले पांच महीनों में सहारनपुर का सियासी पारा चढ़ा हुआ है।
पहले यहां केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने पर पीएम नरेंद्र मोदी ने रैली की। इसके बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने यहां हुंकार भरी। अब राहुल गांधी कांग्रेस की जमीन मजबूत करने यहां पहुंचे हैं।
कांग्रेस के लिए सहारनपुर की जमीन से उम्मीद भी है। कारण, वर्ष 2012 में कांग्रेस भले ही यहां एक सीट जीत पाई थी, मगर छह सीटों पर कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा था।
इसके बाद लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद ने चार लाख मत हासिल कर लिए थे। कुछ महीने पहले हुए उप चुनाव में कांग्रेस ने बसपा की गैर मौजूदगी में देवबंद सीट पर फतह भी कर ली। ऐसे में कांग्रेस चाहती है कि अगर दलित-मुस्लिम गठजोड़ की उसकी रणनीति पर सही तरह से काम हुआ तो मत परिणाम उसके पक्ष में आ सकते हैं।