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मुस्लिम महिलाएं बोली बहुविवाह अपराध घोषित हो
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 03 Jan 2018 12:01 AM IST
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तीन तलाक के विरोध में महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में लोकसभा में तीन तलाक विधेयक के पारित होने के बाद राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ ने बहु विवाह को अपराध घोषित करने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने तीन तलाक यानि तलाक एक बिददत को लेकर लोकसभा में पारित कराए गए विधेयक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए इसे एक साहसिक कार्य करार दिया।
मंगलवार को प्रताप नगर स्थित एक पार्क में आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ की अध्यक्ष फरहा फैज ने कहा कि अब सरकार को बहु विवाह प्रथा को अपराध की श्रेणी में लाकर मुस्लिम महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को रोकने की पहल करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में आदेशों के अनुपालन में जिस प्रकार लोकसभा में तीन तलाक पर विधेयक को पास कराया वह सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि तलाक ए बिददत के नाम पर मुस्लिम महिलाओं का जीवन एक ही झटके में बर्बाद कर दिया जाता था।
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तलाक का खामियाजा अधिकांशतया महिलाओं को ही भुगतना पड़ता है। इस पर कानून बनने के बाद मुस्लिम महिलाओं का जीवन सम्मानित और सुरक्षित हो जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से बहु विवाह को अपराध की श्रेणी में शामिल करने की मांग की है।
रोशनआरा, जहांआरा, नसरीन, शबनम, नूरजहां, मोनिश, नसीम बानो, गुलनाज, निगहत, तसलीम, ग्रीन बेगम, शहजादी बेगम, नजमा, नुसरत, तैयब, महवीश,शगुफ्ता, अंजुम, रूबीना, कमरजहां,आयशा प्रवीन, गजाला अंजुम, तरन्नुम, नाजी अर्शी, प्रवीन अर्शी आदि रहीं। संचालन शगुफ्ता शबनम ने किया।
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मंगलवार को प्रताप नगर स्थित एक पार्क में आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ की अध्यक्ष फरहा फैज ने कहा कि अब सरकार को बहु विवाह प्रथा को अपराध की श्रेणी में लाकर मुस्लिम महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को रोकने की पहल करनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में आदेशों के अनुपालन में जिस प्रकार लोकसभा में तीन तलाक पर विधेयक को पास कराया वह सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि तलाक ए बिददत के नाम पर मुस्लिम महिलाओं का जीवन एक ही झटके में बर्बाद कर दिया जाता था।
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तलाक का खामियाजा अधिकांशतया महिलाओं को ही भुगतना पड़ता है। इस पर कानून बनने के बाद मुस्लिम महिलाओं का जीवन सम्मानित और सुरक्षित हो जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से बहु विवाह को अपराध की श्रेणी में शामिल करने की मांग की है।
रोशनआरा, जहांआरा, नसरीन, शबनम, नूरजहां, मोनिश, नसीम बानो, गुलनाज, निगहत, तसलीम, ग्रीन बेगम, शहजादी बेगम, नजमा, नुसरत, तैयब, महवीश,शगुफ्ता, अंजुम, रूबीना, कमरजहां,आयशा प्रवीन, गजाला अंजुम, तरन्नुम, नाजी अर्शी, प्रवीन अर्शी आदि रहीं। संचालन शगुफ्ता शबनम ने किया।