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मुस्लिमों को हिंदुस्तानी तो कहा जा सकता है, हिंदू नहीं : उलमा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:32 AM IST
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मौलाना नदीमुलवाजदी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के देश में रहने वाले सभी लोगों को हिंदू बताने वाले बयान पर देवबंदी उलमा ने नाराजगी का इजहार किया है। उलमा का कहना है कि मोहन भागवत जान बूझकर इस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं ताकि देश में नफरत का माहौल बनाया जा सके।
अरबी के विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि हिंदू शब्द हिंदू धर्म को मानने वालों के लिए है, जबकि इस्लाम मजहब को मानने वालों के लिए मुस्लिम शब्द है। उन्होंने कहा कि देश में रहने वाले सभी देशवासियों को हिंदुस्तानी तो कहा जा सकता है, लेकिन उन्हें हिंदू नहीं कहा जा सकता है।
हमारे मुल्क में इस्लाम धर्म समेत सिख, जैन, ईसाई और दूसरे मजहबों को मानने वाले लोग रहते हैं। ऐसे में सभी लोगों को हिंदू बताया जाना सरासर गलत है। इससे साफ है कि मोहन भागवत देश में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं।
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अरबी के विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि हिंदू शब्द हिंदू धर्म को मानने वालों के लिए है, जबकि इस्लाम मजहब को मानने वालों के लिए मुस्लिम शब्द है। उन्होंने कहा कि देश में रहने वाले सभी देशवासियों को हिंदुस्तानी तो कहा जा सकता है, लेकिन उन्हें हिंदू नहीं कहा जा सकता है।
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हमारे मुल्क में इस्लाम धर्म समेत सिख, जैन, ईसाई और दूसरे मजहबों को मानने वाले लोग रहते हैं। ऐसे में सभी लोगों को हिंदू बताया जाना सरासर गलत है। इससे साफ है कि मोहन भागवत देश में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं।
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