निकाय चुनाव: सहारनपुर में त्रिकोणीय मुकाबला, राज्यमंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर, भाजपा के सामने ये बड़ी चुनौती
सहारनपुर जनपद में नगरीय निकाय चुनावों में राज्यमंत्री दिनेश खटीक की प्रतिष्ठा दांव पर है तो वहीं भाजपा के लिए जीत हासिल करना बड़ी चुनौती है। वहीं जनपद के विभिन मतदान केंद्रों पर शहरों की सरकार बनाने के लिए जनता बढ़-चढ़कर मतदान कर रही है।
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सहारनपुर जनपद में नगरीय निकाय चुनावों के लिए मतदान आज सुबह सात बजे से शुरू हुआ जो शाम छह बजे तक चलेगा। जिले के 12 नगर निकायों के 915160 मतदाता चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें 483156 पुरुष मतदाता और 432004 महिला मतदाता शामिल हैं। जिले में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। वहीं राज्यमंत्री की प्रतिष्ठाा भी दांव पर है। जल शक्ति मंत्री दिनेश खटीक की बहन वर्षा मोगा भाजपा की प्रत्याशी है।
सरसावा नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव में सात प्रत्याशी मैदान में हैं। लेकिन मुख्य मुकाबला तीन के बीच में ही है। इनमें भाजपा, बसपा और भाजपा के असंतुष्ट धड़े के समर्थन से लड़ रही निर्दलीय भी शामिल हैं। निवर्तमान पालिकाध्यक्ष विजेंद्र मोगा की पत्नी और प्रदेश सरकार में जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक की बहन वर्षा मोगा भाजपा की ओर से उम्मीदवार हैं।
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बसपा से पूर्व सभासद प्रेम खन्ना की माता शकुंतला देवी और निर्दलीय ताल ठोक रही पूर्व सभासद राजू पंवार की पत्नी कोमल पंवार के अलावा रीना और रंजना भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में हैं। इस बार सरसावा नगरपालिका की सीट अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है।
भाजपा प्रत्याशी जहां हिंदू वोटों के सहारे मैदान में हैं, वहीं बसपा दलित और मुस्लिम मतों के सहारे विजय श्री पाने की कतार में है। जबकि निर्दलीय प्रत्याशी कोमल पंवार भाजपा के असंतुष्ट धड़े के साथ चुनाव को त्रिकोणीय बना रही है। इस सीट पर किसी भी प्रत्याशी की जीत में मुस्लिम मत निर्णायक होंगे। इस सीट पर कुल मत 18192 हैं जिनमें 9454 पुरुष तथा 8738 महिला मतदाता हैं।
नगर पंचायत चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा और बसपा और एक निर्दलीय सहित मात्र तीन प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। बसपा और निर्दलीय प्रत्याशी जहां अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि और समर्थकों के सहारे चुनावी समर जीतने के प्रति आश्वस्त हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी मोदी योगी के सुशासन से नगर पंचायत में पहली बार कमल खिलाने के दावे कर रही हैं।
बता दें कि गत निकाय चुनाव में मौजूदा बसपा प्रत्याशी निशात फातिमा की देवरानी नसीम फातिमा ने करीब 4600 मत प्राप्त कर कांग्रेस प्रत्याशी रुमाना खान पत्नी अफजाल खान (करीब 3900 वोट) को हराते हुए अध्यक्ष पद पर कब्जा किया था। भाजपा प्रत्याशी और वर्तमान में भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रक्षा नामदेव करीब 3600 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रही थी।
इस बार भी तीन ही प्रत्याशी चुनावी समर में हैं। इनमें भाजपा से अलका शर्मा, बसपा से निशात फातिमा और निर्दलीय प्रत्याशी रुमाना खान मुकाबले में डटी हैं। जब से नानौता नगर पंचायत बनी है तब से यहां भाजपा का चेयरमैन नहीं बन सका है। इसलिए भाजपा के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का विषय बनी है।
निर्दलीय प्रत्याशी रुमाना खान पिछली बार कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर दूसरे स्थान पर रही थी। रुमाना खान ने पूर्व में उनसे रुठे सभी साथियों और समर्थकों को मनाने का भरपूर प्रयास किया है। जिसमें उन्हें सफलता भी हासिल रही है। उनके समर्थक पिछली बार की हार की टीस को इस बार जीत में बदलने को बेताब हैं।
निवर्तमान चेयरमैन नसीम फातिमा की जेठानी निशात फातिमा भी परिवार की बादशाहत कायम रखने के लिए जी जान से चुनाव लड़ रही हैं। वे देवरानी द्वारा कराए गए विकास कार्यों को लेकर जीत के प्रति आश्वस्त हैं। परिणाम कुछ भी हो तीनों प्रत्याशी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।