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Saharanpur News: टैक्स और अन्य वसूली में नगर निगम प्रदेश में फिसड्डी
Sat, 01 Feb 2025 12:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 01 Feb 2025 12:11 AM IST
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सहारनपुर। टैक्स वसूलने के लिए नगर निगम कहीं शिविर लगा रहा है तो कहीं प्रचार-प्रसार वाहन छोड़ा गया, लेकिन इसके बाद भी जो आंकड़ा सामने आया है वह बेहद खराब है। गृहकर सहित अन्य स्रोतों से कमाई के मामले में नगर निगम सहारनपुर पूरे प्रदेश में सबसे फिसड्डी रहा है।
महानगर के 70 वार्डों में जीआईएस सर्वे के बाद कुल 2,13,035 संपत्तियां सामने आईं हैं। इनमें आवासीय और व्यावसायिक भवनों के अलावा अन्य संपत्तियां भी शामिल हैं। गृहकर सभी 2,13,035 संपत्तियों पर लगा है, जबकि जलकर 1,66,264 और सीवर कर 41,371 संपत्तियों पर लगा है। टैक्स की वसूली अप्रैल से मार्च तक की जाती है।
शासन ने अप्रैल 2024 से दिसंबर 2024 तक की आंकड़ा जारी किया है, जिसमें नगर निगम प्रदेश के 17 नगर निगमों में फिसड्डी रहा है। जारी किए गए आंकड़े के अनुसार कुल भवनों में से मात्र 24 फीसदी भवनों से गृहकर, 29 फीसदी कनेक्शनों से जलकर और 43 फीसदी कनेक्शनों से सीवर कर वसूला गया है। शेष तीन महीने में 76 फीसदी गृहकर, 71 फीसदी जलकर और 57 फीसदी सीवर कर वसूलना चुनौती से कम नहीं है। इनके अलावा अन्य तरह की आय, जिनमें दुकानों से किराया, कमेला, ठेका पशु मंडी व अन्य ठेकों में भी सहारनपुर पिछड़ा है।
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बता दें, कि नवंबर से मार्च तक प्रत्येक दिन चार शिविर टैक्स वसूली के लिए लगते हैं। प्रत्येक शिविर में लिपिक और कर संग्रहकर्ता सहित तीन कर्मचारी सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक बैठते हैं। फिर भी यह स्थिति है।
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महानगर के 70 वार्डों में जीआईएस सर्वे के बाद कुल 2,13,035 संपत्तियां सामने आईं हैं। इनमें आवासीय और व्यावसायिक भवनों के अलावा अन्य संपत्तियां भी शामिल हैं। गृहकर सभी 2,13,035 संपत्तियों पर लगा है, जबकि जलकर 1,66,264 और सीवर कर 41,371 संपत्तियों पर लगा है। टैक्स की वसूली अप्रैल से मार्च तक की जाती है।
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शासन ने अप्रैल 2024 से दिसंबर 2024 तक की आंकड़ा जारी किया है, जिसमें नगर निगम प्रदेश के 17 नगर निगमों में फिसड्डी रहा है। जारी किए गए आंकड़े के अनुसार कुल भवनों में से मात्र 24 फीसदी भवनों से गृहकर, 29 फीसदी कनेक्शनों से जलकर और 43 फीसदी कनेक्शनों से सीवर कर वसूला गया है। शेष तीन महीने में 76 फीसदी गृहकर, 71 फीसदी जलकर और 57 फीसदी सीवर कर वसूलना चुनौती से कम नहीं है। इनके अलावा अन्य तरह की आय, जिनमें दुकानों से किराया, कमेला, ठेका पशु मंडी व अन्य ठेकों में भी सहारनपुर पिछड़ा है।
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बता दें, कि नवंबर से मार्च तक प्रत्येक दिन चार शिविर टैक्स वसूली के लिए लगते हैं। प्रत्येक शिविर में लिपिक और कर संग्रहकर्ता सहित तीन कर्मचारी सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक बैठते हैं। फिर भी यह स्थिति है।