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छूटे बच्चों और गर्भवतियों का होगा टीकाकरण
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सहारनपुर। नियमित टीकाकरण से छूटे दो वर्ष से कम आयु के बच्चों तथा गर्भवतियों को चिह्नित कर उनका टीकाकरण कराया जाएगा। इसके लिए जनपद में तीन चरणों में सघन मिशन इंद्रधनुष 4.0 अभियान चलाया जाएगा। जिसकी तैयारियां जिला स्तर पर शुरू कर दी गई हैं।
सघन मिशन इंद्रधनुष 4.0 अभियान के लिए मंगलवार को टीबी सैनिटोरियम में स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। हर ब्लॉक से दो डॉक्टर, ईएमओ और स्टाफ सदस्यों ने हिस्सा लिया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि 23 से 26 फरवरी तक जनपद में नियमित टीकाकरण से छूटे दो वर्ष से कम आयु के बच्चों और गर्भवतियों को चिह्नित किया जाएगा। पूर्व में चिन्हांकन किया गया था, जिसमें ऐसे 28 हजार बच्चे और गर्भवतियां चिह्नित की गई थीं, लेकिन शासन ने नए सिरे से दोबारा चिन्हांकन करने को कहा है। ऐसे में अब पुन: चिह्नित करने का कार्य किया जाएगा। जिन बच्चों या गर्भवती को टीका नहीं लगा है, उनको अभियान चलाकर टीका लगवाया जाएगा। सघन इंद्रधनुष 4.0 अभियान तीन चरणों में चलेगा। पहला चरण सात मार्च को शुरू होगा, जबकि दूसरा चरण चार अप्रैल तथा तीसरा चरण दो मई से चलेगा। यानी प्रत्येक माह के पहले सोमवार को अभियान चलेगा।
16 वर्ष की आयु वालों की संख्या करीब 12 लाख
पैदा होने से लेकर 16 वर्ष की आयु तक के बच्चों और किशोरों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाते हैं। जनपद में इस आयु वर्ग वाले बच्चों और किशोरों की संख्या करीब 12 लाख है। वर्ष 2018 में नौ माह से 15 वर्ष की आयु के बच्चों और किशोरों की संख्या 11 लाख थी, जिन्हें मीजल्स रुबेला का टीका लगाया गया था।
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क्या है मिशन इंद्रधनुष
मिशन इंद्रधनुष अभियान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का अभियान है। इसके तहत उन बच्चों को टीका लगाया जाता है, जिनका कोई टीका छूटा हुआ है या एक भी टीका नहीं लगा है। बच्चों को डिफ्थीरिया, बलगम, टिटनेस, पोलियो, तपेदिक, खसरा तथा हेपेटाइटिस-बी आदि बीमारियों को रोकने के लिए टीके लगाए जाते हैं।
सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान सात मार्च से शुरू हो रहा है, जो तीन चरणों में चलेगा। इनमें दो वर्ष तक की आयु के उन बच्चों को चिह्नित किया जाएगा, जिनका कोई भी टीका छूटा हुआ है। इसके अलावा गर्भवतियों को भी चिह्नित कर छूटे हुए टीके लगाए जाएंगे।
डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।
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सघन मिशन इंद्रधनुष 4.0 अभियान के लिए मंगलवार को टीबी सैनिटोरियम में स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया। हर ब्लॉक से दो डॉक्टर, ईएमओ और स्टाफ सदस्यों ने हिस्सा लिया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि 23 से 26 फरवरी तक जनपद में नियमित टीकाकरण से छूटे दो वर्ष से कम आयु के बच्चों और गर्भवतियों को चिह्नित किया जाएगा। पूर्व में चिन्हांकन किया गया था, जिसमें ऐसे 28 हजार बच्चे और गर्भवतियां चिह्नित की गई थीं, लेकिन शासन ने नए सिरे से दोबारा चिन्हांकन करने को कहा है। ऐसे में अब पुन: चिह्नित करने का कार्य किया जाएगा। जिन बच्चों या गर्भवती को टीका नहीं लगा है, उनको अभियान चलाकर टीका लगवाया जाएगा। सघन इंद्रधनुष 4.0 अभियान तीन चरणों में चलेगा। पहला चरण सात मार्च को शुरू होगा, जबकि दूसरा चरण चार अप्रैल तथा तीसरा चरण दो मई से चलेगा। यानी प्रत्येक माह के पहले सोमवार को अभियान चलेगा।
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16 वर्ष की आयु वालों की संख्या करीब 12 लाख
पैदा होने से लेकर 16 वर्ष की आयु तक के बच्चों और किशोरों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाते हैं। जनपद में इस आयु वर्ग वाले बच्चों और किशोरों की संख्या करीब 12 लाख है। वर्ष 2018 में नौ माह से 15 वर्ष की आयु के बच्चों और किशोरों की संख्या 11 लाख थी, जिन्हें मीजल्स रुबेला का टीका लगाया गया था।
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क्या है मिशन इंद्रधनुष
मिशन इंद्रधनुष अभियान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का अभियान है। इसके तहत उन बच्चों को टीका लगाया जाता है, जिनका कोई टीका छूटा हुआ है या एक भी टीका नहीं लगा है। बच्चों को डिफ्थीरिया, बलगम, टिटनेस, पोलियो, तपेदिक, खसरा तथा हेपेटाइटिस-बी आदि बीमारियों को रोकने के लिए टीके लगाए जाते हैं।
सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान सात मार्च से शुरू हो रहा है, जो तीन चरणों में चलेगा। इनमें दो वर्ष तक की आयु के उन बच्चों को चिह्नित किया जाएगा, जिनका कोई भी टीका छूटा हुआ है। इसके अलावा गर्भवतियों को भी चिह्नित कर छूटे हुए टीके लगाए जाएंगे।
डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।