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बिचौलियों पर लगेगा अंकुश, किसान को देना होगा शपथ पत्र
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सहारनपुर। जनपद में गेहूं की बंपर खरीद को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। किसानों की आड़ में व्यापारी सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं न बेच दें, इस पर खास नजर रखी जाएगी। इसके तहत गेहूं बेचने वाले किसानों से सादे कागज पर शपथ पत्र लिया जाएगा। जिसमें किसान की जमीन का कुल रकबा और गेहूं की खेती का वितरण दर्ज करना होगा।
जनपद में सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की रिकार्ड खरीद हो रही है। अभी तक 67718 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। अभी भी गेहूं की खरीद हो रही है, जबकि गत वर्ष पूरे सीजन में 60000 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा गया था। अधिक गेहूं खरीद का बड़ा कारण इस बार उत्पादन अधिक होना और गेहूं का रोग रहित होना माना जा रहा है।
वहीं, खाद्य विपणन विभाग ने जो व्यवस्था बनाई है, उसमें किसान को कुल जमीन, गेहूं का रकबा, गन्ने का क्षेत्रफल आदि की जानकारी देनी होगी। इसका मकसद यह है कि कोई भी बिचौलिया किसान की आड़ में सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं की बिक्री न कर सकें। शपथ पत्र में दिए गए विवरण का आवश्यकता पड़ने पर मिलान किया जाएगा।
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-- वर्जन --
सरकारी क्रय केंद्रों पर अधिक गेहूं खरीद को देखते हुए जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों से सादे कागज पर शपथ पत्र लेने के निर्देश दिए हैं। इसका मिलान गन्ना विभाग, उद्यान विभाग के आंकड़ों से किया जाएगा। यदि अंतर पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसका मकसद बिचौलियों पर अंकुश लगाना है।
-- प्रिंस चौधरी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
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जनपद में सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की रिकार्ड खरीद हो रही है। अभी तक 67718 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। अभी भी गेहूं की खरीद हो रही है, जबकि गत वर्ष पूरे सीजन में 60000 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा गया था। अधिक गेहूं खरीद का बड़ा कारण इस बार उत्पादन अधिक होना और गेहूं का रोग रहित होना माना जा रहा है।
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वहीं, खाद्य विपणन विभाग ने जो व्यवस्था बनाई है, उसमें किसान को कुल जमीन, गेहूं का रकबा, गन्ने का क्षेत्रफल आदि की जानकारी देनी होगी। इसका मकसद यह है कि कोई भी बिचौलिया किसान की आड़ में सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं की बिक्री न कर सकें। शपथ पत्र में दिए गए विवरण का आवश्यकता पड़ने पर मिलान किया जाएगा।
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सरकारी क्रय केंद्रों पर अधिक गेहूं खरीद को देखते हुए जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों से सादे कागज पर शपथ पत्र लेने के निर्देश दिए हैं। इसका मिलान गन्ना विभाग, उद्यान विभाग के आंकड़ों से किया जाएगा। यदि अंतर पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसका मकसद बिचौलियों पर अंकुश लगाना है।
-- प्रिंस चौधरी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।