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Saharanpur News: बाहर से लिखी जा रही दवाई, हीट वेव का इलाज तक नहीं बता सके डॉक्टर
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। मरीजों के लिए सुविधाओं का दम भरने वाले एसबीडी जिला अस्पताल की पोल डीएम मनीष बंसल के निरीक्षण में खुल गई। ओपीडी से लेकर जांच सुविधा और वार्डों में तमाम खामियां मिलीं। चिकित्सक व स्टाफ हीट वेव का इलाज तक नहीं बता पाए। बाहर की दवा लिखने, अल्ट्रासाउंड में देरी करने पर जमकर फटकार लगाई। माइनर ओटी में डीएम को देखकर वहां मौजूद एक संदिग्ध युवक भाग गया। डीएम ने 10 दिन में सुधार नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
दोपहर के समय डीएम ने सबसे पहले कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुधा कक्ष में पहुंचकर हाजिरी रजिस्टर की जांच की। उसके बाद वह औषधि कक्ष में पहुंचे। मरीज मांगेराम से पूछा कि दवाई मिली। डीएम ने पूछा कि बाहर से तो दवाई नहीं लिखी। इस पर वहां खड़े दूसरे मरीज रविंद्र ने डीएम को पर्ची दिखाते हुए कहा कि साहब बाहर की यह दवाई लिखी है। बाहर से लिखी दवाई देखकर डीएम नाराज हो गए। वह तुरंत चिकित्सक के कक्ष में पहुंच गए। वहां पर बाहर की दवाई लिखने पर चिकित्सक से जवाब-तलब किया। डीएम दंत रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में गए। यहां एक्सरे मशीन नहीं मिली। इसके बाद अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे कक्ष में पहुंचे। यहां एक मरीज ने कहा कि सर, दो घंटे से बैठे हैं। अभी तक अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ है। जिस पर डीएम ने रेडियोलॉजिस्ट से सवाल-जवाब किए।
इमरजेंसी में बने हीट वेव वार्ड में बेड कम और पर्दे गायब मिले। हीट स्ट्रोक का इलाज के बारे में डॉक्टर से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ तक कोई जवाब नहीं दे सका। इसके बाद माइनर ओटी पहुंचे। तभी एक संदिग्ध युवक पीछे के गेट से भाग निकला। इसका पता कराया जा रहा है यह कौन था।
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सहारनपुर। मरीजों के लिए सुविधाओं का दम भरने वाले एसबीडी जिला अस्पताल की पोल डीएम मनीष बंसल के निरीक्षण में खुल गई। ओपीडी से लेकर जांच सुविधा और वार्डों में तमाम खामियां मिलीं। चिकित्सक व स्टाफ हीट वेव का इलाज तक नहीं बता पाए। बाहर की दवा लिखने, अल्ट्रासाउंड में देरी करने पर जमकर फटकार लगाई। माइनर ओटी में डीएम को देखकर वहां मौजूद एक संदिग्ध युवक भाग गया। डीएम ने 10 दिन में सुधार नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
दोपहर के समय डीएम ने सबसे पहले कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुधा कक्ष में पहुंचकर हाजिरी रजिस्टर की जांच की। उसके बाद वह औषधि कक्ष में पहुंचे। मरीज मांगेराम से पूछा कि दवाई मिली। डीएम ने पूछा कि बाहर से तो दवाई नहीं लिखी। इस पर वहां खड़े दूसरे मरीज रविंद्र ने डीएम को पर्ची दिखाते हुए कहा कि साहब बाहर की यह दवाई लिखी है। बाहर से लिखी दवाई देखकर डीएम नाराज हो गए। वह तुरंत चिकित्सक के कक्ष में पहुंच गए। वहां पर बाहर की दवाई लिखने पर चिकित्सक से जवाब-तलब किया। डीएम दंत रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में गए। यहां एक्सरे मशीन नहीं मिली। इसके बाद अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे कक्ष में पहुंचे। यहां एक मरीज ने कहा कि सर, दो घंटे से बैठे हैं। अभी तक अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ है। जिस पर डीएम ने रेडियोलॉजिस्ट से सवाल-जवाब किए।
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इमरजेंसी में बने हीट वेव वार्ड में बेड कम और पर्दे गायब मिले। हीट स्ट्रोक का इलाज के बारे में डॉक्टर से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ तक कोई जवाब नहीं दे सका। इसके बाद माइनर ओटी पहुंचे। तभी एक संदिग्ध युवक पीछे के गेट से भाग निकला। इसका पता कराया जा रहा है यह कौन था।
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