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मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने जताया खतरा, एसएसपी से मांगी सुरक्षा
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सहारनपुर/सरसावा। शेखुल हिन्द मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज पिलखनी में हटाए गए अस्थायी स्वास्थ्यकर्मी कई दिन से धरने पर हैं। प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी ने उक्त कर्मचारियों पर उनके दफ्तर में जबरन घुसकर दुर्व्यवहार करने, दफ्तर के दोनों दरवाजे भीतर से बंद करने का आरोप लगाया है। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है।
प्राचार्य ने बताया कि शनिवार को करीब 40 पूर्व कर्मचारी भीम आर्मी के समर्थन में नारेबाजी करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन में पहुंचे। यहां तैनात कर्मचारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। इसके बाद सभी लोग जबरन उनके दफ्तर में घुस गए और दुर्व्यवहार शुरू कर दिया। आरोप है कि कुछ युवकों ने दफ्तर के दोनों गेट भीतर से बंद कर लिए। कइयों ने चेतावनी भरे अंदाज में उनका पता भी पूछा और कहा कि यहां कब तक रह पाओगे। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, मगर दरवाजा भीतर से नहीं खोला गया। काफी देर तक हंगामा करने के बाद वह खुद ही लौट गए। प्राचार्य ने बताया कि उक्त कर्मचारी कोरोना में ड्यूटी के लिए अस्थायी रुप से लगाए गए थे, जिनको शासन स्तर से ही हटाया गया है। इसमें कॉलेज प्रशासन का कोई मतलब नहीं है। बीते एक सप्ताह से वह नौकरी पर वापसी की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं।
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निलंबित छात्रों को तलब किया
बीते दिनों एमबीबीएस के दो छात्र गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कॉलेज प्रशासन को पुलिस और पीएसी बुलानी पड़ी थी। जिसके बाद दो छात्रावास खाली करा दिए गए थे। सप्ताह भर पहले प्राचार्य ने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर 27 छात्रों को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया था। अब उक्त छात्रों को आठ दिसंबर को अभिभावकों के साथ उपस्थित होने को कहा है। प्राचार्य छात्रों और उनके अभिभावकों का पक्ष सुनेंगे। पक्ष सुनने के बाद ही उनके निलंबन वापस लेने पर निर्णय होगा।
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- कोविड काल में रखे गए करीब 226 कर्मचारियों को शासन स्तर से ही हटाया गया है। यह लोग सप्ताह भर से आंदोलन कर रहे हैं। शनिवार की शाम करीब 40 युवक जबरन दफ्तर में घुस आए और अंदर से दोनों दरवाजे बंद कर दुर्व्यवहार किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सुरक्षा देेने का अनुरोध किया गया है। साथ ही निलंबित 27 छात्रों को अभिभावकों के साथ आठ दिसंबर को तलब किया गया है।
डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य, शेखुल हिन्द मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज, पिलखनी।
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प्राचार्य ने बताया कि शनिवार को करीब 40 पूर्व कर्मचारी भीम आर्मी के समर्थन में नारेबाजी करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक भवन में पहुंचे। यहां तैनात कर्मचारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। इसके बाद सभी लोग जबरन उनके दफ्तर में घुस गए और दुर्व्यवहार शुरू कर दिया। आरोप है कि कुछ युवकों ने दफ्तर के दोनों गेट भीतर से बंद कर लिए। कइयों ने चेतावनी भरे अंदाज में उनका पता भी पूछा और कहा कि यहां कब तक रह पाओगे। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, मगर दरवाजा भीतर से नहीं खोला गया। काफी देर तक हंगामा करने के बाद वह खुद ही लौट गए। प्राचार्य ने बताया कि उक्त कर्मचारी कोरोना में ड्यूटी के लिए अस्थायी रुप से लगाए गए थे, जिनको शासन स्तर से ही हटाया गया है। इसमें कॉलेज प्रशासन का कोई मतलब नहीं है। बीते एक सप्ताह से वह नौकरी पर वापसी की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं।
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निलंबित छात्रों को तलब किया
बीते दिनों एमबीबीएस के दो छात्र गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कॉलेज प्रशासन को पुलिस और पीएसी बुलानी पड़ी थी। जिसके बाद दो छात्रावास खाली करा दिए गए थे। सप्ताह भर पहले प्राचार्य ने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर 27 छात्रों को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया था। अब उक्त छात्रों को आठ दिसंबर को अभिभावकों के साथ उपस्थित होने को कहा है। प्राचार्य छात्रों और उनके अभिभावकों का पक्ष सुनेंगे। पक्ष सुनने के बाद ही उनके निलंबन वापस लेने पर निर्णय होगा।
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- कोविड काल में रखे गए करीब 226 कर्मचारियों को शासन स्तर से ही हटाया गया है। यह लोग सप्ताह भर से आंदोलन कर रहे हैं। शनिवार की शाम करीब 40 युवक जबरन दफ्तर में घुस आए और अंदर से दोनों दरवाजे बंद कर दुर्व्यवहार किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सुरक्षा देेने का अनुरोध किया गया है। साथ ही निलंबित 27 छात्रों को अभिभावकों के साथ आठ दिसंबर को तलब किया गया है।
डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य, शेखुल हिन्द मौलाना महमूद हसन मेडिकल कॉलेज, पिलखनी।