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मुख्यमंत्री से आस : मेडिकल कॉलेज को भी है सुविधाओं की दरकार
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पुवांरका मे शांकभरी देवी विश्वविद्यालय का शिलान्यास कार्यक्रम स्थल पर बने मंच का निरीक्षण करते
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने सहारनपुर पहुंच रहे हैं। राजकीय विश्वविद्यालय बनने के बाद उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को बाहर नहीं जाना होगा। मगर मुख्यमंत्री जी शिक्षा के साथ ही चिकित्सा भी प्रत्येक व्यक्ति की ऐसी जरूरत है, जिसका खर्च उठा पाना सभी के लिए आसान नहीं होता है। जनपद में शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन राजकीय मेडिकल कॉलेज को शुरू हुए पूरे दस साल बीत चुके हैं, मगर मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सुविधाओं के नाम पर विशेष कुछ नहीं है। नतीजा यह है कि गंभीर मरीजों को इमरजेंसी वार्ड ही से रेफर कर दिया जाता है। प्रति वर्ष कई मरीज हायर सेंटर पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। ऐसे में जनपद के साथ ही आसपास के जिलों की जनता को भी आपसे मेडिकल कॉलेज को पीजीआई बनाने तथा विशेष सुविधाएं देने की उम्मीद है।
इन सुविधाओं का है अभाव
रेडियोलॉजी विभाग में सीटीएमआरआई की सुविधा नहीं।
न्यूरो की सुविधाएं जैसे न्यूरो फिजीशियन और न्यूरो सर्जन नहीं।
दिल के मरीजों के लिए कैथ लैब और टीएमटी की सुविधा नहीं।
ट्रॉमा सेंटर भी नहीं।
न्यू बोर्न केयर यूनिट विकसित नहीं।
सिटी स्कैन की सुविधा नहीं।
प्रोफेसरों की 70 फीसदी कमी।
एसोसिएट प्रोफेसरों की 60 फीसदी कमी।
जेई सिविल, जेई बॉयो मेडिकल और जेई बिजली नहीं।
संसाधनों की मरम्मत के लिए बजट का अभाव।
-----
भर्ती मरीजों की संख्या भी कम
राजकीय मेडिकल कॉलेज में 510 बिस्तर का अस्पताल भी है। एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) की शर्तों के अनुसार मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में 70 फीसदी मरीज भर्ती रहने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। कॉलेज सूत्रों के अनुसार 510 बेड के अस्पताल में तीन नवंबर को कॉलेज में मात्र 32 मरीज भर्ती थे।
पीजी शुरू हो तो बढ़ेंगी सुविधाएं
राजकीय मेडिकल कॉलेज अभी यूजी (अंडर ग्रेजुएट) तक ही है। यहां से अभी तक एमबीबीएस का एक ही बैच निकला है। यदि कॉलेज केे पीजीआई का दर्जा मिल जाए तो यहां स्वास्थ्य सुविधाएं अपने आप बढ़ जाएंगी।
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उठ चुकी है एम्स बनाने की मांग
कैराना से भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी मार्च 2021 में राजकीय मेडिकल कॉलेज, पिलखनी को एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) का दर्जा और सुविधाएं देने की मांग कर चुके हैं, अभी तक कुछ नहीं हुआ है। यदि यह मांग पूरी होती है तो इससे ना केवल उत्तर प्रदेश के कई जिलों को लाभ होगा, बल्कि हरियाणा की जनता भी इसका फायदा उठा सकेगी। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जसवंत सैनी ने जून 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर मेडिकल कॉलेज के लिए सुविधाएं मांगी थी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसरों की 70 फीसदी कमी है। इसके अलावा कईं विभाग और चिकित्सा सुविधाएं भी अभी तक नहीं मिल सकी हैं। यदि बिजली खराब हो जाए तो उसके लिए जेई तक हमारे पास नहीं है। फिर भी हम मौजूदा संसाधनों से जनता को बेहतर से बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास कर रहे हैं। - डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, पिलखनी।
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इन सुविधाओं का है अभाव
रेडियोलॉजी विभाग में सीटीएमआरआई की सुविधा नहीं।
न्यूरो की सुविधाएं जैसे न्यूरो फिजीशियन और न्यूरो सर्जन नहीं।
दिल के मरीजों के लिए कैथ लैब और टीएमटी की सुविधा नहीं।
ट्रॉमा सेंटर भी नहीं।
न्यू बोर्न केयर यूनिट विकसित नहीं।
सिटी स्कैन की सुविधा नहीं।
प्रोफेसरों की 70 फीसदी कमी।
एसोसिएट प्रोफेसरों की 60 फीसदी कमी।
जेई सिविल, जेई बॉयो मेडिकल और जेई बिजली नहीं।
संसाधनों की मरम्मत के लिए बजट का अभाव।
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भर्ती मरीजों की संख्या भी कम
राजकीय मेडिकल कॉलेज में 510 बिस्तर का अस्पताल भी है। एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) की शर्तों के अनुसार मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में 70 फीसदी मरीज भर्ती रहने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। कॉलेज सूत्रों के अनुसार 510 बेड के अस्पताल में तीन नवंबर को कॉलेज में मात्र 32 मरीज भर्ती थे।
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पीजी शुरू हो तो बढ़ेंगी सुविधाएं
राजकीय मेडिकल कॉलेज अभी यूजी (अंडर ग्रेजुएट) तक ही है। यहां से अभी तक एमबीबीएस का एक ही बैच निकला है। यदि कॉलेज केे पीजीआई का दर्जा मिल जाए तो यहां स्वास्थ्य सुविधाएं अपने आप बढ़ जाएंगी।
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उठ चुकी है एम्स बनाने की मांग
कैराना से भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी मार्च 2021 में राजकीय मेडिकल कॉलेज, पिलखनी को एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) का दर्जा और सुविधाएं देने की मांग कर चुके हैं, अभी तक कुछ नहीं हुआ है। यदि यह मांग पूरी होती है तो इससे ना केवल उत्तर प्रदेश के कई जिलों को लाभ होगा, बल्कि हरियाणा की जनता भी इसका फायदा उठा सकेगी। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जसवंत सैनी ने जून 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर मेडिकल कॉलेज के लिए सुविधाएं मांगी थी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसरों की 70 फीसदी कमी है। इसके अलावा कईं विभाग और चिकित्सा सुविधाएं भी अभी तक नहीं मिल सकी हैं। यदि बिजली खराब हो जाए तो उसके लिए जेई तक हमारे पास नहीं है। फिर भी हम मौजूदा संसाधनों से जनता को बेहतर से बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास कर रहे हैं। - डॉ. अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, पिलखनी।

पुवांरका मे शांकभरी देवी विश्वविद्यालय का शिलान्यास कार्यक्रम स्थल पर बने मंच का निरीक्षण करते - फोटो : SAHARANPUR