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Saharanpur News: मंडी में लगे आंधी में टूटे आम के अंबार, नहीं मिल रहे खरीदार
Thu, 25 May 2023 11:51 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 25 May 2023 11:51 PM IST
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छुटमलपुर मंडी में लगा आंधी में टूटे कच्चे आम का अंबार
सहारनपुर, छुटमलपुर। आंधी ने इस बार आम के बागवानों तथा ठेकेदारों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। लगातार आ रही आंधियों से आधी से ज्यादा फसल टूट कर बरबाद हो चुकी है। मंडी में भी आंधी में टूटे आम का कोई खरीदार नहीं मिल रहा है। छुटमलपुर मंडी में बृहस्पतिवार को बीस रुपये प्रति कट्टा के भाव से कच्चा आम बिका जबकि इसके बागों से इक्ट्ठा करवा कर लाने की लागत ही चालीस रुपये आ रही है।
बृहस्पतिवार को छुटमलपुर के रसूलपुर कलां स्थित मंडी यार्ड में करीब तीस हजार कट्टे आंधी से टूटे आम के पहुंचे। कच्चे आम की आवक अचानक बढ़ने से इसके दाम भी जमीन पर आ गिरे हैं। एक सप्ताह पहले तक जहां डेढ़ सौ रुपये प्रति कट्टा कच्चा आम बिक रहा था वहीं बुधवार को वह घटकर नब्बे रुपये पर आ गया था लेकिन बृहस्पतिवार को कच्चे आम के खरीदार ही नहीं मिले। मात्र बीस रुपये प्रति कट्टा के भाव से आम बिका और वह भी सभी लोगों का नहीं बिक सका।
गांव मानूबांस निवासी बाग ठेकेदार मान सिंह 130 कट्टे आम के लेकर मंडी पहुंचा था। उसने बताया कि वह दोपहर को ही आ गया था और शाम के छह बज गए हैं लेकिन खरीदार नहीं मिल रहा है। जबकि वह दो हजार रुपये में पिकअप गाड़ी करके आम के कट्टे लेकर मंडी तक पहुंचा है। अब अगर गाड़ी का किराया भी मिल जाए तो गनीमत है।
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मंडी पहुंचे गांव सिकरोढा के मेहताब अली ने बताया कि वह साठ कट्टे आम के लेकर आया था जो बीस रुपये प्रति कट्टा के भाव से बिके हैं। जबकि उसने खाली कट्टा दस रुपये का खरीदा, बीस रुपये प्रति कट्टा यहां तक लाने का किराया लगा और दस रुपये भरवाने तथा मंडी में उतरवाने की मजदूरी चली गई। ऐसे में चालीस रुपये प्रति कट्टा उसका खर्च हुआ है। इससे तो अच्छा आम को बाग में ही सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता।
आढ़ती अंकित गोयल ने बताया कि सामान्यत मंडी में दो से तीन हजार कट्टे आम के आते हैं लेकिन आंधी के बाद गत दिवस 15000 तो आज 30000 तक कट्टा आम का पहुंच गया है। इस बार आंधी ज्यादा आने के कारण टूटे आम से आचार फैक्टरी के भी स्टाक फुल हो चुके हैं। बाजार में किसी भी भाव का खरीदार नहीं मिल रहा है।
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बृहस्पतिवार को छुटमलपुर के रसूलपुर कलां स्थित मंडी यार्ड में करीब तीस हजार कट्टे आंधी से टूटे आम के पहुंचे। कच्चे आम की आवक अचानक बढ़ने से इसके दाम भी जमीन पर आ गिरे हैं। एक सप्ताह पहले तक जहां डेढ़ सौ रुपये प्रति कट्टा कच्चा आम बिक रहा था वहीं बुधवार को वह घटकर नब्बे रुपये पर आ गया था लेकिन बृहस्पतिवार को कच्चे आम के खरीदार ही नहीं मिले। मात्र बीस रुपये प्रति कट्टा के भाव से आम बिका और वह भी सभी लोगों का नहीं बिक सका।
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गांव मानूबांस निवासी बाग ठेकेदार मान सिंह 130 कट्टे आम के लेकर मंडी पहुंचा था। उसने बताया कि वह दोपहर को ही आ गया था और शाम के छह बज गए हैं लेकिन खरीदार नहीं मिल रहा है। जबकि वह दो हजार रुपये में पिकअप गाड़ी करके आम के कट्टे लेकर मंडी तक पहुंचा है। अब अगर गाड़ी का किराया भी मिल जाए तो गनीमत है।
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मंडी पहुंचे गांव सिकरोढा के मेहताब अली ने बताया कि वह साठ कट्टे आम के लेकर आया था जो बीस रुपये प्रति कट्टा के भाव से बिके हैं। जबकि उसने खाली कट्टा दस रुपये का खरीदा, बीस रुपये प्रति कट्टा यहां तक लाने का किराया लगा और दस रुपये भरवाने तथा मंडी में उतरवाने की मजदूरी चली गई। ऐसे में चालीस रुपये प्रति कट्टा उसका खर्च हुआ है। इससे तो अच्छा आम को बाग में ही सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता।
आढ़ती अंकित गोयल ने बताया कि सामान्यत मंडी में दो से तीन हजार कट्टे आम के आते हैं लेकिन आंधी के बाद गत दिवस 15000 तो आज 30000 तक कट्टा आम का पहुंच गया है। इस बार आंधी ज्यादा आने के कारण टूटे आम से आचार फैक्टरी के भी स्टाक फुल हो चुके हैं। बाजार में किसी भी भाव का खरीदार नहीं मिल रहा है।