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अंगूठे का निशान नहीं आ रहा तो भी बनवाएं गोल्डन कार्ड

Mon, 22 Nov 2021 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Nov 2021 11:51 PM IST
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Make a golden card even if thumb impression is not coming
जिला अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के लिये लगी लाइन - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। आयुष्मान भारत योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के ऐसे पात्र जिनके अंगूठे का निशान (थंब इंप्रेशन) मशीन पर नहीं आ रहा है। उनके भी गोल्डन कार्ड योजना से संबद्ध सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में बनाए जाएंगे।
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योजना में शामिल लोगों के गोल्डन कार्ड सभी सरकारी अस्पतालों, योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों तथा जनसेवा केंद्रों पर बनाए जाते हैं। कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी को सरकार की ओर से भेजा गया वो पत्र लेकर केंद्रों पर जाना होता है, जिसमें उसका नाम अंकित है। वहां थंब इंप्रेशन मशीन पर उक्त व्यक्ति के अंगूठे का निशान लिया जाता है। देखा गया है कि ज्यादातर लोग मजदूर हैं। काम करने की वजह से उनके अंगूठे की रेखाएं मिट जाती हैं। कई लोगों में अधिक उम्र होने की वजह से भी यह शिकायत देखने को मिल रही है, जिसकी वजह से उनका गोल्डन कार्ड नहीं बन पाता है और वह योजना के लाभ से वंचित हो जाते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जिन लोगों के अंगूठे की रेखाएं मशीन में नहीं आ रही हैं। वह किसी भी सरकारी अस्पताल या योजना से संबद्ध निजी अस्पताल में जाकर बिना अंगूठे की रेखाएं आए अपना गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। इसे नॉन आधार गोल्डन कार्ड का नाम दिया गया है। नॉन आधार गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए व्यक्ति को अपना आधार कार्ड, राशन कार्ड या योजना का पत्र जो आया हो प्रस्तुत करना होगा। जनसेवा केंद्रों पर यह नहीं बनाया जाता है। अस्पताल में नॉन आधार गोल्डन कार्ड बनवाने के बाद ही काम पूरा नहीं हो जाता है। योजना का लाभ लेने से पहले उक्त व्यक्ति को अपना आधार कार्ड अपडेट कराना होगा। बिना उसके नॉन आधार गोल्डन कार्ड काम नहीं करेगा।
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आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लाभार्थी, जिनके अंगूठे के निशान मशीन नहीं पकड़ पा रही है। वह किसी भी सरकारी अस्पताल या योजना से संबद्ध निजी अस्पताल में जाकर अपना नॉन आधार गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। सरकार की मंशा है कि किसी भी सूरत में लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए।
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डॉ. सुशील कुमार गुप्ता, कार्यक्रम समन्वयक, आयुष्मान भारत योजना सहारनपुर।
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