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रिमाउंट डिपो में तैनात मेजर ने की खुदकुशी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 02 Jun 2017 12:06 AM IST
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मेजर की आत्महत्या की सूचना पर पहुंंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में रिमाउंट डिपो में तैनात मेजर जीएस बाली ने बुधवार रात अपने क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारा और उसका पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मेजर जीएस बाली जम्मू के रहने वाले थे और पिछले करीब सात माह से रिमाउंट डिपो सहारनपुर में तैनात थे। रिमाउंट डिपो के अधिकारियों के अनुसार वह काफी समय से डिप्रेशन में चल रहे थे।
उनका मेरठ के सैन्य अस्पताल में उपचार चल रहा था। बुधवार की रात को वह ड्यूटी समाप्त कर अपने सरकारी क्वार्टर पर गए थे। बृहस्पतिवार सुबह देर तक उनके क्वार्टर का दरवाजा नहीं खुला तो उनके साथियों को संदेह हुआ, उन्होंने क्वार्टर में जाकर देखा तो वह फंदे पर लटके नजर आए।
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तुरंत ही उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि यह आत्महत्या की घटना है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत फंदे पर लटकने के कारण होने की बात सामने आई है। मेजर के परिवारीजनों को सूचना भिजवा दी गई है।
रिमाउंट डिपो में तैनात मेजर जीएस बाली सुबह 6 बजे होने वाली पीटी और परेड में सबसे पहले पहुंच जाते थे। बृहस्पतिवार को परेड खत्म होने तक भी नहीं पहुंचे तो साथी अधिकारियों को संदेह हुआ। उन्होंने मेजर के सरकारी आवास पर जाकर तलाश किया तब मेजर के आत्महत्या किए जाने का खुलासा हुआ।
जम्मू-कश्मीर के बड़गांव जिले के तहसील बाऊ स्थित रमकी पुरा निवासी मेजर जीएस बाली (42 वर्ष) पुत्र लोक सिंह बाली नवंबर में ही सहारनपुर के रिमाउंट डिपो में तैनात हुए थे। पुलिस के अनुसार वह मानसिक रूप से बीमार थे और मेरठ के एक अस्पताल में उनका काफी समय से उपचार चल रहा था।
समय-समय पर मेरठ जाकर वह दवा लेकर आते थे। पुलिस के अनुसार मेजर के साथी अधिकारियों ने बताया कि मेजर नियमित रूप से सबसे पहले पीटी और परेड के लिए मैदान में पहुंच जाते थे और पूरा समय देते थे, लेकिन बृहस्पतिवार को पीटी समाप्त होने तक भी वह मैदान में नहीं पहुंचे।
उन्हें बुलवाने के लिए भेजा गया। काफी देर तक उनके क्वार्टर का दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला तो संदेह हुआ। साथी अधिकारियों ने किसी प्रकार आवास में झांक कर देखा तो उनके होश उड़ गए।
मेजर रस्सी के फंदे पर लोहे के एंगल से लटक रहे थे। यह देखते ही हड़कंप मच गया। तुरंत ही उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। पुलिस भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। लोगों ने उनके आवास का दरवाजा तोड़ दिया और रस्सी के फंदे पर लटक रहे मेजर को उतारा गया।
पुलिस के अनुसार पूरे कमरे की जांच की, जहां उनकी दवाइयां और कुछ कागज मिले। रिमाउंट डिपो के अधिकारियों ने बताया कि मेजर जीएस बाली मानसिक रोगी थे और काफी समय से मानसिक तनाव में चल रहे थे। बताया जा रहा है कि जीएस बाली के परिवार में जनवरी में बेटी ने जन्म लिया है।
मेजर जीएस बाली जम्मू के रहने वाले थे और पिछले करीब सात माह से रिमाउंट डिपो सहारनपुर में तैनात थे। रिमाउंट डिपो के अधिकारियों के अनुसार वह काफी समय से डिप्रेशन में चल रहे थे।
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उनका मेरठ के सैन्य अस्पताल में उपचार चल रहा था। बुधवार की रात को वह ड्यूटी समाप्त कर अपने सरकारी क्वार्टर पर गए थे। बृहस्पतिवार सुबह देर तक उनके क्वार्टर का दरवाजा नहीं खुला तो उनके साथियों को संदेह हुआ, उन्होंने क्वार्टर में जाकर देखा तो वह फंदे पर लटके नजर आए।
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तुरंत ही उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी। एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि यह आत्महत्या की घटना है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत फंदे पर लटकने के कारण होने की बात सामने आई है। मेजर के परिवारीजनों को सूचना भिजवा दी गई है।
रिमाउंट डिपो में तैनात मेजर जीएस बाली सुबह 6 बजे होने वाली पीटी और परेड में सबसे पहले पहुंच जाते थे। बृहस्पतिवार को परेड खत्म होने तक भी नहीं पहुंचे तो साथी अधिकारियों को संदेह हुआ। उन्होंने मेजर के सरकारी आवास पर जाकर तलाश किया तब मेजर के आत्महत्या किए जाने का खुलासा हुआ।
जम्मू-कश्मीर के बड़गांव जिले के तहसील बाऊ स्थित रमकी पुरा निवासी मेजर जीएस बाली (42 वर्ष) पुत्र लोक सिंह बाली नवंबर में ही सहारनपुर के रिमाउंट डिपो में तैनात हुए थे। पुलिस के अनुसार वह मानसिक रूप से बीमार थे और मेरठ के एक अस्पताल में उनका काफी समय से उपचार चल रहा था।
समय-समय पर मेरठ जाकर वह दवा लेकर आते थे। पुलिस के अनुसार मेजर के साथी अधिकारियों ने बताया कि मेजर नियमित रूप से सबसे पहले पीटी और परेड के लिए मैदान में पहुंच जाते थे और पूरा समय देते थे, लेकिन बृहस्पतिवार को पीटी समाप्त होने तक भी वह मैदान में नहीं पहुंचे।
उन्हें बुलवाने के लिए भेजा गया। काफी देर तक उनके क्वार्टर का दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला तो संदेह हुआ। साथी अधिकारियों ने किसी प्रकार आवास में झांक कर देखा तो उनके होश उड़ गए।
मेजर रस्सी के फंदे पर लोहे के एंगल से लटक रहे थे। यह देखते ही हड़कंप मच गया। तुरंत ही उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। पुलिस भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। लोगों ने उनके आवास का दरवाजा तोड़ दिया और रस्सी के फंदे पर लटक रहे मेजर को उतारा गया।
पुलिस के अनुसार पूरे कमरे की जांच की, जहां उनकी दवाइयां और कुछ कागज मिले। रिमाउंट डिपो के अधिकारियों ने बताया कि मेजर जीएस बाली मानसिक रोगी थे और काफी समय से मानसिक तनाव में चल रहे थे। बताया जा रहा है कि जीएस बाली के परिवार में जनवरी में बेटी ने जन्म लिया है।