{"_id":"60f1cef18ebc3ec3093dd00e","slug":"maintenance-fee-of-industrial-areas-reduced-saharanpur-news-mrt5476891112","type":"story","status":"publish","title_hn":"औद्योगिक क्षेत्रों का अनुरक्षण शुल्क घटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औद्योगिक क्षेत्रों का अनुरक्षण शुल्क घटा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। उत्तरप्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने जनपद मुजफ्फरनगर के बेगराजपुर और सहारनपुर के पिलखनी औद्योगिक क्षेत्रों के सालाना मेंटीनेंस शुल्क में कमी की है।
उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय प्रबंधक सतीश कुमार ने आज यहां यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेगराजपुर और पिलखनी के मंद गति के औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों का वार्षिक अनुरक्षण शुल्क (25 एकड़ क्षेत्र तक) 12 रुपये प्रति वर्ग मीटर था। अब उसे घटाकर अब 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है। इसी प्रकार 25 से 50 एकड़ क्षेत्र वाले औद्योगिक इकाइयों का वार्षिक अनुरक्षण शुल्क 12 रुपये प्रति वर्ग मीटर के स्थान पर आठ रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है। 50 से 100 एकड़ तक की औद्योगिक इकाइयों का वार्षिक अनुरक्षण शुल्क 12 रुपये प्रति वर्ग मीटर के स्थान पर छह रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है।
इसी प्रकार तीव्र एवं अति तीव्र गति औद्योगिक क्षेत्र के वार्षिक अनुरक्षण शुल्क में भी कमी की गई है। 25 एकड़ तक की औद्योगिक इकाइयों से 24 रुपये प्रति वर्ग मीटर के स्थान पर 20 रुपये लिया जाएगा। 25 से 50 एकड़ तक क्षेत्र वाली औद्योगिक इकाइयों से 16 रुपये प्रति वर्ग मीटर तथा 50 से 100 एकड़ क्षेत्र वाली औद्योगिक इकाइयों से अब 12 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क लिया जाएगा, जबकि पूर्व में यह 24 रुपये प्रति वर्ग मीटर का वार्षिक अनुरक्षण शुल्क लिया जा रहा था। उन्होंने कहा कि सालाना रखरखाव शुल्क की कमी करने से बाहरी निवेश में भारी इजाफा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय प्रबंधक सतीश कुमार ने आज यहां यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बेगराजपुर और पिलखनी के मंद गति के औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों का वार्षिक अनुरक्षण शुल्क (25 एकड़ क्षेत्र तक) 12 रुपये प्रति वर्ग मीटर था। अब उसे घटाकर अब 10 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है। इसी प्रकार 25 से 50 एकड़ क्षेत्र वाले औद्योगिक इकाइयों का वार्षिक अनुरक्षण शुल्क 12 रुपये प्रति वर्ग मीटर के स्थान पर आठ रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है। 50 से 100 एकड़ तक की औद्योगिक इकाइयों का वार्षिक अनुरक्षण शुल्क 12 रुपये प्रति वर्ग मीटर के स्थान पर छह रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है।
विज्ञापन
इसी प्रकार तीव्र एवं अति तीव्र गति औद्योगिक क्षेत्र के वार्षिक अनुरक्षण शुल्क में भी कमी की गई है। 25 एकड़ तक की औद्योगिक इकाइयों से 24 रुपये प्रति वर्ग मीटर के स्थान पर 20 रुपये लिया जाएगा। 25 से 50 एकड़ तक क्षेत्र वाली औद्योगिक इकाइयों से 16 रुपये प्रति वर्ग मीटर तथा 50 से 100 एकड़ क्षेत्र वाली औद्योगिक इकाइयों से अब 12 रुपये प्रति वर्ग मीटर शुल्क लिया जाएगा, जबकि पूर्व में यह 24 रुपये प्रति वर्ग मीटर का वार्षिक अनुरक्षण शुल्क लिया जा रहा था। उन्होंने कहा कि सालाना रखरखाव शुल्क की कमी करने से बाहरी निवेश में भारी इजाफा होगा।
विज्ञापन