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मदरसे में पहुंच गया तेंदुअा
अमर उजाला ब्यूरो/ सहारनपुर
Updated Wed, 14 Feb 2018 12:25 AM IST
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तेंदुए के दिखने पर दहशत में मदरसा छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर के बेहट में डिप्टी रेंजर समेत तीन लोगों को हमला कर बुरी तरह से जख्मी कर चुका तेंदुआ कई दिन बाद सोमवार की रात गांव शाहबुद्दीनपुर स्थित एक मदरसे के परिसर में घूमते हुए छात्रों ने देखा। तेंदुए की दहाड़ सुनकर मदरसे के छात्र सहम गए।
मदरसे के एक अध्यापक ने ग्रामीणों को इसकी सूचना दी, लेकिन जब तक ग्रामीणों की भीड़ मदरसे में पहुंचती तेंदुआ वहां से भागकर पास ही एक आम के बाग में घुस गया। सुबह होने पर तेंदुए के पैरों के निशान मदरसे के आसपास दिखाई दिए।
पिछले एक सप्ताह से बेहट सहित आसपास के कई गांवों में शिवालिक जंगल से निकलकर आए तेंदुए की दहशत बनी है। शिवालिक जंगल से निकलकर आए इस तेंदुए ने अब्दुल्लापुर गांव के पास पूर्वी यमुना नहर के किनारे वन विभाग की टीम में शामिल डिप्टी रेंजर पीएन कुकरेती समेत तीन लोगों को हमला कर घायल कर दिया था।
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वन विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीमों के अलावा मेरठ से बुलाई गई टीम भी तेंदुए को पकड़ नहीं सकी थी, जिसके बाद से उसकी दहशत लोगों में बनी हुई है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी तेंदुए के जंगल में वापस जाने का दावा करते आ रहे हैं, जबकि ग्रामीण तेंदुए के बेहट के आसपास जंगल में दिखाई देने की बात कर रहे थे।
रविवार की रात भी बेलका माफी और शाहबुद्दीनपुर गांवों के पास कई जानवरों को अपना शिकार बनाने की बात सामने आई थी। तेंदुआ रात शाहबुद्दीनपुर स्थित मदरसा माहद अस्साहब-ए-सुफ्फा के परिसर में घुस गया। इस मदरसे में करीब 25 बच्चे रहते हैं।
परिसर में घुसे तेंदुए की दहाड़ सुनकर बच्चे सहम गए। उन्हें खिड़की से बाहर झांककर देखा, तो उनके होश उड़ गए। मदरसे के अध्यापक अदनान ने मोबाइल से इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे तेंदुआ वहां से भाग निकला और एक बाग में घुस गया।
रात में ही मस्जिद से एनाउंस कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई। सुबह होने पर मदरसे के आसपास तेंदुए के परों के निशान देखे गए। सुबह वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद सामाजिकी वन प्रभाग की बेहट रेंज से वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के पैरों के निशान की देखकर अधिकारियों को सूचना दी।
सामाजिकी वानिकी प्रभाग सहारनपुर के डीएफओ विजय सिंह ने कहा कि सूचना के बाद वनकर्मियों की टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया था। प्रथम दृष्टया पदचिह्न तेंदुए के नहीं लग रहे हैं। फिर भी ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है और वनकर्मियों की टीमें बनाकर सर्च ऑपरेशन शुरू कराया जाएगा।
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मदरसे के एक अध्यापक ने ग्रामीणों को इसकी सूचना दी, लेकिन जब तक ग्रामीणों की भीड़ मदरसे में पहुंचती तेंदुआ वहां से भागकर पास ही एक आम के बाग में घुस गया। सुबह होने पर तेंदुए के पैरों के निशान मदरसे के आसपास दिखाई दिए।
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पिछले एक सप्ताह से बेहट सहित आसपास के कई गांवों में शिवालिक जंगल से निकलकर आए तेंदुए की दहशत बनी है। शिवालिक जंगल से निकलकर आए इस तेंदुए ने अब्दुल्लापुर गांव के पास पूर्वी यमुना नहर के किनारे वन विभाग की टीम में शामिल डिप्टी रेंजर पीएन कुकरेती समेत तीन लोगों को हमला कर घायल कर दिया था।
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वन विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीमों के अलावा मेरठ से बुलाई गई टीम भी तेंदुए को पकड़ नहीं सकी थी, जिसके बाद से उसकी दहशत लोगों में बनी हुई है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी तेंदुए के जंगल में वापस जाने का दावा करते आ रहे हैं, जबकि ग्रामीण तेंदुए के बेहट के आसपास जंगल में दिखाई देने की बात कर रहे थे।
रविवार की रात भी बेलका माफी और शाहबुद्दीनपुर गांवों के पास कई जानवरों को अपना शिकार बनाने की बात सामने आई थी। तेंदुआ रात शाहबुद्दीनपुर स्थित मदरसा माहद अस्साहब-ए-सुफ्फा के परिसर में घुस गया। इस मदरसे में करीब 25 बच्चे रहते हैं।
परिसर में घुसे तेंदुए की दहाड़ सुनकर बच्चे सहम गए। उन्हें खिड़की से बाहर झांककर देखा, तो उनके होश उड़ गए। मदरसे के अध्यापक अदनान ने मोबाइल से इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे तेंदुआ वहां से भाग निकला और एक बाग में घुस गया।
रात में ही मस्जिद से एनाउंस कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई। सुबह होने पर मदरसे के आसपास तेंदुए के परों के निशान देखे गए। सुबह वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद सामाजिकी वन प्रभाग की बेहट रेंज से वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए के पैरों के निशान की देखकर अधिकारियों को सूचना दी।
सामाजिकी वानिकी प्रभाग सहारनपुर के डीएफओ विजय सिंह ने कहा कि सूचना के बाद वनकर्मियों की टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया था। प्रथम दृष्टया पदचिह्न तेंदुए के नहीं लग रहे हैं। फिर भी ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है और वनकर्मियों की टीमें बनाकर सर्च ऑपरेशन शुरू कराया जाएगा।