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स्कूलों के सामान की खरीद में भी सरकार को चूना
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 13 Apr 2017 12:43 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की मुहिम को सरकारी कर्मचारी ही पलीता लगा रहे हैं। ताजा मामला बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े स्कूलों में सामान की खरीद का है।
बताया गया कि इसमें बीएसए कार्यालय के एक कर्मचारी ने मनमाने ढंग से अपने करीबी की दुकान से 100 स्कूलों का सामान खरीदवाया। मामला विभाग में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। सामान की इस खरीद में लाखों रुपये की कमीशनखोरी का मोटा खेल बताया जा रहा है।
बता दें कि केंद्र सरकार की पढ़े भारत, बढ़े भारत योजना के तहत जनपद के 100 विद्यालय चिह्नित किए गए थे। प्रत्येक स्कूल के लिए करीब 18,000 रुपये जारी किये गए थे। इन पैसों से पुस्तकालय की किताबें, अलमारी, मीना मंच किट आदि सामान खरीदा जाना था।
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यह सामान स्कूल प्रबंध समिति को खरीदना था। सूत्रों की मानें तो बीएसए कार्यालय के एक कर्मचारी ने इसमें बड़ा खेल खेला है। कर्मचारी ने स्कूलों पर दबाव बनाकर एक ही दुकान से सभी 100 स्कूलों के लिए सामान खरीदवाया। बताया गया कि सामान अच्छी गुणवत्ता का नहीं है। जिसमें कर्मचारी द्वारा मोटा कमीशन खाये जाने की चर्चाएं भी विभाग में जोरों पर है।
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बताया गया कि इसमें बीएसए कार्यालय के एक कर्मचारी ने मनमाने ढंग से अपने करीबी की दुकान से 100 स्कूलों का सामान खरीदवाया। मामला विभाग में चर्चाओं का विषय बना हुआ है। सामान की इस खरीद में लाखों रुपये की कमीशनखोरी का मोटा खेल बताया जा रहा है।
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बता दें कि केंद्र सरकार की पढ़े भारत, बढ़े भारत योजना के तहत जनपद के 100 विद्यालय चिह्नित किए गए थे। प्रत्येक स्कूल के लिए करीब 18,000 रुपये जारी किये गए थे। इन पैसों से पुस्तकालय की किताबें, अलमारी, मीना मंच किट आदि सामान खरीदा जाना था।
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यह सामान स्कूल प्रबंध समिति को खरीदना था। सूत्रों की मानें तो बीएसए कार्यालय के एक कर्मचारी ने इसमें बड़ा खेल खेला है। कर्मचारी ने स्कूलों पर दबाव बनाकर एक ही दुकान से सभी 100 स्कूलों के लिए सामान खरीदवाया। बताया गया कि सामान अच्छी गुणवत्ता का नहीं है। जिसमें कर्मचारी द्वारा मोटा कमीशन खाये जाने की चर्चाएं भी विभाग में जोरों पर है।