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तंबाकू पान मसाला कारोबार को 70 करोड़ का फटका
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लॉकडाउन के बहाने ही सही, छोड़ दिया तंबाकू
सहारनपुर। कोरोना काल में तंबाकू और पान मसाला की खपत में करीब 60-70 प्रतिशत तक की कमी आई है। जो 30-40 प्रतिशत बिक्री हुई, उसमें भी ज्यादातर माल चोरी-छिपे बेचा गया। राहत की बात ये रही कि वैश्विक महामारी के इस दौर में लॉकडाउन के बीच हजारों लोगों ने तो तंबाकू का सेवन करना ही छोड़ दिया। वहीं तंबाकू और पान मसाला से जुड़े जिले के कारोबारी दो महीने में 70 करोड़ का व्यापार प्रभावित होने की बात कह रहे हैं।
हर माह होता था 60 करोड़ का कारोबार
लॉकडाउन से पहले प्रतिमाह औसतन 60 करोड़ रुपये का तंबाकू, पान मसाला का कारोबार होता था। मगर लॉकडाउन में हर माह करीब 30 से 40 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। इस बीच जो व्यापार हुआ, वह चोरी-छिपे हुआ। शहर में नक्खासा बाजार, दाल मंडी पुल, अंसारी रोड सहित कुछ अन्य जगहों पर तंबाकू, पान मसाले का प्रमुख कारोबार होता है। इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों और गांव, देहात कस्बों में 7000 से भी अधिक दुकानदार तंबाकू, पान मसाला के उत्पाद बेचते हैं।
लॉकडाउन में ब्लैक में बेचा पान मसाला
एक दिन के जनता कर्फ्यू के बाद अचानक देश में लॉकडाउन लगा दिया गया। इससे पान मसाला खाने वाले परेशान हो उठे। इस बीच जो पान मसाला पांच रुपये का मिलता था, वह तीन गुना दाम में 15 रुपये तक बेचा गया।
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अच्छा हुआ लॉकडाउन में छूट गई लत
पहले तो पान मसाले की बहुत तलब लगती थी। मगर लॉकडाउन की मजबूरी ने न चाहते हुए भी इससे दूर कर दिया। आगे भी इससे बचने की कोशिश करेंगे। एसिड और जलन की समस्या भी दूर हो गई है।
- शशांक, दीनानाथ बाजार
अब तो परिवार के लोग भी खुश
- पहले दोस्तों के साथ ही कभी कभी स्मोकिंग और गुटखा ले लेते थे। लॉकडाउन के शुरुआती चरणों में चोरी छिपके मंगाया भी। मगर अब इससे दूरी बना ली है। परिवार के लोग भी इससे खुश हैं।
- उस्मान, आली की चुंगी
कोरोना के डर से छूटा तंबाकू
- प्राइवेट जॉब में काम करते हुए गुटखा खाता था तो कुछ दोस्त टोकते थे। तब अच्छा नहीं लगता था। अब लॉकडाउन और कोरोना के डर ने अपने आप ही इससे दूर कर दिया।
- सचिन कुमार, दिल्ली रोड
तंबाकू बेचने वाले बोले...
स्टॉक रिलीज नहीं कर पा रहे होल सेलर
तंबाकू, पान मसाला के प्रमुख कारोबारी नवीन मक्कड़ और राकेश गांधी कहते हैं कि कोरोना संक्रमण के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी बातों को ध्यान में रखते हुए तंबाकू, पान, मसाला पर सख्त पाबंदियां लगाई गई थीं। मगर छह मई के बाद इनमें राहत दी गई। इसके बावजूद छोटे और मध्यम दुकानदार इतने डरे हुए हैं कि वे चोरी छिपे ज्यादा और सीधे तौर पर कम बिक्री कर रहे हैं। इसलिए होलसेलर आगे से रुटीन स्टॉक रिलीज नहीं कर पा रहा है।
यही हालत रही तो फल सब्जी बेचेंगे
शहर के कुछ छोटे दुकानदारों नीरज कुमार, रवि, उस्मान, अब्दुल, फुरकान आदि का कहना है कि दो माह से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। ग्राहकों को फोन करके, एसएमएस और व्हाट्सअप पर संपर्क कर छूट के हिसाब से कुछ माल सप्लाई कर पा रहे हैं। यदि ऐसे ही हालात रहे तो उन्हें भी फल सब्जी बेचकर ही बच्चों का पेट पालना पड़ेगा।
तंबाकू, पान मसाला कारोबार की स्थिति
प्रतिमाह कुल कारोबार -- 60 करोड़
जिले में होलसेल कारोबारी 100
मध्यम दुकानदार 700
छोटे दुकानदार 7000
मिश्रित बिक्री वाले 1500
सरकार को टैक्स की स्थिति
तंबाकू कारोबार पर जीएसटी 28 प्रतिशत
- पान मसाला कारोबार पर सेस - 60 प्रतिशत
तंबाकू कारोबार पर सेस - 160 प्रतिशत
कारोबार अपनी जगह, सेहत का भी रखें ध्यान
- शराब, तंबाकू और पान मसाले का कारोबार अपनी जगह है। लेकिन जहां तक स्वास्थ्य की बात है तो कोरोना काल में और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। इसलिए जहां तक हो सके तंबाकू युक्त पान मसाले से बचकर रहें। कहीं पर थूकें भी नहीं और सरकार की गाइडलाइंस का पालन करें। तंबाकू के सेवन से कैंसर का खतरा बहुत ज्यादा होता है।
- डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ, सहारनपुर
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सहारनपुर। कोरोना काल में तंबाकू और पान मसाला की खपत में करीब 60-70 प्रतिशत तक की कमी आई है। जो 30-40 प्रतिशत बिक्री हुई, उसमें भी ज्यादातर माल चोरी-छिपे बेचा गया। राहत की बात ये रही कि वैश्विक महामारी के इस दौर में लॉकडाउन के बीच हजारों लोगों ने तो तंबाकू का सेवन करना ही छोड़ दिया। वहीं तंबाकू और पान मसाला से जुड़े जिले के कारोबारी दो महीने में 70 करोड़ का व्यापार प्रभावित होने की बात कह रहे हैं।
हर माह होता था 60 करोड़ का कारोबार
लॉकडाउन से पहले प्रतिमाह औसतन 60 करोड़ रुपये का तंबाकू, पान मसाला का कारोबार होता था। मगर लॉकडाउन में हर माह करीब 30 से 40 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। इस बीच जो व्यापार हुआ, वह चोरी-छिपे हुआ। शहर में नक्खासा बाजार, दाल मंडी पुल, अंसारी रोड सहित कुछ अन्य जगहों पर तंबाकू, पान मसाले का प्रमुख कारोबार होता है। इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों और गांव, देहात कस्बों में 7000 से भी अधिक दुकानदार तंबाकू, पान मसाला के उत्पाद बेचते हैं।
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लॉकडाउन में ब्लैक में बेचा पान मसाला
एक दिन के जनता कर्फ्यू के बाद अचानक देश में लॉकडाउन लगा दिया गया। इससे पान मसाला खाने वाले परेशान हो उठे। इस बीच जो पान मसाला पांच रुपये का मिलता था, वह तीन गुना दाम में 15 रुपये तक बेचा गया।
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अच्छा हुआ लॉकडाउन में छूट गई लत
पहले तो पान मसाले की बहुत तलब लगती थी। मगर लॉकडाउन की मजबूरी ने न चाहते हुए भी इससे दूर कर दिया। आगे भी इससे बचने की कोशिश करेंगे। एसिड और जलन की समस्या भी दूर हो गई है।
- शशांक, दीनानाथ बाजार
अब तो परिवार के लोग भी खुश
- पहले दोस्तों के साथ ही कभी कभी स्मोकिंग और गुटखा ले लेते थे। लॉकडाउन के शुरुआती चरणों में चोरी छिपके मंगाया भी। मगर अब इससे दूरी बना ली है। परिवार के लोग भी इससे खुश हैं।
- उस्मान, आली की चुंगी
कोरोना के डर से छूटा तंबाकू
- प्राइवेट जॉब में काम करते हुए गुटखा खाता था तो कुछ दोस्त टोकते थे। तब अच्छा नहीं लगता था। अब लॉकडाउन और कोरोना के डर ने अपने आप ही इससे दूर कर दिया।
- सचिन कुमार, दिल्ली रोड
तंबाकू बेचने वाले बोले...
स्टॉक रिलीज नहीं कर पा रहे होल सेलर
तंबाकू, पान मसाला के प्रमुख कारोबारी नवीन मक्कड़ और राकेश गांधी कहते हैं कि कोरोना संक्रमण के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी बातों को ध्यान में रखते हुए तंबाकू, पान, मसाला पर सख्त पाबंदियां लगाई गई थीं। मगर छह मई के बाद इनमें राहत दी गई। इसके बावजूद छोटे और मध्यम दुकानदार इतने डरे हुए हैं कि वे चोरी छिपे ज्यादा और सीधे तौर पर कम बिक्री कर रहे हैं। इसलिए होलसेलर आगे से रुटीन स्टॉक रिलीज नहीं कर पा रहा है।
यही हालत रही तो फल सब्जी बेचेंगे
शहर के कुछ छोटे दुकानदारों नीरज कुमार, रवि, उस्मान, अब्दुल, फुरकान आदि का कहना है कि दो माह से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। ग्राहकों को फोन करके, एसएमएस और व्हाट्सअप पर संपर्क कर छूट के हिसाब से कुछ माल सप्लाई कर पा रहे हैं। यदि ऐसे ही हालात रहे तो उन्हें भी फल सब्जी बेचकर ही बच्चों का पेट पालना पड़ेगा।
तंबाकू, पान मसाला कारोबार की स्थिति
प्रतिमाह कुल कारोबार -- 60 करोड़
जिले में होलसेल कारोबारी 100
मध्यम दुकानदार 700
छोटे दुकानदार 7000
मिश्रित बिक्री वाले 1500
सरकार को टैक्स की स्थिति
तंबाकू कारोबार पर जीएसटी 28 प्रतिशत
- पान मसाला कारोबार पर सेस - 60 प्रतिशत
तंबाकू कारोबार पर सेस - 160 प्रतिशत
कारोबार अपनी जगह, सेहत का भी रखें ध्यान
- शराब, तंबाकू और पान मसाले का कारोबार अपनी जगह है। लेकिन जहां तक स्वास्थ्य की बात है तो कोरोना काल में और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। इसलिए जहां तक हो सके तंबाकू युक्त पान मसाले से बचकर रहें। कहीं पर थूकें भी नहीं और सरकार की गाइडलाइंस का पालन करें। तंबाकू के सेवन से कैंसर का खतरा बहुत ज्यादा होता है।
- डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ, सहारनपुर