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बाजार में किताबों की कमी, भटक रहे विद्यार्थी

Mon, 02 May 2022 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 02 May 2022 11:33 PM IST
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Lack of books in the market, students wandering
हरीश कालड़ा - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। बाजार से किताबें गायब हैं। खासकर एनसीईआरटी की कई विषयों की किताबें विद्यार्थियों को ढूंढे नहीं मिल रही हैं। विद्यार्थियों के दुकानों से खाली लौटने से दुकानदार भी मायूस हैं। किताबों की पूर्ति के लिए ज्यादातर विद्यार्थी पुरानी किताबें खरीद रहे हैं। उधर, निजी स्कूलों की भी कई कक्षाओं की किताबें अभी तक बाजार में नहीं आई हैं, जिसकी वजह से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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स्कूलों में सत्र शुरू हुए एक माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन सरकारी स्कूलों के साथ ही प्राइवेट स्कूलों की भी कई किताबें बाजार में उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। शमीम अहमद ने बताया कि उनके बच्चे डीएवी स्कूल में पढ़ते हैं। एलकेजी और यूकेजी की सभी किताबें नहीं आई हैं। बीते एक माह से चक्कर लगा रहे हैं। विक्रेता उन्हें दो से तीन किताबें ही आने की बात कह रहा है। ऐसे में बच्चे आधी अधूरी किताबें के साथ स्कूल पहुंच रहे हैं। हसनपुर निवासी सुशील ने बताया कि उनका बच्चा एसडी कॉलेज में नौवीं का छात्र है। एनसीईआरटी की किताबें बाजार में नहीं मिल रही हैं। इसके लिए कई दिन से मटिया महल में दुकानदारों के चक्कर लगा रहे हैं। कुछ किताबें पुुरानी खरीदनी पड़ी हैं।
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पढ़ने लायक नहीं रहतीं पुरानी किताबें
पब्लिक स्कूलों के पाठ्यक्रम खासकर प्री-नर्सरी से लेकर यूकेजी तक की ज्यादातर किताबें एक बार इस्तेमाल होने के बाद दोबारा इस्तेमाल नहीं होती हैं। इसकी वजह किताबों में ही लेखन कार्य होना है। एक बार किताब पर बच्चे की पेंसिल और शिक्षक का पेन चलने के बाद किताब दोबारा इस्तेमाल करने लायक नहीं रहती है। ऐसे में अभिभावकों को नई ही किताबें खरीदनी पड़ती हैं।
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दुकानदारों की बात
-स्टेशनरी विक्रेता सचिन कुमार ने बताया कि वह किताबें नहीं बेचते हैं, लेकिन एक माह से उनके पास किताबों के लिए छात्र पहुंच रहे हैं। छात्र बाजार में एनसीईआरटी की किताबें नहीं होने की बात कह रहे हैं।
-पुस्तक विक्रेता रजत गुलाटी का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबों की कमी हर साल होती है। इस बार भी किताबों की कमी है। प्रतिदिन कई छात्र किताबों की मांग करते हैं, लेकिन जब किताबें हैं ही नहीं तो वह मना कर देते हैं।

-पुस्तक विक्रेता हरीश कालड़ा का कहना है कि ज्यादातर किताबें बाजार में हैं, लेकिन कुछ किताबों की कमी है। प्रकाशकों से संपर्क किया जा रहा है, जो जल्द ही किताबें भेजने की बात कह रहे हैं।

सचिन

सचिन- फोटो : SAHARANPUR

रजत गुलाटी

रजत गुलाटी- फोटो : SAHARANPUR

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