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अस्पतालों में कोविड वार्ड तक नहीं बने
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सीएचसी फतेहपुर में बना कोविड वार्ड
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कोरोना की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है, लेकिन चिकित्सा विभाग अभी तक पूरी तरह तैयार नहीं है। बात कोविड वार्डों की करें तो केवल राजकीय मेडिकल कॉलेज और सीएचसी फतेहपुर में 150 बेड तैयार हैं। एसबीडी जिला अस्पताल, ग्लोकल मेडिकल कॉलेज और आठ निजी अस्पतालों में अभी तैयारी शुरू भी नहीं हो सकी है। विभाग और अस्पतालों को शायद तीसरी लहर के गति पकड़ने का इंतजार है।
कोरोना की दूसरी लहर ने जनपद में 300 से अधिक मरीजों की जान ले ली थी। आलम यह था कि चार सरकारी अस्पतालों और नौ गैर सरकारी अस्पतालों में 1,110 बेड की व्यवस्था होने के बावजूद कई मरीजों को बेड तक नहीं मिल सके थे। कई मरीजों को इलाज के लिए यमुनानगर और देहरादून के लिए भागदौड़ करनी पड़ी थी। तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है। जनपद में अभी तक 16 मरीज मिल चुके हैं, जिनमें 11वीं के दो छात्र और एक चार साल का बच्चा भी शामिल है। वार्ड तैयार करने की प्रक्रिया धीमी चल रही है। विभाग की ओर से सभी अस्पतालों को पत्र लिखकर तैयार रहने के लिए कह दिया गया है, मगर इसकी तैयारी अभी तक अधूरी ही है।
जिला अस्पताल तक में वार्ड नहीं
कोरोना की दूसरी लहर में एसबीडी जिला अस्पताल में मात्र दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था, जिसे इस बार 100 बेड के कोविड वार्ड के रूप में विकसित करने की तैयारी है। जिन आठ सीएचसी पर ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित हुए हैं वहां 30-30 बेड के वार्ड जरूरत पड़ने पर बनाने की बात कही गई है। अभी तक जिला अस्पताल तक में वार्ड को लेकर कोई तैयारी नहीं है। इसके अलावा आठ निजी अस्पतालों और ग्लोकल मेडिकल कॉलेज को पत्र जारी कर व्यवस्था करने को कहा गया है, लेकिन चूंकि अभी तक कोरोना को लेकर ऐसी स्थिति नहीं है। ऐसे में निजी अस्पताल भी शिथिलता बरत रहे हैं।
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पीआईसीयू का स्टाफ तैयार नहीं
तीसरी लहर में बच्चों के अधिक प्रभावित होने की आशंका पूर्व में जताई जा चुकी है। ऐसे में शासन के आदेश पर जनपद में 150 बेड के पीआईसीयू तैयार किए गए हैं। इनमें राजकीय मेडिकल कॉलेज में 100 बेड तथा जिला महिला अस्पताल में 50 बेड का पीआईसीयू तैयार है, जिसमें तमाम उपकरण और मशीनें सब तैयार हैं, लेकिन तैनात किया गया स्टाफ प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भी पूरी तरह प्रशिक्षित नहीं हो सका है। दो बार हो चुकी मॉकड्रिल में इसकी पोल भी खुल चुकी है।
दूसरी लहर में बेड की यह थी व्यवस्था
अस्पताल का नाम-----------कोविड वार्ड के बेड
राजकीय मेडिकल कॉलेज---400
सीएचसी फतेहपुर------------50
टीबी अस्पताल---------------50
जिला अस्पताल--------------10
ग्लोकल मेडिकल कॉलेज-----400
वी-ब्रॉस हॉस्पिटल-------------60
सक्षम हॉस्पिटल--------------15
मेडिग्राम-----------------------15
जगदंबा हॉस्पिटल------------20
मेग्राकेयर हॉस्पिटल----------33
पांडेय हॉस्पिटल--------------07
जीवन ज्योति हॉस्पिटल-----20
महावीर हॉस्पिटल------------30
राजकीय मेडिकल कॉलेज और सीएचसी फतेहपुर में कोविड वार्ड तैयार है, जिनमें फिलहाल एक भी मरीज नहीं है। इसी तरह 150 बेड के दो पीआईसीयू भी पूरी तरह तैयार हैं। ग्लोकल मेडिकल कॉलेज के साथ ही सभी आठ निजी अस्पतालों को पत्र लिखकर तैयारी करने को कहा गया है। इस बार पीआईसीयू सहित करीब 500 बेड बढ़ाए जा रहे हैं।
डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।
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कोरोना की दूसरी लहर ने जनपद में 300 से अधिक मरीजों की जान ले ली थी। आलम यह था कि चार सरकारी अस्पतालों और नौ गैर सरकारी अस्पतालों में 1,110 बेड की व्यवस्था होने के बावजूद कई मरीजों को बेड तक नहीं मिल सके थे। कई मरीजों को इलाज के लिए यमुनानगर और देहरादून के लिए भागदौड़ करनी पड़ी थी। तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है। जनपद में अभी तक 16 मरीज मिल चुके हैं, जिनमें 11वीं के दो छात्र और एक चार साल का बच्चा भी शामिल है। वार्ड तैयार करने की प्रक्रिया धीमी चल रही है। विभाग की ओर से सभी अस्पतालों को पत्र लिखकर तैयार रहने के लिए कह दिया गया है, मगर इसकी तैयारी अभी तक अधूरी ही है।
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जिला अस्पताल तक में वार्ड नहीं
कोरोना की दूसरी लहर में एसबीडी जिला अस्पताल में मात्र दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था, जिसे इस बार 100 बेड के कोविड वार्ड के रूप में विकसित करने की तैयारी है। जिन आठ सीएचसी पर ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट स्थापित हुए हैं वहां 30-30 बेड के वार्ड जरूरत पड़ने पर बनाने की बात कही गई है। अभी तक जिला अस्पताल तक में वार्ड को लेकर कोई तैयारी नहीं है। इसके अलावा आठ निजी अस्पतालों और ग्लोकल मेडिकल कॉलेज को पत्र जारी कर व्यवस्था करने को कहा गया है, लेकिन चूंकि अभी तक कोरोना को लेकर ऐसी स्थिति नहीं है। ऐसे में निजी अस्पताल भी शिथिलता बरत रहे हैं।
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पीआईसीयू का स्टाफ तैयार नहीं
तीसरी लहर में बच्चों के अधिक प्रभावित होने की आशंका पूर्व में जताई जा चुकी है। ऐसे में शासन के आदेश पर जनपद में 150 बेड के पीआईसीयू तैयार किए गए हैं। इनमें राजकीय मेडिकल कॉलेज में 100 बेड तथा जिला महिला अस्पताल में 50 बेड का पीआईसीयू तैयार है, जिसमें तमाम उपकरण और मशीनें सब तैयार हैं, लेकिन तैनात किया गया स्टाफ प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भी पूरी तरह प्रशिक्षित नहीं हो सका है। दो बार हो चुकी मॉकड्रिल में इसकी पोल भी खुल चुकी है।
दूसरी लहर में बेड की यह थी व्यवस्था
अस्पताल का नाम-----------कोविड वार्ड के बेड
राजकीय मेडिकल कॉलेज---400
सीएचसी फतेहपुर------------50
टीबी अस्पताल---------------50
जिला अस्पताल--------------10
ग्लोकल मेडिकल कॉलेज-----400
वी-ब्रॉस हॉस्पिटल-------------60
सक्षम हॉस्पिटल--------------15
मेडिग्राम-----------------------15
जगदंबा हॉस्पिटल------------20
मेग्राकेयर हॉस्पिटल----------33
पांडेय हॉस्पिटल--------------07
जीवन ज्योति हॉस्पिटल-----20
महावीर हॉस्पिटल------------30
राजकीय मेडिकल कॉलेज और सीएचसी फतेहपुर में कोविड वार्ड तैयार है, जिनमें फिलहाल एक भी मरीज नहीं है। इसी तरह 150 बेड के दो पीआईसीयू भी पूरी तरह तैयार हैं। ग्लोकल मेडिकल कॉलेज के साथ ही सभी आठ निजी अस्पतालों को पत्र लिखकर तैयारी करने को कहा गया है। इस बार पीआईसीयू सहित करीब 500 बेड बढ़ाए जा रहे हैं।
डॉ. संजीव मांगलिक, सीएमओ।

जिला अस्पताल में बना कोविड पीको वार्ड- फोटो : SAHARANPUR