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अमीरों पर करम, गरीबों पर सितम
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 02 Apr 2017 12:27 AM IST
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अतिक्रमण हटाती जेसीबी।
- फोटो : Encroachment removed JCB
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सहारनपुर शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहे अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह रसूखदारों के प्रति नरमी और गरीबों के साथ कड़क रवैया अपनाना है।
शनिवार को अंबाला रोड पर चले अभियान में भी यही नजर आया, जहां सड़क पर बना होटल का चबूतरा छोड़ दिया गया, जबकि फल बेचने वालों की बाल्टी और टोकरियां तक जब्त कर ली गईं। प्रशासन के इस रवैये से पीड़ितों में रोष है।
कमिश्नर एमपी अग्रवाल और डीएम शफकत कमाल की सख्ती के बाद से अधिकारी अतिक्रमण हटवाने के लिए राजी हुए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट हरिशंकर ने बाकायदा अतिक्रमण हटाने की डेट शीट तैयार की है।
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उम्मीद थी कि शहर अतिक्रमण मुक्त होगा, लेकिन कुछ अधिकारियों की मंशा और कुछ अतिक्रमणकारियों की मनमानी अभियान को फेल कर रही है। शनिवार को अतिक्रमण हटाने का दूसरा दिन था।
टीम घंटाघर से ईदगाह तक यानी अंबाला रोड पर अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। 12 बजे शुरू हुए अभियान में अंबाला रोड पर घंटाघर के नजदीक ही पहले एक छोटी सी दुकान के सामने नाले पर डाला गया स्लैब जेसीबी से तुड़वा दिया गया।
इससे ठीक आगे एक होटल ने करीब तीन फुट आगे चबूतरा बनाया हुआ है। उम्मीद थी कि इसे भी ध्वस्त कराया जाएगा। लेकिन, व्यापार संगठन के पदाधिकारियों के मौके पर पहुंच जाने की वजह से टीम चबूतरे को छोड़कर आगे चली गई।
बस अड्डे के पास फल विक्रेताओं ने अपने रेहड़े पहले से ही किनारे लगा लिए थे। मगर अतिक्रमण हटाओ अभियान में शामिल कर्मचारियों ने जबरन उनकी बल्टी और टोकरियां तक जब्त कर लीं।
पूरे अभियान में प्रशासन का यही रवैया नजर आया, जिसे लेकर हर कोई हैरान नजर आया। अभियान में सिटी मजिस्ट्रेट हरिशंकर, सीओ द्वितीय अब्दुल कादिर, अपर नगरायुक्त सच्चिादानंद सिंह और नगर निगम के कर्मचारी शामिल रहे।
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शनिवार को अंबाला रोड पर चले अभियान में भी यही नजर आया, जहां सड़क पर बना होटल का चबूतरा छोड़ दिया गया, जबकि फल बेचने वालों की बाल्टी और टोकरियां तक जब्त कर ली गईं। प्रशासन के इस रवैये से पीड़ितों में रोष है।
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कमिश्नर एमपी अग्रवाल और डीएम शफकत कमाल की सख्ती के बाद से अधिकारी अतिक्रमण हटवाने के लिए राजी हुए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट हरिशंकर ने बाकायदा अतिक्रमण हटाने की डेट शीट तैयार की है।
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उम्मीद थी कि शहर अतिक्रमण मुक्त होगा, लेकिन कुछ अधिकारियों की मंशा और कुछ अतिक्रमणकारियों की मनमानी अभियान को फेल कर रही है। शनिवार को अतिक्रमण हटाने का दूसरा दिन था।
टीम घंटाघर से ईदगाह तक यानी अंबाला रोड पर अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। 12 बजे शुरू हुए अभियान में अंबाला रोड पर घंटाघर के नजदीक ही पहले एक छोटी सी दुकान के सामने नाले पर डाला गया स्लैब जेसीबी से तुड़वा दिया गया।
इससे ठीक आगे एक होटल ने करीब तीन फुट आगे चबूतरा बनाया हुआ है। उम्मीद थी कि इसे भी ध्वस्त कराया जाएगा। लेकिन, व्यापार संगठन के पदाधिकारियों के मौके पर पहुंच जाने की वजह से टीम चबूतरे को छोड़कर आगे चली गई।
बस अड्डे के पास फल विक्रेताओं ने अपने रेहड़े पहले से ही किनारे लगा लिए थे। मगर अतिक्रमण हटाओ अभियान में शामिल कर्मचारियों ने जबरन उनकी बल्टी और टोकरियां तक जब्त कर लीं।
पूरे अभियान में प्रशासन का यही रवैया नजर आया, जिसे लेकर हर कोई हैरान नजर आया। अभियान में सिटी मजिस्ट्रेट हरिशंकर, सीओ द्वितीय अब्दुल कादिर, अपर नगरायुक्त सच्चिादानंद सिंह और नगर निगम के कर्मचारी शामिल रहे।