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बैंडबाजों संग निकाली गई मंगल कलश यात्रा
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बैंडबाजों संग निकाली गई मंगल कलश यात्रा
नानौता। क्षेत्र के गांव खुडाना में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व शिव मंदिर से नगरखेड़ा स्थित कथास्थल तक बैंडबाजे के साथ कलश शोभायात्रा निकाली गई। इसमें 101 पीत वस्त्रधारी महिलाओं ने कलश सिर पर धारण करते हुए गांव की गलियों से होती हुई कथा स्थल तक पहुंची। यात्रा की अगुवाई पं रामगोपाल शास्त्री (वृंदावन वाले) द्वारा की गई।
कथा के पहले दिन पंडित रामगोपाल शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा सुनने मात्र से मनुष्य के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने भक्तों को भक्ति और ज्ञान की वैराग्य शक्ति के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भक्त अपनी भक्ति के बल पर भगवान को भी अपने पराधीन कर सकता है। यदि सच्ची लगन से हम अपने आराध्य देव का नियमित स्मरण करे तो हम कष्टों से दूर रह सकते हैं। भक्ति ही ऐसा मार्ग है जिस पर चलकर हम मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान संजय राणा खुडाना, मोहन राणा, राकेश पुंडीर, मा. संतोष, पवन कुमार, शेरजंग, मोनी राणा, कुलदीप सिंह, प्रताप सिंह, रीटा राणा, सुनीता देवी, राधा रानी सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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नानौता। क्षेत्र के गांव खुडाना में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व शिव मंदिर से नगरखेड़ा स्थित कथास्थल तक बैंडबाजे के साथ कलश शोभायात्रा निकाली गई। इसमें 101 पीत वस्त्रधारी महिलाओं ने कलश सिर पर धारण करते हुए गांव की गलियों से होती हुई कथा स्थल तक पहुंची। यात्रा की अगुवाई पं रामगोपाल शास्त्री (वृंदावन वाले) द्वारा की गई।
कथा के पहले दिन पंडित रामगोपाल शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा सुनने मात्र से मनुष्य के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने भक्तों को भक्ति और ज्ञान की वैराग्य शक्ति के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भक्त अपनी भक्ति के बल पर भगवान को भी अपने पराधीन कर सकता है। यदि सच्ची लगन से हम अपने आराध्य देव का नियमित स्मरण करे तो हम कष्टों से दूर रह सकते हैं। भक्ति ही ऐसा मार्ग है जिस पर चलकर हम मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान संजय राणा खुडाना, मोहन राणा, राकेश पुंडीर, मा. संतोष, पवन कुमार, शेरजंग, मोनी राणा, कुलदीप सिंह, प्रताप सिंह, रीटा राणा, सुनीता देवी, राधा रानी सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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