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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   justice: 550 page charge sheet, 20 witnesses, case lasted nine years and two months, now 10 sentenced

आखिर मिला न्याय: 550 पेज का आरोप पत्र, 20 गवाह, नौ साल दो माह चला केस, अब 10 को आजीवन कारावास

Thu, 01 Feb 2024 12:28 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 01 Feb 2024 12:28 PM IST
सार

देवबंद क्षेत्र में मकान के विवाद में नवंबर 2014 में दो सगे भाइयों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। कर दी गई थी। इस मामले में अदालत ने एक ही कुनबे के 10 लोगों को आजीवन कारावास की सजा का एलान किया गया।

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justice: 550 page charge sheet, 20 witnesses, case lasted nine years and two months, now 10 sentenced
आरोपियों को लेकर जाती पुलिस - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

देवबंद के गांव थीतकी में सनव्वर और आलमगीर के हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा का एलान किया गया। सजा दिलाने में सबसे अहम प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही रही। इस केस में पुलिस की तरफ से 550 पेज का आरोप पत्र दाखिल किया गया था, जिसमें 20 गवाह थे। केस करीब नौ साल दो माह तक चला। अब जाकर पीड़ितों को न्याय मिला।

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गवाहों में परिवार के सदस्यों के अलावा बाहरी लोग भी थे। खास बात यह रही कि एक भी गवाह नहीं मुकरा। केस शुरू होने से लेकर आखिर तक सभी अपनी गवाही पर अडिग रहे। मृतकों के चचेरे भाई और केस के वादी रहे मुकर्रम और हुसैन अहमद ने बताया कि 28 नवंबर 2014 को जब दोषियों ने उनके भाइयों की गोली मारकर हत्या की थी, उसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।

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दोषियों ने एक मकान को कब्जाने की खातिर उनके भाइयों को मौत के घाट उतार दिया था। केस की अवधि के दौरान कई बार मन उदास भी हुआ, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। अदालत पर पूरा भरोसा था। बुधवार को जब अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई तो एक बार को उनकी आंखें नम हो गई।

बच्चों के सिर से उठ गया था पिता का साया
जब आलमगीर की हत्या हुई थी, तब उसकी उम्र 40 वर्ष थी, जबकि सनव्वर 35 साल का था। आलमगीर के पांच और सनव्वर के दो बच्चे हैं। दोनों की हत्या से बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया था, लेकिन उनकी पत्नी और परिवार सदस्यों ने बच्चों का पालन पोषण करने के साथ पढ़ाई-लिखाई भी करा रहे हैं।

मकान था विवाद की जड़
जिस मकान को लेकर दोहरा हत्याकांड हुआ था वह मुकर्रम और हुसैन ने मिलकर आरोपी पक्ष इस्लाम से खरीदा था। इसके बाद इस्लाम पक्ष मकान को दोबारा वापस मांग रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद था। जिसके चलते दोहरा हत्याकांड हुआ था। एक मकान की खातिर कई परिवार बर्बाद हो गए।

टॉप-10 अपराधी है उस्मान
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि दोषी उस्मान जिले का टॉप-10 अपराधी है, जो उस समय जमानत पर आया हुआ था। उसके खिलाफ से अलग-अलग थानों जानलेवा हमला, रंगदारी, मांगने और गिरोह बनाकर समाज में भय फैलाने से 10 से अधिक केस दर्ज है। जिसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली हुई है।

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