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Saharanpur News: संयुक्त निदेशक दे चुके बेगुनाही के प्रमाण, नहीं हो रहा समस्या का समाधान
Sun, 30 Aug 2026 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 30 Aug 2026 12:40 AM IST
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सहारनपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में मास्टर डाटा/फीस लॉक समय से न करने के मामले में शासन ने बीते वर्ष राजकीय आईटीआई के अनेक अधिकारियों और लिपिकों पर कार्रवाई की थी। दंडित होने वालों में संयुक्त शिक्षा निदेशक बीबी सिंह भी शामिल हैं, जबकि उनका कहना है कि जिस समय का यह मामला है उस समय वह सहारनपुर में तैनात ही नहीं थे। अपनी बेगुनाही के सुबूत वह 15 महीने से उच्चाधिकारियों को भेज रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
बीबी सिंह ने बताया कि वह प्रशिक्षण निदेशालय को पत्र लिखकर बता चुके हैं कि जिस वित्तीय वर्ष का मामला है। उस वित्तीय वर्ष में उनकी पदोन्नति संयुक्त निदेशक पद पर नहीं हुई थी। 29 मई 2025 में वह प्रधानाचार्य श्रेणी-1 से संयुक्त निदेशक के पद पर पदोन्नत हुए, साथ ही उनकी सहारनपुर मंडल में तैनाती का आदेश 14 जून 2025 को जारी हुआ। इसके बाद उन्होंने 18 जून 2025 को सहारनपुर में कार्यभार ग्रहण किया। ऐसे में वित्तीय वर्ष 2024-25 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत मास्टर डाटा/फीस लॉक उनके कार्यकाल में नहीं हुआ। बीबी सिंह ने बताया कि इस बात के सुबूत वह अलग-अलग माध्यम से निदेशालय को भेज चुके हैं, लेकिन समस्या अभी तक बनी हुई है।
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यह था मामला
प्रदेशभर में छह लाख पात्र विद्यार्थियों को शुल्क प्रतिपूर्ति की भरपाई नहीं होने पर प्रदेश के 14 अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि भेजी गई थी, जबकि एक लिपिक को निलंबित किया गया था। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 100 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश भी दिए थे।
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बीबी सिंह ने बताया कि वह प्रशिक्षण निदेशालय को पत्र लिखकर बता चुके हैं कि जिस वित्तीय वर्ष का मामला है। उस वित्तीय वर्ष में उनकी पदोन्नति संयुक्त निदेशक पद पर नहीं हुई थी। 29 मई 2025 में वह प्रधानाचार्य श्रेणी-1 से संयुक्त निदेशक के पद पर पदोन्नत हुए, साथ ही उनकी सहारनपुर मंडल में तैनाती का आदेश 14 जून 2025 को जारी हुआ। इसके बाद उन्होंने 18 जून 2025 को सहारनपुर में कार्यभार ग्रहण किया। ऐसे में वित्तीय वर्ष 2024-25 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत मास्टर डाटा/फीस लॉक उनके कार्यकाल में नहीं हुआ। बीबी सिंह ने बताया कि इस बात के सुबूत वह अलग-अलग माध्यम से निदेशालय को भेज चुके हैं, लेकिन समस्या अभी तक बनी हुई है।
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यह था मामला
प्रदेशभर में छह लाख पात्र विद्यार्थियों को शुल्क प्रतिपूर्ति की भरपाई नहीं होने पर प्रदेश के 14 अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि भेजी गई थी, जबकि एक लिपिक को निलंबित किया गया था। साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 100 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के आदेश भी दिए थे।
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