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Saharanpur News: अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की चोटियों पर तिरंगा लहराएगा जोगिंदर
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-सहारनपुर के गांव ढोल्ला माजरा निवासी जोगिंदरपाल अभी तक अनेक चोटियों को कर चुके हैं फतेह
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। नकुड़ के गांव ढोल्ला माजरा निवासी पर्वतारोही जोगिंदर एक बार फिर से चोटियों पर तिरंगा फहराने को तैयार है। इस बार वह एक नहीं, बल्कि दो चोटियों को फतेह करेगा। इनमें एक ऑस्ट्रेलिया तो दूसरी दक्षिणी अमेरिका की है।
जोगिंदर ने बताया कि वह इसी वर्ष जिन चोटियों को फतेह करेगा। उनमें पहली ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी सियस्को है, जिसकी ऊंचाई 7,300 फीट है। इसके बाद वह दक्षिणी अमेरिका स्थित दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी माउंट एकाॅनगुहा को फतेह करेगा, जिसकी ऊंचाई 22,000 फीट है। जोगिंदर जनपद का ऐसा पहला पर्वतारोही है, जिसने सातों बड़ी चोटियों को फतेह कर उनपर तिरंगा लहराने का लक्ष्य रखा है। इससे पहले वह 2017 में अफ्रीका की किलीमंजारो चोटी पर चढ़ चुके हैं, जिसकी ऊंचाई 19,340 फीट है। 2017 ही में उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी अल्ब्रुश को फतेह किया था। उन्होंने पर्वतारोहण का प्रशिक्षण अटल बिहारी वाजपेई माउंटेरेनिंग इंस्टीट्यूट मनाली से लिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। नकुड़ के गांव ढोल्ला माजरा निवासी पर्वतारोही जोगिंदर एक बार फिर से चोटियों पर तिरंगा फहराने को तैयार है। इस बार वह एक नहीं, बल्कि दो चोटियों को फतेह करेगा। इनमें एक ऑस्ट्रेलिया तो दूसरी दक्षिणी अमेरिका की है।
जोगिंदर ने बताया कि वह इसी वर्ष जिन चोटियों को फतेह करेगा। उनमें पहली ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी सियस्को है, जिसकी ऊंचाई 7,300 फीट है। इसके बाद वह दक्षिणी अमेरिका स्थित दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी माउंट एकाॅनगुहा को फतेह करेगा, जिसकी ऊंचाई 22,000 फीट है। जोगिंदर जनपद का ऐसा पहला पर्वतारोही है, जिसने सातों बड़ी चोटियों को फतेह कर उनपर तिरंगा लहराने का लक्ष्य रखा है। इससे पहले वह 2017 में अफ्रीका की किलीमंजारो चोटी पर चढ़ चुके हैं, जिसकी ऊंचाई 19,340 फीट है। 2017 ही में उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी अल्ब्रुश को फतेह किया था। उन्होंने पर्वतारोहण का प्रशिक्षण अटल बिहारी वाजपेई माउंटेरेनिंग इंस्टीट्यूट मनाली से लिया है।
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